एटा (UP), 21 सितंबर (PTI): एटा कोर्ट परिसर में सोमवार को उस समय अचानक हलचल बढ़ गई, जब कोर्ट में कामकाज के दौरान एडिशनल सिविल जज आरती मौर्य की तबीयत बिगड़ गई। घटना के बाद कोर्ट परिसर में मौजूद कर्मचारियों और अन्य लोगों का ध्यान उनकी ओर गया। सिचुएशन को देखते हुए उन्हें तुरंत मेडिकल सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस और संबंधित अधिकारी भी मामले पर नजर रखने लगे।
आरती मौर्य एटा की कोर्ट नंबर 23 में एडिशनल सिविल जज (जूनियर डिवीजन) के पद पर तैनात हैं। उनकी एटा में पोस्टिंग इसी साल अप्रैल में हुई थी। उन्होंने 2019 में न्यायिक सेवा में कदम रखा था। 32 वर्षीय आरती मौर्य मूल रूप से मैनपुरी की रहने वाली हैं। न्यायिक सेवा में आने के बाद उन्होंने अलग-अलग जिम्मेदारियां संभाली हैं और फिलहाल एटा कोर्ट में अपनी सेवाएं दे रही हैं।
तबीयत बिगड़ने के बाद आरती मौर्य को वीरांगना अवंतीबाई लोधी ऑटोनॉमस स्टेट मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी विभाग में ले जाया गया। अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने उनकी जांच की और स्थिति का आकलन किया। डॉक्टरों के मुताबिक, उन्हें हार्ट अटैक आया था। इसके बाद मेडिकल टीम ने तुरंत शुरुआती इलाज शुरू किया। उनकी कंडीशन को देखते हुए डॉक्टरों ने आगे बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए उन्हें दूसरे मेडिकल सेंटर रेफर करने का फैसला लिया।
पुलिस को मिली घटना की सूचना
कोतवाली नगर के स्टेशन हाउस ऑफिसर धर्मेंद्र पवार ने बताया कि पुलिस को कोर्ट परिसर में जज की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिली थी। सूचना मिलने के बाद पुलिस को अस्पताल में उनके भर्ती होने की जानकारी मिली। बाद में डॉक्टरों की सलाह पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए दूसरे सेंटर भेजे जाने की बात सामने आई। उनकी स्थिति को देखते हुए आगे का इलाज स्पेसलिस्ट की निगरानी में कराया जा रहा है।
कोर्ट में काम के दौरान अचानक सामने आई इस मेडिकल इमरजेंसी के बाद वहां मौजूद लोगों के बीच काफी चिंता देखी गई। इस तरह की सिचुएशन में मेडिकल इमरजेंसी बहुत जरुरी मानी जाती है। फिलहाल आरती मौर्य को बेहतर इलाज कराने पर ध्यान दिया जा रहा है और मेडिकल टीम उनकी कंडीशन के हिसाब से आगे का ट्रीटमेंट कर रही है।