मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में राम मंदिर चंदा चोरी विवाद पर बड़ा बयान दिया है। सीएम योगी ने कहा कि जिस कांग्रेस ने कभी राम को नकार दिया, वो पार्टी आज मंदिर के नाम पर मचल रही है। अयोध्या में जनता को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने अयोध्या में चंदा चोरी के आरोपों पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि राम मंदिर के लिए 500 साल संघर्ष हुआ इसलिए कोई भी अयोध्या को बदनाम न करे. किसी के पास चंदा चोरी का कोई सबूत है तो वह एसआईटी को दे, इसकी पूरी जांच और सख्त एक्शन होगा।
सीएम योगी ने कही सख्त एक्शन की बात
अयोध्या में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। उन्होंने भरोसा जताया कि जांच पूरी होने के बाद सच्चाई सामने आ जाएगी। योगी आदित्यनाथ ने लोगों से संयम बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि ऐसी कोई बात नहीं कहनी चाहिए जिससे राम भक्तों की भावनाएं आहत हों। जिन लोगों के पास किसी मामले से जुड़े दस्तावेज या सबूत हैं, वे उन्हें एसआईटी को सौंप दें।
उन्होंने श्रद्धालुओं से भगवान राम के आदर्शों, सम्मान और धैर्य को बनाए रखने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि अयोध्या और राम जन्मभूमि मंदिर की छवि खराब करने की कोशिशों से प्रभावित होने की जरूरत नहीं है। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर राम मंदिर आंदोलन का विरोध करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों ने राम भक्तों और कार सेवकों के खिलाफ काम किया था।
बता दें कि, राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी का विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। इस महीने की शुरुआत में अयोध्या राम मंदिर के दानपात्र से नकदी और अन्य वस्तुओं के गायब होने के आरोप लगे हैं। सीएम योगी ने कहा कि मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। वहीं इस मामले में जांच कर रही एसआईटी की टीम लगातार छापेमारी कर रही है। राम मंदिर के ट्रस्ट पदाधिकारी अनिल मिश्रा, महासचिव चंपत राय और उनके ड्राइवर रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव तथा गोपाल राव से पूछताछ की गई।