राजधानी दिल्ली के जंतर मंतर पर नीट पेपर लीक के मुद्दे पर छात्रों का प्रदर्शन जारी है। कॉकरोच जनता पार्टी का बीते 20 जून से प्रदर्शन जारी है। वहीं इस प्रदर्शन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी और सरकार के बीच शुक्रवार को दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में बैठक हुई। इसमें सरकार की तरफ से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, जितेंद्र सिंह और CJP की तरफ से सौरभ दास, आशुतोष रांका शामिल हुए।
बैठक के बाद CJP के प्रवक्ताओं ने कहा,'हम धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कोई समझौता नहीं करेंगे। दो घंटे की बातचीत में CJP ने सरकार के सामने 3 प्रमुख मांगें और परीक्षा प्रणाली में सुधार के 5 सुझाव रखे हैं।'
सरकार के सामने सीजेपी ने रखे तीन मांग
वहीं बैठक के बाद सीजेपी ने दावा किया कि केंद्र सरकार ने उनकी सबसे बड़ी मांग, यानी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर जवाब देने के लिए शनिवार दोपहर तक का समय मांगा है। बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने सरकार के सामने अपनी सभी मांगें रखीं। उन्होंने बताया कि सबसे पहली मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की है।
सौरव दास ने कहा कि पार्टी ने उन परिवारों को मुआवजा देने की भी मांग की है, जिन्होंने नीट परीक्षा विवाद के बाद अपने बच्चों को खो दिया। इसके अलावा, जुलाई में हुए विरोध प्रदर्शनों में शामिल छात्रों और युवाओं के खिलाफ कोई एफआईआर या कानूनी मामला दर्ज न करने की मांग की गई है। अगर पहले से ऐसे मामले दर्ज हैं, तो उन्हें वापस लेने की भी मांग की गई है।
सीजेपी का दावा है कि सरकार ने उनकी दो मांगों पर सकारात्मक रुख दिखाया है। इनमें नीट विवाद से प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने और शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल छात्रों व युवाओं के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई न करने की मांग शामिल है। हालांकि, पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर सरकार ने फैसला लेने के लिए थोड़ा और समय मांगा है। सौरव दास ने कहा, "धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के मुद्दे पर सरकार के साथ विस्तार से बातचीत हुई है। सरकार ने इस पर जवाब देने के लिए कल तक का समय मांगा है। अगर इस्तीफा नहीं दिया गया, तो हमारा आंदोलन और तेज किया जाएगा।"
जानें केंद्र सरकार ने क्या कहा
केंद्र सरकार ने अभी तक सीजेपी की ओर से बैठक के बाद किए गए दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। यह बैठक नई दिल्ली के विठ्ठल पटेल हाउस में हुई थी। इसमें केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास और राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रंका शामिल हुए। सीजेपी का कहना है कि वह बातचीत के लिए तब तैयार हुई, जब सरकार ने उसकी दो अहम शर्तों पर सहमति जताई। इनमें शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों और युवाओं के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई न करना और परीक्षा विवाद से प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा देना शामिल है। हालांकि, पार्टी ने साफ कहा है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा उनकी सबसे बड़ी मांग है और इस मुद्दे पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
शनिवार को फिर होगी बातचीत
बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने बताया कि सरकार और सीजेपी के प्रतिनिधियों के बीच करीब दो घंटे तक बातचीत हुई। इस दौरान सीजेपी की मांगों और देश की परीक्षा व्यवस्था में सुधार के सुझावों पर चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि यह बातचीत शनिवार को भी जारी रहेगी। जेपी नड्डा ने कहा, "सीजेपी का प्रतिनिधिमंडल हमसे मिलने आया था। हमने उनकी सभी बातें ध्यान से सुनीं और कई मुद्दों पर चर्चा की। अब शनिवार दोपहर फिर बैठक होगी, जिसमें बातचीत को आगे बढ़ाया जाएगा।"
उन्होंने बताया कि सीजेपी ने सरकार के सामने अपनी तीन प्रमुख मांगें रखीं। इसके अलावा परीक्षा प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए पांच सुझाव भी दिए। जेपी नड्डा ने कहा, "करीब दो घंटे तक बैठक चली। हमने प्रतिनिधिमंडल से कहा है कि शनिवार दोपहर फिर मुलाकात होगी। तब तक सरकार इन मांगों और सुझावों पर चर्चा करेगी और उन्हें अपना जवाब देगी।"