सिर्फ 4.5 घंटे में ट्रेन से दिल्ली से पटना! बुलेट ट्रेन का ये रूट आगरा, कानपुर, वाराणसी का भी ट्रैवल टाइम कर देगा बेहद कम

प्रस्तावित बुलेट ट्रेन कॉरिडोर से दिल्ली से यूपी और बिहार के प्रमुख शहरों का सफर काफी आसान और तेज हो सकता है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के मुताबिक, इस हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के शुरू होने के बाद दिल्ली से लखनऊ करीब 2 घंटे और पटना करीब 4.5 घंटे में पहुंचा जा सकेगा

अपडेटेड Sep 01, 2026 पर 12:11 PM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
बुलेट ट्रेन कॉरिडोर दिल्ली को आगरा, कानपुर, लखनऊ, वाराणसी और पटना से जोड़ेगा

दिल्ली से उत्तर प्रदेश और बिहार के बीच यात्रा करने वाले रेल यात्रियों के लिए बहुत राहत देने वाली खबर सामने आई है। देश में प्रस्तावित नए बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के तहत दिल्ली से पटना की दूरी महज 4.5 घंटे में तय की जा सकेगी, वहीं दिल्ली से लखनऊ पहुंचने में सिर्फ 2 घंटे के आसपास का समय लगेगा। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को उत्तर प्रदेश और बिहार के प्रमुख शहरों को जोड़ने वाले इस प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के बारे में डिटेल में जानकारी दी है।

नेपालगंज रोड-नानपारा-बहराइच सेक्शन पर नए बने और इलेक्ट्रिफाई किए गए ब्रॉड-गेज रेल लाइन के उद्घाटन के दौरान बोलते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि प्रस्तावित बुलेट ट्रेन कॉरिडोर दिल्ली को आगरा, कानपुर, लखनऊ, वाराणसी और पटना से जोड़ेगा।

किस शहर तक कितना लगेगा समय? जानिए रूट और ट्रैवल टाइम का पूरा गणित


प्रस्तावित परियोजना के लागू होने के बाद दिल्ली से यूपी और बिहार के प्रमुख शहरों की दूरी मिनटों और कुछ घंटों में सिमट जाएगी:

  • दिल्ली से आगरा (200 किमी): यात्रा का अनुमानित समय महज 58 मिनट होगा।
  • दिल्ली से कानपुर (455 किमी): यह दूरी तय करने में सिर्फ 1 घंटा 50 मिनट का समय लगेगा।
  • दिल्ली से लखनऊ (495 किमी): सफर पूरा होने में सिर्फ 2 घंटे 12 मिनट लगेंगे।
  • दिल्ली से प्रयागराज (750 किमी): बुलेट ट्रेन से यह दूरी 3 घंटे में पूरी होगी।
  • दिल्ली से वाराणसी (945 किमी): सफर तय करने में लगभग 3 घंटे 33 मिनट का समय लगेगा।
  • दिल्ली से पटना (1170 किमी): दिल्ली से पटना की लंबी दूरी महज 4.5 घंटे में तय कर ली जाएगी।

रेल मंत्री ने बताया कि इस प्रोजेक्ट के पूरे होने के बाद यह मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर के बाद देश का अगला बुलेट ट्रेन कॉरिडोर होगा। यह राजधानी दिल्ली को उत्तर प्रदेश और बिहार के कई महत्वपूर्ण शहरों से जोड़ने वाला पहला कॉरिडोर बनेगा। इस कॉरिडोर से रोजाना यात्रा करने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलेगी और आगरा, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर और पटना जैसे धार्मिक पर्यटन केंद्रों सहित पूरे दिल्ली-यूपी-बिहार बेल्ट में पर्यटन, व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा।

भारतीय रेलवे की मौजूदा स्पीड और पहली बुलेट ट्रेन की डेडलाइन

अभी भारतीय रेलवे नेटवर्क पर सबसे अधिक डिज़ाइन स्पीड करीब 180 किमी प्रति घंटा है। वंदे भारत जैसी सेमी-हाई-स्पीड सेवाओं ट्रेन इस स्पीड के लिए डिजाइन हैं। इसके उलट मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल (MAHSR) प्रोजेक्ट की डिज़ाइन स्पीड 350 किमी प्रति घंटा और ऑपरेशनल स्पीड 320 किमी प्रति घंटा है। यह प्रोजेक्ट मुंबई और अहमदाबाद को लगभग 1 घंटा 58 मिनट में जोड़ेगा। देश में पहली हाई-स्पीड रेल सेवा अगस्त 2027 में शुरू होने की उम्मीद है। इसका पहला सेक्शन सूरत और वापी के बीच खोला जाएगा।

सेमीकंडक्टर मिशन 2.0: भारत में तैयार होंगे 1 लाख नए इंजीनियर्स

सोमवार को एक और कार्यक्रम में बोलते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की कि भारत अपने सेमीकंडक्टर कार्यक्रम के दूसरे चरण के तहत 1 लाख और सेमीकंडक्टर इंजीनियर्स तैयार करेगा। सेमीकॉन 2.0 के शुभारंभ के बाद मंत्री ने बताया कि इस पहल का ध्यान न सिर्फ सेमीकंडक्टर बनाने पर होगा बल्कि टैलेंट डेवलपमेंट, चिप डिजाइन, उपकरण, सामग्री, एडवांस्ड पैकेजिंग और रिसर्च एंड डेवलपमेंट पर भी होगा। उन्होंने कहा कि यह कदम बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि वर्ष 2032 तक वैश्विक सेमीकंडक्टर उद्योग को लगभग 10 लाख कुशल कार्यबल की कमी का सामना करने की संभावना है। इसे पूरा करने में भारत की भूमिका अहम होगी।

Maharashtra SIR: महाराष्ट्र में वोटर लिस्ट से 2 करोड़ नाम कटे, मुंबई में 35% की भारी गिरावट! नाम जुड़वाने के लिए कैसे करें अप्लाई?

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।