CJP Protest: सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांकचुक ने अपनी अनिश्चितकालीन भुख हड़ताल खत्म कर दी है। उन्होंने गुरुवार आधी रात के करीब मेदांता अस्पताल में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह से मुलाकात के बाद और नीट पेपर लीक मामले में सरकार का भरोसा मिलने के बाद अपना अनशन खत्म करने की घोषणा की। वहीं, इस खबर के मिलने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने शुक्रवार को कहा कि उसे "राहत और खुशी" है कि एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने अपनी 26 दिन की भूख हड़ताल खत्म कर दी है, लेकिन पार्टी ने जोर देकर कहा कि जंतर-मंतर पर उसका शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं दे देते।
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने कहा कि हमारी मुख्य मांग है धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा। अगर सरकार यह बात मान लेती है तो हम यह प्रोटेस्ट बंद कर देंगे।
उन्होंने कहा कि पार्टी 20 जुलाई को हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर सबूत जुटाएगी। इसके लिए CJP एक वेबसाइट लॉन्च कर रही है, जहां छात्र और प्रदर्शनकारी पुलिस कार्रवाई से जुड़े फोटो और वीडियो अपलोड कर सकेंगे।
दिपके ने बताया कि वेबसाइट के जरिए 20 जुलाई के प्रदर्शन में शामिल छात्रों से अपील की जाएगी कि वे उन पुलिसकर्मियों की तस्वीरें और वीडियो साझा करें, जिन पर हमले या गलत कार्रवाई का आरोप है।
उन्होंने कहा कि मिले हुए सबूतों के आधार पर संबंधित पुलिसकर्मियों की पहचान की जाएगी और उनके खिलाफ FIR दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
CJP संस्थापक ने यह भी कहा कि अगर दिल्ली पुलिस इस मामले में FIR दर्ज नहीं करती है, तो पार्टी अदालत का दरवाजा खटखटाएगी।
कॉकरोच जनता पार्टी ने सरकार के साथ होने वाली बैठक से पहले कहा है कि केंद्र को बातचीत में सकारात्मक और गंभीर इरादे के साथ आना होगा। वहीं, केंद्र सरकार ने बताया कि इस बैठक में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह मौजूद रहेंगे।
CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने आगे कहा कि उनकी कुछ मांगें ऐसी हैं, जिन पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि "सरकार को बैठक में सही मंशा के साथ आना होगा। हमारी कुछ मांगें पूरी तरह गैर-समझौतावादी (Non-Negotiable) हैं।"
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दिपके ने 20 जुलाई को 'संसद चलो' मार्च के दौरान हुई हिंसा को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि "20 जुलाई की हिंसा दिल्ली पुलिस और सरकार की सोची-समझी साजिश थी।"