दिल्ली के हौज रानी स्थित एक B&B होटल में लगी भीषण आग ने एक पूरे परिवार को हमेशा के लिए खत्म कर दिया। इस दर्दनाक हादसे में अपने आठ रिश्तेदारों को खोने वाले 76 साल के राधेश्याम अग्रवाल का भी मंगलवार सुबह निधन हो गया।
दिल्ली के हौज रानी स्थित एक B&B होटल में लगी भीषण आग ने एक पूरे परिवार को हमेशा के लिए खत्म कर दिया। इस दर्दनाक हादसे में अपने आठ रिश्तेदारों को खोने वाले 76 साल के राधेश्याम अग्रवाल का भी मंगलवार सुबह निधन हो गया।
सबसे दुखद बात यह रही कि राधेश्याम अग्रवाल अपनी आखिरी सांस तक इस बात से अनजान रहे कि उनकी पत्नी, बेटा, बहू और पोतियां समेत पूरा परिवार आग की उस भयावह घटना में जान गंवा चुका है।
राधेश्याम अग्रवाल फेफड़ों के गंभीर संक्रमण के कारण साकेत के एक प्राइवेट अस्पताल के ICU में भर्ती थे। उनकी तबीयत लगातार बिगड़ रही थी। ऐसे में परिवार के लोग गुरुग्राम स्थित अपने घर से अस्थायी रूप से हौज रानी के इस होटल में रहने आ गए थे, ताकि अस्पताल के करीब रहकर उनकी देखभाल कर सकें।
लेकिन किसे पता था कि यही फैसला पूरे परिवार पर मौत बनकर टूट पड़ेगा।
आग की इस घटना में राधेश्याम अग्रवाल की पत्नी प्रेमलता (70), बेटा विवेक (47), बहू तरजनी (42), पोतियां जीविशा (20) और वार्या (16) की मौत हो गई। इसके अलावा राजस्थान के किशनगढ़ से आई प्रेमलता की बहन कमला (52), जीजा अशोक (56) और झावेरी भी इस हादसे का शिकार हो गए।
आखिरी समय तक बेटे का इंतजार करते रहे
परिजनों के मुताबिक, अस्पताल में भर्ती राधेश्याम अग्रवाल बार-बार अपने बेटे विवेक के बारे में पूछते थे।
एक रिश्तेदार ने भावुक होकर बताया, "वह हर दिन पूछते थे कि विवेक कहां है। हम उन्हें कहते थे कि वह जयपुर गया है और जल्द मिलने आएगा। रोज कोई न कोई नया बहाना बनाना पड़ता था।"
उन्होंने बताया कि समय बीतने के साथ अग्रवाल को भी महसूस होने लगा था कि कुछ गड़बड़ है। पत्नी, बेटा, बहू और पोतियों में से कोई भी उनसे मिलने नहीं आ रहा था, जिससे उन्हें शक होने लगा था।
सच बताने की हिम्मत किसी में नहीं थी
परिजनों का कहना है कि वे उन्हें सच्चाई बताने की हिम्मत नहीं जुटा सके।
एक रिश्तेदार ने कहा, "अगर उन्हें पता चल जाता कि उनका पूरा परिवार खत्म हो चुका है, तो यह सदमा उन्हें अंदर से तोड़ देता। शायद जीने की इच्छा भी खत्म हो जाती।"
उन्होंने भावुक होकर कहा, "शायद अगर वह अपने बेटे को एक बार देख पाते, तो कुछ दिन और जी लेते।"
बेंगलुरु से आई थी पोती, कुछ घंटों बाद हो गई मौत
20 साल की जीविशा अपने बीमार दादा से मिलने के लिए बेंगलुरु से कुछ घंटे पहले ही दिल्ली पहुंची थी। लेकिन किस्मत को कुछ और मंजूर था। आग लगने के कुछ ही समय बाद उसकी भी जान चली गई।
परिवार का आखिरी सदस्य भी चला गया
सोमवार को राधेश्याम अग्रवाल की हालत अचानक बिगड़ गई और वह बेहोश हो गए। मंगलवार सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली।
उनकी मौत के साथ ही इस परिवार का आखिरी जीवित सदस्य भी दुनिया से चला गया। एक ऐसा परिवार, जो कुछ दिन पहले तक साथ था, अब पूरी तरह खत्म हो चुका है।
हादसे में 22 लोगों की गई जान
हौज रानी के इस होटल में लगी आग में कुल 22 लोगों की मौत हुई है। 37 लोग घायल हुए थे, जिनमें से एक घायल ने बाद में दम तोड़ दिया।
इस बीच पुलिस ने बी एंड बी के मालिक लवकेश बजाज के अकाउंटेंट जय मिश्रा से पूछताछ की है। जांच अधिकारी होटल के संचालन और प्रबंधन से जुड़ी जानकारी जुटा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि मिश्रा के बयान का मिलान मालिक और गिरफ्तार किए गए शेफ के बयानों से किया जाएगा।
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