Delhi BMW Crash: दिल्ली में एक भयानक हिट-एंड-रन की घटना में वित्त मंत्रालय में वरिष्ठ अधिकारी नवजोत सिंह की मौत ने उनके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। इस हादसे के बाद 80 वर्षीय उनके पिता बलवंत सिंह का दर्द उनके एक सवाल से और बढ़ गया है: आखिर उनके बेटे को दुर्घटनास्थल से 17 किलोमीटर दूर एक अस्पताल में क्यों ले जाया गया? उन्होंने कहा कि अगर उसे पास के किसी अस्पताल में ले जाया गया होता तो शायद वह बच जाते।
यह दर्दनाक हादसा रविवार दोपहर में हुआ। वित्त मंत्रालय में उप सचिव नवजोत सिंह अपनी पत्नी संदीप कौर के साथ अपनी मोटरसाइकिल पर थे। दिल्ली कैंट मेट्रो स्टेशन के पास एक BMW M5 कार ने उनकी बाइक को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि नवजोत की मौके पर ही मौत हो गई और उनकी पत्नी घायल हो गईं। पुलिस के अनुसार, कार चला रही महिला गगनप्रीत मक्कड़ ने दंपति को हादसे की जगह से 17 किलोमीटर दूर जीटीबी नगर के एक अस्पताल में पहुंचाया। बता दें कि पुलिस ने सोमवार को आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया।
छिन गया परिवार का सहारा, टूट गए पिता के सपने
नवजोत सिंह का परिवार इस भयानक हादसे के बाद से सदमे में है। उनके पिता बलवंत सिंह ने कहा, 'मैंने अपने बेटे को सुबह 11 बजे घर से निकलते देखा था और शाम 5 बजे उसका मृत शरीर देखा।' नवजोत एक अनुशासित अधिकारी थे, जो 1995 में सरकारी सेवा में आए थे। वह सिर्फ दो महीने बाद ही पदोन्नति पाने वाले थे। उनके पिता ने कहा, 'मैंने उसके लिए बहुत सपने देखे थे, वह सिर्फ 52 साल का था… वह और आगे बढ़ता। उसके साथ ऐसा नहीं होना चाहिए था।' इस दुखद घड़ी में परिवार के लिए यह और भी दर्दनाक है क्योंकि नवजोत सिंह का बेटा नवजूर 16 अगस्त को 22 साल के हो गए है, लेकिन खुशी का यह मौका अब मातम में बदल गया है।