Delhi SIR: दिल्ली में 47 लाख मतदाता वोटर लिस्ट से होंगे बाहर! राजधानी में SIR का पहला चरण पूरा, जानें- अब तक की बड़ी बातें

Delhi SIR: दिल्ली में 47 लाख वोटर के नाम मतदाता सूची से हटाए जाएंगे। दिल्ली में मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) के बाद प्रकाशित होने वाली फाइनल वोटर लिस्ट लिस्ट में 1.45 करोड़ मतदाताओं में से 47 लाख से अधिक (करीब 33 प्रतिशत) के नाम कट सकते हैं

अपडेटेड Aug 18, 2026 पर 10:21 AM
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Delhi SIR: राजधानी दिल्ली में 47 लाख मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जाएंगे

Delhi SIR: देश की राजधानी दिल्ली में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) के बाद कुल 1.45 करोड़ वोटरों में से 47 लाख से अधिक (लगभग 33 प्रतिशत) मतदाताओं के नाम फाइनल ड्राफ्ट लिस्ट से हटाए जा सकते हैं। बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLOs) द्वारा दिए गए एन्यूमरेशन फॉर्म भरने और जमा करने की समय-सीमा सोमवार 17 अगस्त को खत्म हो गई। हालांकि, जिन वोटरों ने अभी तक अपने फ़ॉर्म जमा नहीं किए हैं, उन्हें 24 अगस्त को ड्राफ्ट लिस्ट जारी होने के बाद भी दावे और आपत्तियां दर्ज करने का मौका मिलेगा।

दिल्ली की फाइनल वोटर लिस्ट 27 अक्टूबर को जारी की जाएगी। जिन वोटरों के एन्यूमरेशन फॉर्म इस चरण में जमा या डिजिटाइज नहीं हुए हैं, उनके लिए दावे और आपत्तियों का समय बहुत अहम होगा। दक्षिण दिल्ली में फ़ॉर्म जमा करने की दर सबसे कम रही, जहां सिर्फ 56.32% वोटरों से एन्यूमरेशन फॉर्म मिले। इसका मतलब है कि लगभग 44% वोटर अपने फॉर्म जमा नहीं कर पाए। फॉर्म जमा करने की सबसे ज्यादा दर उत्तर दिल्ली में दर्ज की गई, जहां 75.68% फॉर्म जमा हुए।

कितने फॉर्म जमा हुए अब तक?


दिल्ली के चीफ इलेक्टोरल ऑफ़िसर (CEO) के ऑफिस से जारी आंकड़ों के अनुसार, राजधानी के 1.45 करोड़ वोटरों में से 97.47 लाख (67.18 प्रतिशत) ने अपने एन्यूमरेशन फॉर्म जमा कर दिए हैं। सभी निर्वाचन क्षेत्रों में BLOs द्वारा इन फॉर्म को डिजिटाइज कर दिया गया है। आंकड़े बताते हैं कि अल्पसंख्यक-बहुल कई निर्वाचन क्षेत्रों में जमा किए गए और सफलतापूर्वक डिजिटाइज किए गए फॉर्मों की संख्या अपेक्षाकृत अधिक थी।

कौन सा जिला पीछे और कौन आगे?

उत्तर-पश्चिम दिल्ली के रोहिणी निर्वाचन क्षेत्र मेंम1,50,398 वोटर हैं। यहां डिजिटाइजेशन की दर सबसे ज्यादा 83.43 प्रतिशत (1,25,478 फॉर्म) दर्ज की गई। जबकि 24,920 फ़ॉर्म 'इकट्ठा नहीं किए गए' के ​​रूप में चिह्नित किए गए। डिजिटाइज़्ड फ़ॉर्मों के प्रतिशत के मामले में लिस्ट में सबसे ऊपर रहने वाले अन्य निर्वाचन क्षेत्रों में शकूर बस्ती (81.26 प्रतिशत), राजौरी गार्डन (79.14 प्रतिशत), मंगोलपुरी (78.76 प्रतिशत) और उत्तम नगर (77.76 प्रतिशत) शामिल हैं।

फॉर्म डिजिटाइज़ेशन के मामले में तुगलकाबाद सबसे निचले स्थान पर रहा (52.15 प्रतिशत)। इस निर्वाचन क्षेत्र में ऐसे फॉर्मों की संख्या भी सबसे अधिक दर्ज की गई उन्हें इकट्ठा नहीं किया जा सका (47.85 प्रतिशत)। अल्पसंख्यक-बहुल निर्वाचन क्षेत्रों में चांदनी चौक में फॉर्म डिजिटाइजेशन की दर सबसे कम 61.02 प्रतिशत दर्ज की गई।

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CEO के आंकड़ों के अनुसार, अन्य अल्पसंख्यक-बहुल निर्वाचन क्षेत्रों में गिनती वाले फॉर्म के डिजिटाइजेशन का प्रतिशत अपेक्षाकृत अधिक रहा। इनमें मुस्तफाबाद (71.91 प्रतिशत), मटिया महल (75.5 प्रतिशत), सीलमपुर (76.63 प्रतिशत), बाबरपुर (73 प्रतिशत) और बल्लीमारान (67.35 प्रतिशत) प्रमुख हैं। चुनाव अधिकारी ने बताया कि जिन मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल नहीं हैं, उन्हें CEO ऑफिस से ASDD (अनुपस्थित, शिफ्ट, मृत और डुप्लिकेट) कैटेगरी के तहत आने वाली कमियों के बारे में नोटिस मिलेंगे।

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