Yogi Adityanath: "सार्वजनिक जगहों पर कुर्बानी नहीं", बकरीद से पहले सीएम योगी के कड़े निर्देश

Yogi Adityanath: बकरीद का त्योहार नजदीक है, ऐसे में यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को अधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि त्योहार के दौरान सार्वजनिक स्थानों पर जानवरों की कुर्बानी की अनुमति नहीं होगी।

अपडेटेड May 25, 2026 पर 10:48 AM
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'सार्वजनिक जगहों पर कुर्बानी नहीं' बकरीद से पहले सीएम योगी के कड़े निर्देश

Yogi Adityanath: बकरीद का त्योहार नजदीक है, ऐसे में यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को अधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि त्योहार के दौरान सार्वजनिक स्थानों पर जानवरों की कुर्बानी की अनुमति नहीं होगी। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि कुर्बानी केवल पहले से तय स्थानों पर ही की जाए और किसी भी नई परंपरा को बढ़ावा न दिया जाए। उन्होंने यह भी दोहराया कि प्रतिबंधित जानवरों की कुर्बानी पर पूरी तरह रोक रहेगी।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नमाज केवल पारंपरिक और निर्धारित स्थानों पर ही अदा की जाए। किसी भी स्थिति में सड़क जाम करके नमाज पढ़ने की अनुमति न दी जाए।

सरकार की ओर से जारी बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री ने ये निर्देश रविवार को सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा बैठक के दौरान दिए। योगी आदित्यनाथ ने इस बात पर भी जोर दिया कि कुर्बानी के बाद निकलने वाले कचरे के निपटारे के लिए हर जिले में बेहतर और सुनियोजित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।


खुले में मांस की बिक्री में प्रतिबंध

उन्होंने कहा कि खुले में मांस की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी और अवैध बूचड़खानों को संचालन की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि लाइसेंस प्राप्त बूचड़खानों में भी रखे जाने वाले पशुओं की संख्या निर्धारित क्षमता से अधिक नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने अधिकारियों को त्योहारों के दौरान बिजली सप्लाई, स्वच्छता और सुरक्षा व्यवस्था पर कड़ी निगरानी रखने का निर्देश दिया। साथ ही संवेदनशील इलाकों में त्योहार से पहले फ्लैग मार्च कराने और धार्मिक स्थलों के आसपास पुलिस की लगातार पैदल गश्त सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

जिला अधिकारियों को उपद्रवियों पर कार्रवाई के निर्देश

सीएम योगी ने अलीगढ़, बिजनौर, सहारनपुर, रामपुर और संभल सहित संवेदनशील जिलों के जिला अधिकारियों और पुलिस प्रमुखों से बातचीत करते हुए आदित्यनाथ ने कहा कि संभावित उपद्रवी तत्वों की पहचान करने के लिए पिछली घटनाओं का विश्लेषण किया जाना चाहिए और अगर आवश्यक हो तो उनके खिलाफ निवारक कार्रवाई शुरू की जानी चाहिए।

पुलिस थाना, तहसील और जिला स्तर पर शांति समितियों के साथ नियमित बातचीत बनाए रखने के निर्देश भी जारी किए गए।

सीएम योगी ने गंगा दशहरा के तैयारियों की समीक्षा की

गंगा दशहरा उत्सव की तैयारियों की समीक्षा करते हुए आदित्यनाथ ने अधिकारियों को प्रयागराज, वाराणसी, अयोध्या, चित्रकूट, हापुड़, मुजफ्फरनगर और अमरोहा सहित सभी जिलों में घाटों की स्वच्छता, बैरिकेडिंग, एम्बुलेंस की तैनाती, छाया की व्यवस्था और पार्किंग प्रबंधन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भीषण गर्मी को देखते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षा और आराम को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इसके अलावा, सड़क सुरक्षा और अवैध खनन पर कड़ा रुख अपनाते हुए, मुख्यमंत्री ने बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों के खिलाफ अभियान चलाने और अवैध खनन के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए एक विशेष टास्क फोर्स गठित करने का निर्देश दिया।

योगी आदित्यनाथ ने उन जिलों में तुरंत नियुक्तियां करने का भी निर्देश दिया, जहां अभी तक चीफ मेडिकल ऑफिसर की नियुक्ति नहीं हुई है। इसके साथ ही उन्होंने लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए ब्लॉक स्तर पर हर सप्ताह ‘चौपाल’ आयोजित करने के निर्देश दिए, ताकि आम जनता अपनी शिकायतें सीधे अधिकारियों तक पहुंचा सके।

उन्होंने कहा कि इन बैठकों से लोगों को प्रभावित करने वाले मुद्दों, जैसे राजस्व संबंधी विवाद, घरेलू हिंसा, जबरन वसूली और पुलिस शिकायतें, जो अक्सर स्थानीय स्तर पर दर्ज नहीं होतीं, का तुरंत समाधान संभव होगा।

इसके अलावा, सरकारी योजनाओं के लिए अभी तक रजिस्टर्ड न हुए पात्र व्यक्तियों को भी इन बैठकों के माध्यम से इन योजनाओं का लाभ मिलेगा।

आयुष विभाग के कामकाज की समीक्षा की गई

सीएम योगी ने आयुष विभाग के कामकाज की भी समीक्षा की। उन्होंने राज्य भर में 'आयुष स्वास्थ्य एवं कल्याण नीति-2026' के कार्यान्वयन के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश जारी किए।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को केवल उपचार-केंद्रित प्रणाली तक सीमित रखने के बजाय, आयुष पद्धतियों, योग, पंचकर्म, प्राकृतिक चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाओं के एकीकरण के माध्यम से इसे एक प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र के रूप में विकसित किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि एक ऐसा मॉडल तैयार किया जाए, जिसमें AYUSH सेवाओं को आधुनिक प्रबंधन, गुणवत्ता मानकों और पर्यटन से जोड़ा जाए। इससे न केवल स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर और निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा।

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