दिल्ली से सिलीगुड़ी का सफर सिर्फ 6 घंटे में, पश्चिम बंगाल को मिलेगी पहली बुलेट ट्रेन

रेल मंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल को कई राज्यों से पहले वंदे भारत स्लीपर और अमृत भारत ट्रेन जैसी नई ट्रेनें दी गई हैं। आने वाले समय में भी राज्य के लिए नई रेलवे परियोजनाओं की घोषणा की जाएगी। साथ ही अगले पांच वर्षों में कोलकाता मेट्रो के लिए 60 नई पीढ़ी की मेट्रो रेक (कोच) भी शामिल की जाएंगी

अपडेटेड Jun 06, 2026 पर 2:54 PM
दिल्ली से सिलीगुड़ी का सफर सिर्फ 6 घंटे में, पश्चिम बंगाल को मिलेगी पहली बुलेट ट्रेन

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को पश्चिम बंगाल के लिए बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि राज्य में बुलेट ट्रेन परियोजना लाई जाएगी। यह हाई-स्पीड ट्रेन दिल्ली को लखनऊ, वाराणसी और पटना होते हुए सिलीगुड़ी से जोड़ेगी। इसके शुरू होने के बाद दिल्ली से सिलीगुड़ी का सफर महज 6 घंटे में पूरा किया जा सकेगा।

रेल मंत्री ने बताया कि यूपीए सरकार के समय पश्चिम बंगाल को रेलवे विकास के लिए करीब 4,000 करोड़ रुपये मिलते थे, जबकि अब नरेंद्र मोदी सरकार ने यह राशि बढ़ाकर 14,205 करोड़ रुपये कर दी है।

कई परियोजनाएं मंजूरी न मिलने से अटकीं


वैष्णव ने आरोप लगाया कि पिछली राज्य सरकार की ओर से समय पर अनुमति नहीं मिलने के कारण कई रेलवे परियोजनाएं लटक गईं। कुछ मामलों में सिर्फ प्रशासनिक मंजूरी की जरूरत थी, जबकि कुछ परियोजनाएं अदालत तक पहुंच गईं।

बंगाल को पहले मिली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन

रेल मंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल को कई राज्यों से पहले वंदे भारत स्लीपर और अमृत भारत ट्रेन जैसी नई ट्रेनें दी गई हैं। आने वाले समय में भी राज्य के लिए नई रेलवे परियोजनाओं की घोषणा की जाएगी।

कोलकाता मेट्रो का तेजी से विस्तार

उन्होंने बताया कि मोदी सरकार के दौरान कोलकाता में 45 किलोमीटर मेट्रो लाइन का निर्माण पूरा किया गया है। उनके अनुसार, इससे पहले 42 वर्षों में केवल 28 किलोमीटर मेट्रो नेटवर्क ही बन पाया था।

साथ ही अगले पांच वर्षों में कोलकाता मेट्रो के लिए 60 नई पीढ़ी की मेट्रो रेक (कोच) भी शामिल की जाएंगी।

माल ढुलाई के लिए बनेगा बड़ा कॉरिडोर

रेल मंत्री ने कहा कि ईस्ट-वेस्ट डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर डानकुनी को सूरत से जोड़ेगा। इससे माल ढुलाई तेज और आसान होगी।

विधायकों से मांगे गए विकास के सुझाव

वैष्णव ने बताया कि सभी विधायकों से फोन पर संपर्क किया गया है और उनसे अपने-अपने क्षेत्रों में जरूरी विकास कार्यों के सुझाव मांगे गए हैं। रेलवे मंत्रालय का कहना है कि इन परियोजनाओं का मकसद पश्चिम बंगाल में रेलवे ढांचे को और मजबूत बनाना है।

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