Delhi Suicide: 'काम के दबाव ने मुझे तोड़ दिया...'; साकेत कोर्ट के कर्मचारी ने बिल्डिंग से कूदकर दी जान, सुसाइड नोट में 'वर्क प्रेशर' का जिक्र

Delhi Suicide: दिल्ली पुलिस ने बताया कि शुक्रवार (9 जनवरी) को साकेत कोर्ट कॉम्प्लेक्स के अंदर एक बिल्डिंग से कूदकर एक युवा कर्मचारी ने आत्महत्या कर ली। मौके से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है। पुलिस के मुताबिक, सूचना मिलते ही टीमें कोर्ट कॉम्प्लेक्स पहुंचीं और इलाके को घेर लिया। कर्मचारी ने सुसाइड नोट में 'वर्क प्रेशर' का जिक्र किया है

अपडेटेड Jan 09, 2026 पर 5:02 PM
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Delhi Suicide: दिल्ली पुलिस इस मामले में गवाहों और कर्मचारी के सहकर्मियों के बयान दर्ज कर रही है

Delhi Suicide News: दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार (9 जनवरी) को बताया कि राष्ट्रीय राजधानी में साकेत डिस्ट्रिक्ट कोर्ट कॉम्प्लेक्स के अंदर कथित तौर पर काम के दबाव से परेशान एक पुरुष कर्मचारी ने बिल्डिंग से कूदकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने बताया कि मृतक के पास से एक सुसाइड नोट भी मिला है। पुलिस के मुताबिक, सूचना मिलते ही टीमें कोर्ट कॉम्प्लेक्स पहुंचीं और इलाके को घेर लिया। मृतक की पहचान हरीश सिंह महार के रूप में हुई है। वह कॉम्प्लेक्स में तैनात एक अहलमाद (कोर्ट रिकॉर्ड-कीपर) था।

पीड़ित कोर्ट कॉम्प्लेक्स में काम करता था। वह कथित तौर पर काम के दबाव के कारण मानसिक तनाव में था। जांच के तहत गवाहों और सहकर्मियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने बताया, "एक टीम मौके पर पहुंची है। मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस टीम गवाहों और सहकर्मियों के बयान रिकॉर्ड कर रही है।" घटना के बाद कोर्ट के कर्मचारियों और वकीलों ने साकेत कोर्ट परिसर के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने "हरीश के लिए न्याय" के नारे लगाए।

वकीलों का प्रदर्शन


साकेत कोर्ट के सेक्रेटरी अनिल बसोया ने न्यूज एजेंसी ANI से कहा, "सुबह करीब 10 बजे सबको खबर मिली कि हमारे कोर्ट स्टाफ अहलमद हरीश ने एक फ्लोर से छलांग लगा दी है। उन्होंने एक सुसाइड नोट लिखा है जिसके अनुसार आत्महत्या का कारण काम का दबाव है... पूरा बार एसोसिएशन भी कोर्ट स्टाफ के साथ है... हम यहां हरीश के लिए न्याय की मांग करने आए हैं।"

सुसाइट नोड में क्या लिखा?

एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें पीड़ित ने लिखा है कि वह ऑफिस के काम के दबाव के कारण अपनी जान दे रहा है। उसने लिखा कि यह फैसला उसने अपनी मर्जी से लिया है। इसके लिए किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए।

सुसाइड नोट में पीड़ित ने कहा कि जब से उसने अहलमद (जज या किसी खास कोर्ट से जुड़ा रिकॉर्ड-कीपर या क्लर्क) का पद संभाला था, तब से उसे आत्महत्या के ख्याल आ रहे थे। उसने लिखा कि उसने अपनी हालत किसी को नहीं बताई, यह सोचकर कि वह इससे उबर जाएगा। लेकिन ऐसा नहीं कर पाया। नोट में लिखा था, "मैं 60% विकलांग व्यक्ति हूं। यह नौकरी मेरे लिए बहुत मुश्किल है। मैं दबाव झेल नहीं पाया।"

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नोट में आगे लिखा है कि काम के तनाव के कारण उसे नींद नहीं आ रही थी। वह लगातार सोच रहा था। उसने यह भी लिखा कि जल्दी रिटायरमेंट लेने पर उसे 60 साल की उम्र तक अपनी बचत या पेंशन नहीं मिलेगी, जिससे उसका मानसिक दबाव और बढ़ गया था। पुलिस ने बताया कि शव को कब्जे में ले लिया गया है। फिलहाल, मामले में आगे की जांच जारी है।

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