UPI पेमेंट पर MDR चार्ज लागू करने की तारीख को बढ़ाया जा सकता है आगे, फिनटेक कंपनियों के शेयरों में आई बिकवाली

सूत्रों के मुताबिक MDR चार्ज लागू करने की तारीख बढ़ाने पर विचार संभव है। यह चार्ज अब 15 अक्टूबर के बजाय 1 जनवरी से लागू हो सकता है। त्योहारों को देखते हुए तारीख बढ़ाने पर विचार किया जा सकता है। कल NPCI की अगुवाई में अहम बैठक हुई थी। इसमें UPI और स्टीयरिंग कमेटी मेम्बर शामिल थे

अपडेटेड Oct 08, 2026 पर 1:55 PM
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नए नियम के तहत अगर कोई ग्राहक किसी दुकानदार को 2,000 रुपए से ज्यादा का यूपीआई पेमेंट करता है, तो उस पर 0.4% का MDR चार्ज प्रस्तावित है

फिनटेक कंपनियों में आज गिरावट देखने को मिल रही है। CNBC आवाज़ को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक UPI पेमेंट पर MDR चार्ज लागू करने की तारीख को आगे बढ़ाया जा सकता है। इस पर ज्यादा डिटेल्स देते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के इकोनॉमिक पॉलिसी एडिटर लक्ष्मण रॉय ने कहा कि सूत्रों के हवाले मिली जानकारी के मुताबिक MDR चार्ज की तारीख बढ़ सकती है। UPI पेमेंट पर MDR चार्ज की तारीख बढ़ना संभव है। इस पर फैसला अगले कुछ दिनों में लिया जा सकता है।

सूत्रों के मुताबिक MDR चार्ज लागू करने की तारीख बढ़ाने पर विचार संभव है। यह चार्ज अब 15 अक्टूबर के बजाय 1 जनवरी से लागू हो सकता है। त्योहारों को देखते हुए तारीख बढ़ाने पर विचार किया जा सकता है। कल NPCI की अगुवाई में अहम बैठक हुई थी। इसमें UPI और स्टीयरिंग कमेटी मेम्बर शामिल थे।

सूत्रों के मुताबिक UPI और सर्विस स्टीयरिंग कमेटी की बैठक में MDR लागू करने के समय को लेकर चर्चा हुई है। यह कमेटी नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) की देखरेख में काम करती है। बुधवार को हुई बैठक में MDR को लागू करने की तारीख समेत इससे जुड़े दूसरे मुद्दों पर विचार किया गया है। दरअसल, कारोबारियों और व्यापारिक संगठनों ने त्योहारी सीजन में MDR लागू करने पर चिंता जताई थी। उनका कहना है कि इस दौरान बिक्री पहले से काफी बढ़ जाती है। ऐसे में UPI पेमेंट पर शुल्क लगने से कारोबारियों की लागत और बढ़ सकती है।


छोटे कारोबारियों को MDR से राहत देने के विकल्प पर भी विचार

इसके अलावा कमेटी छोटे कारोबारियों को MDR से राहत देने के विकल्प पर भी विचार कर रही है। इसके तहत सालाना 40 लाख रुपये तक का कारोबार करने वाले व्यवसायों को शुल्क से बाहर रखा जा सकता है। फिलहाल प्रस्तावित व्यवस्था में 1 लाख रुपये तक के मासिक कारोबार वाले कारोबारियों को छूट देने की बात थी। अगर 40 लाख रुपये की सालाना सीमा तय होती है तो बड़ी संख्या में छोटे दुकानदार और कारोबारी MDR के दायरे से बाहर रह सकते हैं।

क्या है नया नियम

नए नियम के तहत अगर कोई ग्राहक किसी दुकानदार (P2M) को 2,000 रुपए से ज्यादा का यूपीआई पेमेंट (UPI transaction charges above 2000) करता है, तो उस पर 0.4% का MDR चार्ज प्रस्तावित है।

अगर ट्रांजैक्शन 75,000 रुपए या उससे ज्यादा का है, तो यह चार्ज अधिकतम 300 रुपए ही लगेगा। राहत की बात यह है कि छोटे दुकानदारों और आम लोगों के बीच आपस में होने वाले पेमेंट (P2P) पर कोई चार्ज नहीं लगेगा। यह पहले की तरह जीरो MDR पर चलता रहेगा।

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