CJP Parliament March: दिल्ली हाई अलर्ट पर! जंतर-मंतर पूरी तरह सील, अस्पताल से सोनम वांगचुक ने 'संसद चलो मार्च' पर रखी ये बड़ी शर्तें
CJP Sansad March Delhi Police Alert: जंतर-मंतर को रातोंरात चारों तरफ से सील कर दिया गया है ताकि कोई भी बाहर न निकल सके। पुलिस ने चेतावनी दी है कि संसद की तरफ बढ़ने की किसी भी कोशिश को 'गैरकानूनी सभा' माना जाएगा और कानूनी कार्रवाई होगी। दिल्ली की सीमाओं पर भी चेकिंग बढ़ा दी गई है और दिल्ली की तरफ आने वाले सभी रास्तों पर ट्रैफिक पूरी तरह चोक है
दिल्ली पुलिस ने संसद की तरफ जाने वाले सभी रास्तों को अभेद्य किले में तब्दील कर दिया है
CJP Sansad Chalo March Delhi Updates: नीट पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ियों के विरोध में और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर जंतर-मंतर पर जारी कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन का आज 23वां दिन है। आज यानी 20 जुलाई को मानसून सत्र के पहले दिन प्रदर्शनकारियों ने 'संसद चलो मार्च' का ऐलान किया है, जिसे देखते हुए पूरी दिल्ली को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
जंतर-मंतर पर 3,000 से ज्यादा प्रदर्शनकारी डटे हुए हैं, वहीं दिल्ली पुलिस ने संसद की तरफ जाने वाले सभी रास्तों को अभेद्य किले में तब्दील कर दिया है। इस बीच, सफदरजंग अस्पताल में भर्ती दिग्गज पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपना अनशन तोड़ने के लिए सरकार के सामने सीधी शर्तें रख दी हैं। आइए जानते हैं दिल्ली में सुरक्षा के क्या हालात हैं और वांगचुक की मांगें क्या हैं।
अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक की शर्तें क्या हैं?
नीट गड़बड़ियों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े सोनम वांगचुक को शनिवार को पुलिस ने जबरन सफदरजंग अस्पताल में भर्ती करा दिया था। अस्पताल से ही वांगचुक ने सोमवार को अपना संदेश जारी कर अनशन खत्म करने के लिए दो बड़ी शर्तें रखी हैं:
केंद्र सरकार जिम्मेदारी ले: सरकार आधिकारिक तौर पर नीट पेपर लीक और परीक्षाओं में हुई धांधली की जिम्मेदारी स्वीकार करे।
सांसदों से मिले आश्वासन: या तो उन्हें और CJP के नेताओं को संसद तक जाने दिया जाए, जहां सांसद उन्हें भरोसा दें कि इस मुद्दे को संसद के पटल पर उठाया जाएगा।
अस्पताल में आएं नेता: वांगचुक ने कहा कि अगर गिरती सेहत के कारण वे मार्च में शामिल नहीं हो पाते हैं, तो राजनीतिक नेता खुद सफदरजंग अस्पताल आएं और उन्हें इस बात का ठोस आश्वासन दें।
वांगचुक ने यह गंभीर आरोप भी लगाया कि सफदरजंग अस्पताल में उन्हें एक तरह से 'अवैध हिरासत' में रखा गया है, जहां उनके घूमने-फिरने, बोलने और लोगों से बातचीत करने पर पाबंदी लगा दी गई है।
अभेद किले में तब्दील दिल्ली, छावनी बना लुटियंस जोन
सीजेपी के इस मार्च को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं:
धारा 163 लागू और जंतर-मंतर सील: नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 (पुरानी धारा 144) लागू कर दी गई है। जंतर-मंतर को रातोंरात चारों तरफ से सील कर दिया गया है ताकि कोई भी बाहर न निकल सके।
पैरामिलिट्री फोर्सेज की तैनाती: संसद भवन, रेल भवन, इंडिया गेट और वीआईपी इलाकों में दंगा नियंत्रण वाहनों, बख्तरबंद गाड़ियों के साथ रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और सीआरपीएफ की कई कंपनियां तैनात की गई हैं।
पुलिस की सख्त चेतावनी: दिल्ली पुलिस लाउडस्पीकर से लगातार घोषणा कर रही है कि इस मार्च के लिए कोई अनुमति नहीं ली गई है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि संसद की तरफ बढ़ने की किसी भी कोशिश को 'गैरकानूनी सभा' माना जाएगा और कानूनी कार्रवाई होगी। दिल्ली की सीमाओं पर भी चेकिंग बढ़ा दी गई है। दिल्ली में घुसने वाले रास्तों पर ट्रैफिक पूरी तरह चोक है।
ट्रैफिक एडवाइजरी: इन रास्तों पर जाने से बचें
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने सोमवार को संसद और उसके आसपास के इलाकों में भारी जाम और प्रतिबंधों की चेतावनी जारी की है। वाहन चालकों को सलाह दी गई है कि वे इन रास्तों का इस्तेमाल करने से बचें:
प्रभावित मार्ग: रफी मार्ग, पार्लियामेंट स्ट्रीट, अशोका रोड और रायसीना रोड।
प्रभावित जंक्शन: विजय चौक और पटेल चौक के पास सांसदों और वीआईपी की आवाजाही तथा सुरक्षा कारणों से ट्रैफिक को बार-बार रोका या डायवर्ट किया जा सकता है।
क्या बातचीत के लिए तैयार है सरकार?
इस पूरे तनाव के बीच एक राहत भरी खबर भी आ रही है। सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास ने मीडिया को बताया है कि एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने उनसे संपर्क किया है। पुलिस का कहना है कि अगर प्रदर्शनकारी अपने मार्च को उग्र नहीं करते हैं और सीमित दायरे में रहते हैं, तो सरकार बातचीत की नई लाइन खोलने और चर्चा करने के लिए तैयार है। सौरव दास के मुताबिक, 'हम शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं और हम अधिकारियों के संपर्क में हैं, हालांकि अभी कुछ भी पूरी तरह ठोस नहीं लग रहा है।'