10 जून से ग्रेटर नोएडा के इन 4 मेन रूट पर चलेंगी ग्रेनो अथॉरिटी की इलेक्ट्रिक बसें, इनकी डिटेल्स जानिए

ग्रेटर नोएडा में पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बेहतर बनाने के लिए 10 जून से इलेक्ट्रिक बस सेवा की शुरूआत होने जा रही है। पहले चरण में 12 AC इलेक्ट्रिक बसों को अलग-अलग रूटों पर चलाया जाएगा। इससे रोजाना सफर करने वाले लोगों को निजी वाहनों पर कम निर्भर रहना पड़ेगा।

अपडेटेड Jun 06, 2026 पर 2:15 PM
ग्रेटर नोएडा में 10 जून से शुरू होगी इलेक्ट्रिक बस सेवा

ग्रेटर नोएडा में पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बेहतर बनाने के लिए 10 जून से इलेक्ट्रिक बस सेवा की शुरूआत होने जा रही है। पहले चरण में 12 AC इलेक्ट्रिक बसों को अलग-अलग रूटों पर चलाया जाएगा। इससे रोजाना सफर करने वाले लोगों को निजी वाहनों, ऑटो और टैक्सी पर कम निर्भर रहना पड़ेगा। वहीं, इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से न केवल लोगों को सस्ती और सुविधाजनक यात्रा का विकल्प मिलेगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

गौरतलब है कि ग्रेटर नोएडा एक तेजी से विकसित हो रहा शहर है, लेकिन यहां सार्वजनिक परिवहन की सुविधाएं अभी भी सीमित हैं। मेट्रो सेवा केवल कुछ ही क्षेत्रों तक उपलब्ध है, जिसके कारण रोजाना नौकरी, पढ़ाई या अन्य कामों के लिए आने-जाने वाले लोगों को अक्सर निजी वाहन, ऑटो या टैक्सी पर निर्भर रहना पड़ता है।

इन प्रमुख रूटों पर दौड़ेंगी बसें


ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की योजना के तहत शुरुआती चरण में शहर के चार प्रमुख रूटों पर इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जाएगा। पहले रूट में बसें ग्रेनो वेस्ट से चार मूर्ति चौक, सूरजपुर और पाई-1 होते हुए नॉलेज पार्क तक चलेंगी। दूसरा रूट ग्रेनो वेस्ट से चार मूर्ति चौक, 130 मीटर रोड और तिलपता तक प्रस्तावित है, जिसे आगे चलकर नोएडा एयरपोर्ट तक बढ़ाया जा सकता है।

तीसरा रूट 130 मीटर रोड से मकौड़ा रोटरी, एलजी चौक, नॉलेज पार्क और सेक्टर पी-7 होते हुए नोएडा एयरपोर्ट तक जाएगा। वहीं चौथा रूट औद्योगिक क्षेत्र ईकोटेक-16, तिलपता, स्वर्णनगरी, ओमीक्रॉन और जीबीयू से होकर नोएडा एयरपोर्ट तक पहुंचाने की योजना है।

अधिकारियों के अनुसार, शुरुआत में इन बसों का संचालन ट्रायल के तौर पर किया जाएगा। यात्रियों की प्रतिक्रिया और जरूरतों को देखते हुए आगे चलकर रूटों में बदलाव या विस्तार भी किया जा सकता है।

कितना है इन बसों का किराया?

सबसे अच्छी बात यह है कि इन एसी बसों का किराया आम लोगों को ध्यान में रखकर तय किया गया है। शुरुआती बसों का किराया करीब 10 रुपये और अधिकतम 30 रुपये तक रहने की संभावना है। अंतिम किराया और रूट की आधिकारिक घोषिणा जल्द की जाएगी। इसके साथ ही बसों की फ्रीक्वेंसी पर भी ध्यान दिया जाएगा, जिससे यात्रियों को लंबा इंतजार न करना पड़े।

लंबे समय से की जा रही थी मांग

इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (IIA) के अध्यक्ष संजीव शर्मा ने कहा, “औद्योगिक संगठनों द्वारा लंबे समय से सार्वजनिक बस सेवा की मांग की जा रही थी। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक बसों का संचालन निश्चित रूप से एक सकारात्मक और स्वागतयोग्य कदम है, लेकिन इसके रूटों को और व्यावहारिक और उपयोगी बनाने की जरूरत है।

शर्मा ने कहा कि ईकोटेक-1, ईकोटेक-1 एक्सटेंशन और ईकोटेक-3 जैसे क्षेत्रों में बड़ी संख्या में उद्योग संचालित हो रहे हैं, जहां हजारों कर्मचारी रोजाना काम करने आते हैं। ऐसे में अगर इलेक्ट्रिक बसों के रूट इन इलाकों को भी कवर करते हैं, तो इसका सीधा फायदा श्रमिकों और कर्मचारियों को मिलेगा और उनकी रोजाना की आवाजाही काफी आसान हो जाएगी।

उन्होंने आगे कहा कि बस सेवा को केवल कुछ मुख्य मार्गों तक सीमित रखने के बजाय औद्योगिक और आवासीय क्षेत्रों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करनी चाहिए। अल्फा, बीटा, गामा, डेल्टा, जेटा और पाई जैसे प्रमुख सेक्टरों को भी बस नेटवर्क से जोड़ने की आवश्यकता है। इससे बड़ी संख्या में कर्मचारियों, छात्रों और आम नागरिकों को निजी वाहनों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

इलेक्ट्रिक बसें पर्यावरण की दृष्टि से महत्वपूर्ण

पूर्व उद्योग आयुक्त और ग्रेटर नोएडा निवासी जीपी गोस्वामी ने कहा कि इलेक्ट्रिक बसें शहर के लिए पर्यावरण की दृष्टि से बेहद अहम हैं। उन्होंने कहा, ग्रेटर नोएडा पहले से ही अपेक्षाकृत स्वच्छ और योजनाबद्ध शहर है, लेकिन इलेक्ट्रिक सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा मिलने से प्रदूषण में और कमी आएगी।

उन्होंने सरकार और प्राधिकरण की इस पहल की सराहना करते हुए सुझाव दिया कि बस सेवाओं का संचालन सिर्फ मुख्य मार्गों तक सीमित न रहे। उनके अनुसार, अगर बसें सेक्टरों के अंदर और घनी आबादी वाले इलाकों तक भी पहुंचें, तो ज्यादा से ज्यादा लोग इस सुविधा का लाभ उठा पाएंगे और शहर में सार्वजनिक परिवहन और मजबूत हो सकेगा।

वहीं, अल्फा निवासी एवं उद्यमी महिपाल सिंह ने इलेक्ट्रिक बसों के शुरू होने पर कहा, यह बहुत बड़ी उपलब्धी है। इससे महिलाओं, श्रमिकों और निम्न आय वर्ग के लोगों को सबसे अधिक लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा, सार्वजनिक परिवहन मजबूत होने से लोगों का समय और पैसा दोनों बचेगा।

करोड़ों की लागत से होगा बस डिपो की मरम्मत का काम

प्राधिकरण की योजना के तहत सेक्टर-90 स्थित नोएडा मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के बस डिपो को ई-बसों के लिए तैयार किया जा रहा है। इसके लिए डिपो की मरम्मत और जरूरी सुविधाओं के विकास पर करीब 8.26 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। साथ ही, इलेक्ट्रिक बसों के लिए चार्जिंग स्टेशन बनाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

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