Delhi: खुले गड्ढे में जा गिरा बाइक सवार, रात भर पड़ा रहा और मर गया! दिल्ली में भी नोएडा जैसी प्रशासनिक लापरवाही

मृतक की पहचान कमल के रूप में हुई है। कमल के परिवार ने बताया कि उसने आखिरी बार फोन पर जानकारी दी थी कि वह जनकपुरी डिस्ट्रिक्ट सेंटर के पास है। इसके बाद उसका फोन बंद हो गया। घबराए हुए परिवार ने रात भर दर्जनों थानों के चक्कर काटे। पुलिस ने कमल की 'लास्ट लोकेशन' तो शेयर की, लेकिन वह कहीं नहीं मिला

अपडेटेड Feb 06, 2026 पर 1:22 PM
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Delhi Ditch Death: मृतक की पहचान कमल के रूप में हुई है

दिल्ली के जनकपुरी इलाके से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है, जहां सड़क पर बने एक गहरे गड्ढे में गिरने से एक बाइक सवार की मौत हो गई। तस्वीरों में देखा जा सकता है कि मृतक अपनी Apache RTR 200 बाइक के साथ एक गहरे गड्ढे के अंदर गिरा हुआ है। हैरान करने वाली बात यह है कि युवक ने हेलमेट, राइडिंग जैकेट और दस्ताने (Gloves) पहन रखे थे, यानी उसने सुरक्षा के पूरे इंतजाम किए थे, लेकिन सड़क की बदहाली उसकी जान पर भारी पड़ गई।

सूत्रों के अनुसार, दुर्घटना वाली जगह पर दिल्ली जल बोर्ड से जुड़ा निर्माण कार्य चल रहा था, जिसके लिए सड़क के बीचों-बीच एक गहरा गड्ढा खोदा गया था।

मृतक की पहचान कमल के रूप में हुई है। कमल के परिवार ने बताया कि उसने आखिरी बार फोन पर जानकारी दी थी कि वह जनकपुरी डिस्ट्रिक्ट सेंटर के पास है। इसके बाद उसका फोन बंद हो गया।


घबराए हुए परिवार ने रात भर दर्जनों थानों के चक्कर काटे। पुलिस ने कमल की 'लास्ट लोकेशन' तो शेयर की, लेकिन वह कहीं नहीं मिला। घंटों बाद परिवार को सूचना मिली कि उसका शव गड्ढे से बरामद हुआ है।

राजनीतिक बयानबाजी

इस घटना के बाद दिल्ली की राजनीति गरमा गई है। AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने इस घटना पर दुख जताते हुए इसे चौंकाने वाला बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार ने नोएडा की घटना से कुछ नहीं सीखा और वे हर दिन झूठ बोल रहे हैं।

AAP नेता ने X पर एक पोस्ट कर लिखा, "सड़क में गहरे गड्ढे में एक मासूम बाइक सवार गिर कर फंस गया, रात भर पड़ा रहा और मर गया।  नोएडा की घटना से दिल्ली की भाजपा सरकार ने कुछ नहीं सीखा। बस रोज झूठ बोला जाता है।"

बता दें कि दिल्ली में सड़कों और विभागों का नियंत्रण अलग-अलग अथॉरिटीज के पास होने के कारण अक्सर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप होते हैं।

नोएडा जैसी घटना

यह मामला कुछ ही दिनों पहले नोएडा के सेक्टर 150 में हुई एक घटना की याद दिलाता है। जहां 16 जनवरी को युवराज मेहता नाम के एक 27 साल के सॉफ्टवेयर इंजीनियर की कार पानी से भरे गड्ढे में गिर गई थी, जिससे उनकी मौत हो गई थी।

लगातार हो रहे ये हादसे शहरों में चल रहे निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों (Safety Standards) की भारी कमी को दर्शाते हैं। बिना किसी चेतावनी बोर्ड या बैरिकेडिंग के सड़क पर गड्ढे छोड़ देना मासूमों की जान ले रहा है।

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