दिल्ली की हवा में क्यों बढ़ रहा प्रदूषण? मानसून की वापसी से जुड़ा है इसका कनेक्शन

दिल्ली में मानसून के जाने से हवा की क्वालिटी बिगड़ने लगी है और AQI 169 तक पहुंच गया है। बारिश कम होने और हवाएं धीमी पड़ने से प्रदूषण बढ़ रहा है। लेकिन अभी सर्दियों वाला पीक प्रदूषण शुरू नहीं हुआ है, इसलिए बदलते मौसम के साथ दिल्ली की हवा पर नजर रखना जरूरी हो गया है।

अपडेटेड Sep 22, 2026 पर 3:32 PM
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मानसून की विदाई के साथ दिल्ली की हवा फिर बिगड़ने लगी, 21 सितंबर की शाम दिल्ली का AQI 169 था और हवा में गिरावट दर्ज हुई।

दिल्ली में मौसम बदलने के साथ हवा की क्वालिटी में खराब होने लगी है। बारिश कम होने और हवाओं की रफ्तार धीमी पड़ने से प्रदूषण का असर बढ़ रहा है। आने वाले दिनों में मौसम ज्यादा सूखा रहने की संभावना है, जिससे दिल्ली की हवा को लेकर चिंता बढ़ सकती है।

मानसून की वापसी से बदला मौसम

भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून दिल्ली से अगले दो-तीन दिनों में पूरी तरह लौट सकता है। इस हफ्ते दिल्ली में बारिश की कोई उम्मीद नहीं है। मानसून की बारिश और तेज हवाओं के कारण पिछले कुछ दिनों से हवा साफ थी, लेकिन अब मौसम के सूखने से प्रदूषक ज्यादा देर तक हवा में रह सकते हैं।

चार दिनों में तेजी से बढ़ा है AQI


दिल्ली का AQI शुक्रवार को 88 था। इसके बाद शनिवार को 118, रविवार को 160 और सोमवार को 169 पहुंच गया। इस दौरान PM2.5 और ओजोन प्रमुख प्रदूषकों में रहे। सोमवार का AQI 19 जुलाई के बाद सबसे ज्यादा बताया गया, जो कि 171 था।

कम हवा और धूल से बढ़ सकती है परेशानी

बारिश कम होने के साथ सड़कों की धूल, गाड़ियों का धुआं और कंस्ट्रक्शन से निकलने वाले कण हवा में ज्यादा फैल सकते हैं। कम हवाएं इन कणों को ज्यादा फैलने नहीं देतीं, जिससे शहर के अलग-अलग हिस्सों में प्रदूषण जमा होने लगता है।

इन आठ जगहों की हवा है खराब

सोमवार को दिल्ली के 42 एक्टिव मॉनिटरिंग स्टेशनों में से आठ जगहों पर AQI 200 से ऊपर रहा।

  • सिरी फोर्ट और चांदनी चौक: दोनों जगह AQI 221 दर्ज किया गया।
  • IGI: यहां AQI 219 रहा।
  • बुराड़ी: यहां AQI 215 दर्ज हुआ।
  • वजीरपुर: यहां AQI 213 रहा।
  • पटपड़गंज: यहां AQI 208 दर्ज किया गया।
  • नरेला: यहां AQI 207 रहा।
  • IIT: यहां AQI 202 दर्ज हुआ।

सर्दियों में बदल जाता है प्रदूषण का असर

अभी दिल्ली में प्रदूषण का वह दौर शुरू नहीं हुआ है, जो आमतौर पर सर्दियों में देखने को मिलता है। टेम्परेचर गिरने और हवाओं के धीरे चलने से सर्दियों में प्रदूषण जमीन पर ही रहता है। पंजाब और हरियाणा में फसल के अवशेष जलाने का असर भी अक्टूबर से नवंबर के बीच ज्यादा दिखाई देता है।

AQI 169 का क्या मतलब है?

CPCB के अनुसार 101 से 200 के बीच AQI को 'मॉडरेट' कैटेगरी में रखा जाता है। 201 से 300 के बीच हवा 'खराब' मानी जाती है। ऐसे में 169 खराब कैटेगरी में नहीं आता, लेकिन इसका लेवल उस केटेगरी के काफी पास है। प्रदूषण बढ़ने पर बच्चों, बुजुर्गों और सांस या दिल से जुड़ी परेशानी वाले लोगों को बाहर ज्यादा समय बिताने से बचना चाहिए।

पिछले महीनों में बारिश से सुधरी थी हवा की क्वालिटी

मानसून के दौरान बारिश और तेज हवाओं की वजह से दिल्ली की हवा साफ रही थी। सितंबर में अब तक 12 दिन AQI 'संतोषजनक' और आठ दिन 'मॉडरेट' कैटेगरी में रहा। वहीं 9 जुलाई को दिल्ली का AQI 48 दर्ज हुआ था, जो इस साल का सबसे साफ दिन रहा। इसके बाद 12 जुलाई को AQI 246 तक पहुंचा था और उस समय हवा 'खराब' कैटेगरी में थी।

वीकेंड तक ठंड बढ़ने के मिल सकते है संकेत

सोमवार को दिल्ली में अधिकतम तापमान 35.6 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री रहा। मौसम विभाग के मुताबिक अधिकतम तापमान इसी के आसपास रह सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान धीरे-धीरे कम होकर वीकेंड तक 22 से 23 डिग्री तक पहुंच सकता है।

दिल्ली में प्रदूषण का बढ़ता लेवल बताता है कि लोगों को हवा की क्वालिटी पर ज्यादा ध्यान देना होगा। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और सांस से जुड़ी परेशानी वाले लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए। रोज के कामों के दौरान धूल और धुएं से बचना, बाहर निकलते समय जरूरी सावधानी रखना और एयर क्वालिटी का अपडेट देखते रहना चाहिए।

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