नोएडा प्राधिकरण (Noida Authority) सेक्टर 94 में ओखला बर्ड सेंचुरी के पास करीब 25 एकड़ जमीन पर एक बड़ा प्रोजेक्ट विकसित करने की तैयारी कर रहा है। इसमें कन्वेंशन और हैबिटेट सेंटर के साथ कई तरह की सुविधाओं वाला मिक्स्ड-यूज कॉम्प्लेक्स बनाया जाएगा। करीब 4,526 करोड़ रुपये की लागत वाले इस बड़े प्रोजेक्ट को विकसित करने के लिए प्राइवेट कंपनी का चयन किया जाएगा। इसके लिए अथॉरिटी ने रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (RFP) जारी कर इच्छुक कंपनियों से प्रस्ताव मांगे हैं।
नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के पास 25 एकड़ में यह बड़ा प्रोजेक्ट तैयार किया जाएगा। इसे नोएडा के प्रमुख कमर्शियल और कल्चरल हब के रूप में विकसित करने की योजना है। यहां कन्वेंशन और एग्जिबिशन सेंटर, दुकानें, ऑफिस, होटल, सर्विस्ड अपार्टमेंट और रिहायशी सुविधाएं एक ही जगह मिलेंगी। इसे 'नोएडा का गेटवे' के तौर पर भी विकसित किया जाएगा। ये जगह कालिंदी कुंज के रास्ते साउथ दिल्ली से नोएडा आने वाले लोगों के लिए प्रमुख प्रवेश मार्ग पर है, इसलिए इस प्रोजेक्ट को ‘गेटवे टू नोएडा’ नाम दिया गया है।
30 महीने में काम होगा पूरा
नोएडा अथॉरिटी के जनरल मैनेजर एसपी सिंह ने बताया कि इस प्रोजेक्ट को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत विकसित किया जाएगा। इसमें आधुनिक कन्वेंशन सेंटर और प्रदर्शनी के लिए जगह के साथ रिटेल दुकानें, ऑफिस, होटल, सर्विस्ड अपार्टमेंट और रिहायशी क्षेत्र भी बनाए जाएंगे। प्रोजेक्ट मिलने के बाद कन्वेंशन सेंटर का निर्माण 30 महीने के भीतर पूरा करना होगा। वहीं, पूरे प्रोजेक्ट को सात साल के अंदर तैयार कर शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। डेवलपर के चयन के बाद काम जल्द शुरू किया जा सकता है, क्योंकि प्रोजेक्ट का लेआउट और बिल्डिंग प्लान पहले ही मंजूर किए जा चुके हैं।
जानें इस कन्वेंशन सेंटर के बारे में
RFP के अनुसार, प्रस्तावित कन्वेंशन सेंटर करीब 18,762 वर्ग मीटर में बनाया जाएगा। वहीं, हैबिटैट सेंटर और होटल के लिए 29,507-29,507 वर्ग मीटर जगह तय की गई है। प्रोजेक्ट में करीब 65,437 वर्ग मीटर का रिटेल स्पेस और ऑफिस व सर्विस अपार्टमेंट के लिए 1.10 लाख वर्ग मीटर क्षेत्र होगा। रिहायशी हिस्से के लिए 1.75 लाख वर्ग मीटर जगह रखी गई है, हालांकि इसका हिस्सा कुल बिल्ट-अप एरिया के 40 फीसदी से ज्यादा नहीं होगा। यहां करीब 7,180 कारों की पार्किंग की सुविधा भी बनाई जाएगी।
PPP मॉडल के तहत नोएडा अथॉरिटी और चुनी गई निजी कंपनी मिलकर एक स्पेशल पर्पस व्हीकल (SPV) बनाएंगे। निजी डेवलपर प्रोजेक्ट की डिजाइन, पैसा जुटाने, निर्माण, संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी संभालेगा। अथॉरिटी के अनुमान के अनुसार, प्रोजेक्ट से सात साल बाद करीब 6,890 करोड़ रुपये का राजस्व मिलने की उम्मीद है। यह आंकड़ा 10 साल में बढ़कर 10,324 करोड़ और 15 साल में 17,292 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। यह प्रोजेक्ट नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे और ओखला बर्ड सैंक्चुअरी मेट्रो स्टेशन के पास होने के कारण काफी अहम माना जा रहा है।