CUET UG 2027: कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट अंडरग्रेजुएट (CUET UG) में 2027 से बड़े बदलाव होने का अनुमान है। परीक्षा सुधार समिति ने एक नया परीक्षा पैटर्न “एक छात्र, एक दिन” का प्रस्ताव किया है। इसका मकसद छात्रों का कई पेपर देने में लगने वाला समय और मेहनत कम करना है। प्रस्तावित मॉडल के तहत, छात्र अपने चुने हुए सभी विषयों की परीक्षा एक ही दिन में दे पाएंगे। इसके लिए उन्हें कई दिनों तक परीक्षा केंद्र जाने की जरूरत नहीं होगी।
अभी, सीयूई यूजी पेपर अलग-अलग तारीखों पर होते हैं, यानी कई विषयों की परीक्षा देने वाले छात्रों को दो या उससे ज्यादा दिन परीक्षा केंद्र जाना पड़ता है। इससे उनके आने-जाने का समय और खर्च बढ़ता है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत, CUET UG कई दिनों तक हो सकता है, लेकिन हर छात्र को एक ही परीक्षा का दिन दिया जा सकता है। उस छात्र के चुने हुए विषय से जुड़े सभी पेपर फिर उसी दिन हो सकते हैं।
इस प्रपोजल से खास तौर पर उन छात्रों को फायदा होने की उम्मीद है जिन्हें अभी अलग-अलग पेपर देने के लिए कई बार यात्रा करनी पड़ती है। हालांकि, प्रस्तावित बदलावों पर आखिरी फैसला नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) और एग्जामिनेशन रिफॉर्म कमिटी के बीच बातचीत के बाद लिया जाएगा।
कम किया जा सकता है CUET UG 2027 पेपर का समय
प्रस्तावित CUET UG 2027 पैटर्न में अलग-अलग पेपर का समय भी कम किया जा सकता है। अभी, छात्रों को हर पेपर पूरा करने के लिए 60 मिनट मिलते हैं। प्रस्तावित सिस्टम के तहत, समय को घटाकर लगभग 40–45 मिनट किया जा सकता है। सवालों की संख्या भी उसी हिसाब से कम की जा सकती है। अभी, हर पेपर में 50 सवाल होते हैं। प्रस्तावित पैटर्न इसे घटाकर लगभग 35–40 सवाल कर सकता है। इसका मतलब होगा कि छात्रों के पास कुल मिलाकर कम समय होगा, लेकिन उनके पास हल करने के लिए कम सवाल भी होंगे।
एक और प्रस्तावित बदलाव छात्रों द्वारा चुने जा सकने वाले अधिकतम विषयों की संख्या से जुड़ा है। अभी, परीक्षार्थी ज्यादा से ज्यादा पांच विषयों को चुन सकते हैं। प्रस्तावित CUET UG 2027 पैटर्न के तहत, यह सीमा घटाकर चार विषय की जा सकती है। अगर यह बदलाव लागू होता है, तो इससे छात्रों का परीक्षा देने में लगने वाला कुल समय और कम हो जाएगा। उदाहरण के लिए, अगर हर पेपर 40 मिनट का है, तो चार पेपर लगभग 160 मिनट या 2 घंटे 40 मिनट के होंगे, जबकि पांच पेपर लगभग 200 मिनट या 3 घंटे 20 मिनट के होंगे।
जनरल टेस्ट में भी बदलावों पर विचार किया जा रहा है। अभी, जनरल टेस्ट की जरूरत यूनिवर्सिटी और कोर्स के हिसाब से अलग-अलग होती है। कुछ इंस्टीट्यूशन या प्रोग्राम में इसकी जरूरत होती है, जबकि कुछ में नहीं। प्रस्तावित चार-विषय चयन व्यवस्था के साथ, सभी यूनिवर्सिटी में जनरल टेस्ट के लिए एक जैसा तरीका अपनाने की भी संभावना है। हालांकि, सही नियम अभी तय नहीं हुए हैं।
CUET UG का मौजूदा एग्जाम पैटर्न