Rising Bharat 2026: केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 'न्यूज18 राइजिंग भारत समिट 2026' में भविष्य के डिजिटल इंडिया का खाका पेश किया। उन्होंने कहा कि आज इंटरनेट का स्वरूप बदल चुका है और अब प्लेटफॉर्म्स की जिम्मेदारी तय करने का समय आ गया है। डीपफेक तकनीक से लेकर मीडिया हाउस और कंटेंट क्रिएटर्स की कमाई तक, IT मंत्री ने कई अहम मुद्दों पर सरकार का रुख स्पष्ट किया।
डीपफेक और सोशल प्लेटफॉर्म्स पर लगाम लगाने की कवायद
अश्विनी वैष्णव ने डीपफेक तकनीक के बढ़ते खतरों पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि बिना किसी की मर्जी के उसका डीपफेक बनाना गलत है। अब किसी भी कंटेंट के लिए 'सहमति' लेना अनिवार्य होना चाहिए। केन्द्रीय मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि हमारी न्यायपालिका और विधायिका जैसे सामाजिक स्तंभों को डिजिटल खतरों और गलत सूचनाओं से बचाना बेहद जरूरी है।
कंटेंट क्रिएटर्स के लिए बनेगा रेवेन्यू शेयरिंग का नया फॉर्मूला
मंत्री ने कंटेंट बनाने वालों के हक में एक बड़ी बात कही। उन्होंने कहा कि मीडिया हाउस और कंटेंट क्रिएटर्स बहुत मेहनत और पैसा निवेश करते हैं, इसलिए उन्हें उनकी कमाई का सही हिस्सा मिलना चाहिए। फिलहाल रेवेन्यू पहले प्लेटफॉर्म्स के पास जाता है। सरकार अब एक ऐसा 'कंसल्टेटिव' तरीका ढूंढ रही है जिससे कमाई का उचित बंटवारा हो सके, जैसा कि दुनिया के कई अन्य देश भी सोच रहे हैं।
सेमीकंडक्टर और AI क्षेत्र में भारत बनेगा ग्लोबल हब
आईटी क्षेत्र में हो रहे बड़े बदलावों पर वैष्णव ने कई घोषणाएं कीं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को माइक्रोन प्लांट में व्यावसायिक उत्पादन की शुरुआत करेंगे। साल के अंत तक देश में चार और प्लांट उत्पादन शुरू कर देंगे। भारत अपनी AI क्षमता बढ़ाने के लिए करीब 2 लाख GPU तक अपनी पहुंच बढ़ाएगा। इसके लिए डेटा सेंटर्स को टैक्स में छूट देने पर भी विचार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि, दुनिया भर में सेमीकंडक्टर उद्योग में टैलेंट की जो भी कमी है, उसे भारत पूरा करेगा।