Assam Assembly Polls: असम विधानसभा चुनाव से ठीक पहले राज्य की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर हुआ है। कांग्रेस के दिग्गज नेता और लोकसभा सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने आज औपचारिक रूप से बीजेपी का दामन थाम लिया। बोरदोलोई ने महज एक दिन पहले ही कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दिया था।
मुख्यमंत्री की मौजूदगी में ली सदस्यता
गुवाहाटी में आयोजित एक कार्यक्रम में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप सैकिया ने बोरदोलोई का पार्टी में स्वागत किया। मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि प्रद्युत बोरदोलोई के आने से भाजपा मजबूत होगी। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि प्रदेश भाजपा केंद्रीय नेतृत्व से बोरदोलोई को आगामी विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार बनाने की सिफारिश करेगी। सरमा ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा, 'आत्मसम्मान वाले किसी भी व्यक्ति के लिए अब कांग्रेस में रहने का कोई कारण नहीं बचा है।"
कांग्रेस में मेरा अपमान हो रहा था: बोरदोलोई
भाजपा में शामिल होने के बाद बोरदोलोई भावुक नजर आए। उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए अपनी पुरानी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए। बोरदोलोई ने कहा, 'मैंने अपने जीवन के सबसे महत्वपूर्ण सिद्धांत को छोड़ दिया है और मैं इससे खुश नहीं हूं। लेकिन मुझे यह फैसला लेना पड़ा क्योंकि कांग्रेस के भीतर, खासकर असम कांग्रेस में मुझे बार-बार अपमानित किया जा रहा था।' उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी आलाकमान ने भी उनकी शिकायतों पर कोई सहानुभूति नहीं दिखाई, जिससे वे पार्टी में बिल्कुल अकेले पड़ गए थे।
कांग्रेस के लिए 'संकट' का समय
असम में 9 अप्रैल को होने वाले मतदान से पहले कांग्रेस के लिए यह दूसरा बड़ा झटका है। बोरदोलोई से पहले असम कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष भूपेन कुमार बोराह भी पार्टी छोड़ भाजपा में शामिल हो चुके हैं। दो बड़े चेहरों के जाने से कांग्रेस के चुनावी अभियान और कार्यकर्ताओं के मनोबल पर गहरा असर पड़ने की संभावना है।
असम विधानसभा चुनाव 2026 का शेड्यूल
असम की 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनावी बिगुल बज चुका है। इस बार का चुनाव एक चरण में होगा।