नई दिल्ली: दिल्ली वालों के लिए खुशखबरी बनकर आया बरापुला फेज-3 कॉरिडोर, अब मुसीबत बन गया है। 1941 करोड़ की लागत से बना यह 10.9 KM लंबा कॉरिडोर मयूर विहार से AIIMS को जोड़ता है और 15-20 मिनट समय बचाने का दावा करता था। लेकिन उद्घाटन के 2 दिन के अंदर ही यहां 3 KM लंबा जाम लग गया और लोग 1 घंटे तक फंसे रहे।
आखिर जाम क्यों लग रहा है? ट्रैफिक पुलिस ने बताई असली वजह
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने PWD को चिट्ठी लिखकर डिजाइन में बड़ी खामी बताई है। पुलिस की ड्रोन सर्वे में 2 बड़ी गलतियां मिलीं:
1. 9 लेन का ट्रैफिक 3 लेन में घुस रहा है:
नया फेज-3 फ्लाईओवर 3 लेन का है। सुंदियाल पार्क के पास इसमें सराय काले खां लूप से 3 लेन और DND/आश्रम की तरफ से 3 लेन आकर मिलती हैं। मतलब 9 लेन की गाड़ियां एक साथ पुराने बरापुला के सिर्फ 3 लेन वाले हिस्से में घुसने की कोशिश कर रही हैं। जाम तो लगना ही था।
2. 90 डिग्री का खतरनाक मोड़:
ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक सुंदियाल के पास जहां नया फ्लाईओवर पुराने से मिलता है, वहां घुमावदार मोड़ की जगह सीधा 90 डिग्री का तीखा कट बना दिया गया है। गाड़ियों को अचानक मर्ज होना पड़ता है, जिससे बोतलनेक बन जाता है।
Google Map भी बढ़ा रहा है मुसीबत:
लोगों ने X पर शिकायत की कि Google Map पर यह नया कॉरिडोर अभी भी हरा (खाली) दिखा रहा है। इस चक्कर में और ज्यादा गाड़ियां इसी रास्ते पर आ रही हैं, जबकि जमीन पर बंपर-टू-बंपर जाम है। ट्रैफिक पुलिस ने Google को अपडेट करने के लिए कहा है, जिसे 7-10 दिन लगेंगे।
ट्रैफिक पुलिस ने PWD से कहा है:
- सुंदियाल मर्जर पॉइंट को दोबारा डिजाइन करके घुमावदार बनाया जाए
- वहां ट्रैफिक सिग्नल लगाया जाए ताकि गाड़ियां एक-एक करके मर्ज हों
- NH-24 और DND की तरफ ट्रैफिक डायवर्ट किया जाए
फिलहाल पुलिस ने मैन्युअली जवान तैनात करके ट्रैफिक संभाला है। PWD अधिकारियों का कहना है कि यह प्रोजेक्ट 20 साल पुराने ट्रैफिक अनुमान पर बना था, इसलिए अब लोड ज्यादा हो गया है। कहने को तो यह कॉरिडोर DND और NH-24 का लोड कम करने के लिए बनाया गया था, लेकिन गलत डिजाइन की वजह से अब वहीं का सारा ट्रैफिक खींचकर जाम को और बढ़ा रहा है। अगर जल्द डिजाइन नहीं सुधरा तो यह दिल्ली का नया जाम हब बन सकता है।