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Delhi Metro Stations closed: 'लंच तक नहीं खुला तो दखल देंगे...'; दिल्ली मेट्रो स्टेशन के बंद होने का मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, CJI सख्त

Delhi Metro Stations closed: चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत ने गुरुवार 23 जुलाई को कहा कि अगर छात्रों के जारी विरोध-प्रदर्शन के बीच बंद किए गए सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन को दोपहर तक नहीं खोला गया, तो सुप्रीम कोर्ट इसमें दखल देगा। दिल्ली मेट्रो के आज 17 स्टेशनों को बंद कर दिया गया है

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Jul 23, 2026 पर 12:22 PM
Delhi Metro Stations closed: 'लंच तक नहीं खुला तो दखल देंगे...'; दिल्ली मेट्रो स्टेशन के बंद होने का मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, CJI सख्त
Delhi Metro Stations closed: दिल्ली में जारी प्रदर्शन के कारण करीब 16 मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए गए हैं

Delhi Metro Stations closed: दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट छात्रों के चल रहे विरोध-प्रदर्शनों के कारण सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन को बंद करने का मुद्दा गुरुवार (23 जुलाई) को सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) के अध्यक्ष विकास सिंह ने शीर्ष अदालत के सामने उठाया। उन्होंने आग्रह किया कि कम से कम उन वकीलों, मुकदमे से जुड़े लोगों और शीर्ष अदालत में आने-जाने का वैध पास वाले कोर्ट के कर्मचारियों को इस स्टेशन का इस्तेमाल करने की अनुमति दी जाए। CJI सूर्यकांत ने कहा कि अगर छात्रों के जारी विरोध-प्रदर्शन के बीच बंद किए गए सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन को दोपहर तक नहीं खोला गया, तो सुप्रीम कोर्ट इसमें दखल देगा।

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) के सामने इस मुद्दे का जिक्र करते हुए सिंह ने कहा कि जिन लोगों के पास सुप्रीम कोर्ट में प्रवेश का वैध पास है और जो रजिस्ट्री के कर्मचारी हैं। उन्हें उचित सुरक्षा जांच के बाद सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन पर उतरने की अनुमति दी जानी चाहिए। इस पर सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि लंच ब्रेक तक समाधान नहीं हुआ तो वह मामले में हस्तक्षेप करेंगे।

सीजेआई ने कहा कि वकीलों की गैरहाजिरी के कारण आज कोई प्रतिकूल आदेश पारित नहीं होगा। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) के अध्यक्ष विकास सिंह ने मेट्रो स्टेशनों को बंद करने के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। इस में वकीलों, वादियों और अदालती कर्मचारियों को सीमित एंट्री देने का अनुरोध किया है।

लाइव लॉ के मुताबिक सिंह ने कहा, "मेट्रो में एक फायदा यह है कि जब लोग ट्रेन से उतरते हैं, तो वहां एक एग्ज़िट पॉइंट होता है। वहां उनकी स्क्रीनिंग की जा सकती है। जिनके पास प्रॉक्सिमिटी कार्ड हैं और जो रजिस्ट्री के स्टाफ़ हैं, उन्हें बाहर आने की इजाज़त दी जा सकती है। और बाकी लोगों से दूसरी ट्रेन लेकर जाने के लिए कहा जा सकता है। इस तरह लोग ट्रेन का इस्तेमाल भी कर पाएंगे।"

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