Delhi Hot Air Balloon: धुआं, धुंध और महंगा टिकट, दिल्ली के 'हॉट एयर बैलून' राइड को नहीं मिल रहे मुसाफिर

Delhi Hot Air Balloon Rides: एक रिपोर्ट के अनुसार, इस सर्विस को उम्मीद के मुताबिक रिस्पॉन्स नहीं मिल रहा है। वीकेंड पर औसतन केवल 20 टिकटें ही बिक पा रही है। पर्यटकों को लुभाने के लिए किराए में कटौती की गई है। पहले जो किराया ₹3,000 था अब ₹2,300 प्रति व्यक्ति कर दिया गया है

अपडेटेड Dec 28, 2025 पर 3:33 PM
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सोशल मीडिया पर लोगों ने इसका मजाक उड़ाते हुए कहा कि 'गैस चैंबर को ऊपर से देखने का क्या फायदा?

Delhi Hot Air Balloon: दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने यमुना किनारे 'बांसेरा पार्क' में बड़े उत्साह के साथ हॉट एयर बैलून सवारी की शुरुआत की थी। मकसद था लोगों को दिल्ली का 'एरियल व्यू' दिखाना और ईको-टूरिज्म को बढ़ावा देना। लेकिन लॉन्च के एक महीने बाद ही यह प्रोजेक्ट जमीन पर रेंगता नजर आ रहा है। आलम यह है कि लोग इस 'एडवेंचर' से दूरी बना रहे हैं, जिसके चलते आयोजकों को न केवल विस्तार की योजनाएं रोकनी पड़ी हैं, बल्कि टिकटों के दाम भी घटाने पड़े हैं।

3000 से घटकर 2300 हुआ किराया

NDTV की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस सर्विस को उम्मीद के मुताबिक रिस्पॉन्स नहीं मिल रहा है। वीकेंड पर औसतन केवल 20 टिकटें ही बिक पा रही है। पर्यटकों को लुभाने के लिए किराए में कटौती की गई है। पहले जो किराया ₹3,000 था अब ₹2,300 प्रति व्यक्ति कर दिया गया है। हॉट एयर बैलून की सवारी अधिकांश वही लोग कर रहे हैं जो पहले से पार्क घूमने आए हैं।


क्यों फ्लॉप साबित हो रहा है एडवेंचर?

1. दमघोंटू प्रदूषण और धुंध: सबसे बड़ी वजह दिल्ली की जहरीली हवा है। जब शहर का AQI 'बहुत खराब' श्रेणी में हो और आसमान में धुंध छाई हो, तो भला कोई ₹2300 खर्च करके ऊपर से क्या देखेगा? सोशल मीडिया पर भी लोगों ने इसका मजाक उड़ाते हुए कहा कि 'गैस चैंबर को ऊपर से देखने का क्या फायदा?'

2. ईको-टूरिज्म या 'ग्रीनवाशिंग': पर्यावरण कार्यकर्ता दीवान सिंह ने इस प्रोजेक्ट पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इसे 'ग्रीनवाशिंग' यानी पर्यावरण के नाम पर दिखावा करार दिया है। उनका तर्क है कि यमुना के संवेदनशील बाढ़ क्षेत्र में ऐसी व्यावसायिक गतिविधियां वहां के पारिस्थितिकी तंत्र को नुकसान पहुंचा सकती है।

3. विजिबिलिटी का संकट: सर्दियों के चरम पर होने के कारण विजिबिलिटी बहुत कम रहती है। 100-150 फीट की ऊंचाई पर जाने के बाद भी पर्यटकों को सिर्फ सफेद धुंध और प्रदूषण ही दिखाई देता है।

DDA की योजना इस सर्विस को असिता पार्क, यमुना स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और कॉमनवेल्थ गेम्स विलेज तक ले जाने की थी। लेकिन बांसेरा में कम मांग को देखते हुए इन सभी योजनाओं को फिलहाल होल्ड पर रख दिया गया है।

फरवरी तक बढ़ सकती है पर्यटकों की संख्या

उत्तर भारत में बैलूनिंग का सीजन फरवरी तक चलता है। आयोजकों को उम्मीद है कि, अगर आने वाले हफ्तों में आसमान साफ होता है और धूप खिलती है, तो पर्यटकों की संख्या बढ़ सकती है। एक ऑनलाइन बुकिंग पोर्टल भी तैयार किया जा रहा है ताकि लोग घर बैठे सीट बुक कर सकें।

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