CRPF Jawan : राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने देश की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बन चुके जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इस नेटवर्क में देश की रक्षा की जिम्मेदारी निभा रहे एक जवान को गिरफ्तार किया है। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) का एक जवान ने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील दस्तावेजों को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के एजेंटों के साथ शेयर किया। CRPF के इस जवान के पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी के लिए जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। इस जवान को पहले ही बर्खास्त किया जा चुका है और फिलहाल नेशनल इन्वेस्टिगेटिंग एजेंसी की कस्टडी में है।
वहीं गिरफ्तार सीआरपीएफ जवान को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है। सीआरपीएफ के जिस जवान को पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है, वह पहले पहलगाम रीजन में ही पोस्टेड था। पहलगाम में आतंकी हमले से सिर्फ 5 दिन पहले ही उसे दूसरे रीजन में ट्रांसफर किया गया था। इससे पहलगाम आतंकी हमले से जुड़े तार खोजने में एजेंसियों को बड़ी मदद मिलने की उम्मीद है।
116वीं बटालियन में तैनात है जवान
जानकारी के मुताबिक, सीआरपीएफ की 116वीं बटालियन में एएसआई (सहायक उप-निरीक्षक) के पद पर तैनात मोती राम जाट को 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले से छह दिन पहले ही वहां से दूसरी जगह भेज दिया गया था। एनआईए (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) ने दिल्ली में मोती राम जाट को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि वह कई तरीकों से पाकिस्तानी अधिकारियों से पैसे ले रहा था। फिलहाल एजेंसी उससे पूछताछ कर रही है।
NIA की कस्टडी में है आरोपी
दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने सीआरपीएफ जवान तो 6 जून तक एनआईए की हिरासत में भेज दिया है। 22 अप्रैल को हुए हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने जासूसी के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। पिछले दो हफ्तों में पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश से 15 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि उत्तर भारत में पाकिस्तान समर्थित एक जासूसी नेटवर्क सक्रिय है।