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PMO के आदेश पर अयोध्या प्रशासन ने राम मंदिर के दान और खर्च का मांगा था हिसाब, SIT जांच का हवाला देकर ट्रस्ट ने किया इनकार

इस वक्त अयोध्या के राम मंदिर को मिले दान और चंदों में कथित गड़बड़ी का मामला देश में चर्चा का विषय बना हुआ है। फिलहाल इस मामले की एसआईटी जांच की जा रही है। इस बीच श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के खर्चों और दान राशि के हिसाब-किताब को लेकर एक और जानकारी सामने आई है।

Moneycontrol Hindi Newsअपडेटेड Jun 25, 2026 पर 1:04 PM
PMO के आदेश पर अयोध्या प्रशासन ने राम मंदिर के दान और खर्च का मांगा था हिसाब, SIT जांच का हवाला देकर ट्रस्ट ने किया इनकार
PMO के आदेश के बाद भी ट्रस्ट ने नहीं दिया दान और खर्च का हिसाब

Ram Mandir Chanda Case: इस वक्त अयोध्या के राम मंदिर को मिले दान और चंदों में कथित गड़बड़ी का मामला देश में चर्चा का विषय बना हुआ है। फिलहाल इस मामले की एसआईटी जांच की जा रही है। इस बीच श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के खर्चों और दान राशि के हिसाब-किताब को लेकर एक और जानकारी सामने आई है। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से आए एक आदेश के बाद जब अयोध्या जिला प्रशासन ने राम मंदिर ट्रस्ट से आय-व्यय, दान और संपत्तियों का पूरा विवरण मांगा तो ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने इसे देने से फिलहाल इनकार कर दिया है। चंपत राय ने इसके पीछे अयोध्या में राम मंदिर परियोजना से जुड़े आरोपों को लेकर चल रही एसआईटी जांच का हवाला दिया।

अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने ट्रस्ट की आय, खर्च, मिले दान, बैंक खातों, भूमि सौदों (जमीन के लेन-देन) और संपत्तियों से जुड़ा कोई भी विवरण देने से साफ मना कर दिया है। चंपत राय ने प्रशासन को बताया कि राम मंदिर परियोजना से जुड़े आरोपों को लेकर वर्तमान में एक विशेष जांच दल (SIT) की जांच चल रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच पैनल इस समय मामले से जुड़े सभी प्रासंगिक रिकॉर्ड और जानकारियां इकट्ठा कर रहा है। चंपत राय की इस दलील के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट में नोट किया है कि चल रही जांच को देखते हुए फिलहाल मांगी गई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई जा सकती।

पीएमओ (PMO) से अयोध्या प्रशासन तक कैसे पहुंचा यह मामला?

इस पूरे मामले की शुरुआत भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता रजनीश सिंह द्वारा प्रधानमंत्री कार्यालय में दर्ज कराई गई एक शिकायत से हुई थी। रजनीश सिंह की इस शिकायत को पीएमओ ने आवश्यक कार्रवाई के लिए अयोध्या जिला प्रशासन को फॉरवर्ड कर दिया था। इसके बाद अपर जिला मजिस्ट्रेट (कानून व्यवस्था) इंद्रकांत द्विवेदी ने अपर जिला मजिस्ट्रेट (प्रशासन) विशु राजा को 23 जून को एक पत्र लिखा। इस पत्र में एडीएम (कानून व्यवस्था) ने बताया कि उन्होंने शिकायत में मांगी गई जानकारियों को जुटाने के लिए ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से संपर्क किया था। इस पर चंपत राय ने एसआईटी जांच जारी होने की बात कहकर विवरण देने से असमर्थता जताई।

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