नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) तक का सफर आने वाले कुछ दिनों में और आसान और तेज होने वाला है। एनएचएआई ने नोएडा एयरपोर्ट तक बेहतर और तेज कनेक्टिविटी देने के लिए एलिवेटेड एक्सप्रेसवे परियोजना पर काम तेज कर दिया गया है। इस योजना में करीब 4,000 करोड़ रुपये की लागत वाली इस एक्सप्रेसवे परियोजना को 6 लेन में तैयार किया जाएगा। एलिवेटेड एक्सप्रेसवे तैयार होने के बाद जेवर एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों को नोएडा शहर के ट्रैफिक से काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है। आइए जानते हैं किन-किन रास्तों से होकर गुजरेगा ये एक्सप्रेसवे
किन जगहों से होकर गुजरेगी एक्सप्रेसवे
एलिवेटेड एक्सप्रेसवे के लिए नोएडा प्राधिकरण अपने क्षेत्र के 22 गांवों की जमीन भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को बिना किसी शुल्क के उपलब्ध कराएगा। इसी जमीन पर एक्सप्रेसवे के लिए बड़े और मजबूत पिलर बनाए जाएंगे। प्रस्तावित एक्सप्रेसवे सेक्टर-44, 99, 101 और 109 के अलावा वाजिदपुर, झट्टा, बदौली बांगर, कोंडली, गढ़ी और मोमनाथन समेत 22 गांवों से होकर गुजरेगा। इसके साथ ही ग्रेटर नोएडा के तीन गांव भी इस परियोजना में शामिल होंगे। एलिवेटेड एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई लगभग 50 किलोमीटर होगी, जिसमें करीब 27 किलोमीटर हिस्सा नोएडा की सीमा में आएगा। 50 किलोमीटर लंबा ये एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद दिल्ली से जेवर एयरपोर्ट तक पहुंचने में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा। अनुमान है कि एक्सप्रेसवे के चालू होने पर दिल्ली से एयरपोर्ट का सफर करीब एक घंटे से थोड़ा ज्यादा समय में पूरा किया जा सकेगा।
तय रूट में क्यों हुआ बदलाव
एलिवेटेड एक्सप्रेसवे बनने के बाद मयूर विहार, अक्षरधाम, पटपड़गंज, कालिंदी कुंज और सरिता विहार जैसे इलाकों से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचना आसान हो जाएगा। वहीं, मंझावली पुल के जरिए फरीदाबाद और हरियाणा को भी सीधा सड़क संपर्क मिलेगा। सिंचाई विभाग की आपत्ति के बाद परियोजना के तय रूट में भी बदलाव किया गया है। सिंचाई विभाग से तटबंध पर एक्सप्रेसवे बनाने की मंजूरी नहीं मिलने के बाद परियोजना का रास्ता बदल दिया गया है। नए प्लान के मुताबिक एक्सप्रेसवे अब नोएडा की ओर तटबंध से करीब पांच मीटर की दूरी पर बनाया जाएगा। आगे यह सड़क यमुना किनारे बनने वाली 120 मीटर चौड़ी सड़क से जुड़ जाएगी।
नोएडा प्राधिकरण के सीईओ कृष्ण करुणेश ने कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना प्राधिकरण की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि परियोजना को तेजी से पूरा करने के लिए एनएचएआई को जरूरी जमीन मुफ्त में उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे दिल्ली-एनसीआर के लोगों को एयरपोर्ट तक जल्द बेहतर सड़क सुविधा मिल सके। प्राधिकरण के मुताबिक रूट तय होने के बाद अब डीपीआर तैयार की जा रही है। निर्माण से पहले मिट्टी की मजबूती जांची जाएगी। इस पूरे एक्सप्रेसवे के निर्माण के साथ-साथ आगे इसके रखरखाव की जिम्मेदारी भी एनएचएआई की होगी।