एयर इंडिया के प्लेन क्रैश के बाद सब के मन में बस यही सवाल है कि आखिर इस हादसे की वजह क्या है। अब एविएशन सेक्टर का रेगुलेटर DGCA (डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन) एयर इंडिया के बोइंग बेड़े की सभी फ्लाइट्स की जांच करेगा। इनमें बोइंग 787-8/9 शामिल हैं। 12 जून को एक दिल दहला देने वाले हादसे में एयर इंडिया का प्लेन क्रैश हो गया। इस हादसे में कुल 265 लोग मारे गए हैं। जिनमें से 241 पैसेंजर और 24 मेडिकल के स्टूडेंट्स थे।
DGCA की तरफ से जारी एक बयान के मुताबिक, "इस तरह के हादसों को रोकने के उपायों के तहत DGCA एयर इंडिया को आदेश देता है कि वह तुरंत प्रभाव से बोइंग 787-8/9 के प्लेन का अतिरिक्त मेंटेनेंस किया जाए।" इसके साथ ही DGCA ने अपने आदेश में 15.06.2025 से भारत से फ्लाइट के डिपार्चर से पहले एक बार चेक करने का भी आदेश दिया है।
DGCA ने क्या आदेश दिए हैं?
15.06.2025 बजे से भारत से उड़ान भरने वाली फ्लाइट से पहले एक बार जरूर जांच होगी। इसके तहत- फ्यूल पैरामीटर निगरानी और उससे जुड़े सिस्टम चेक की भी जांच होगी। केबिन एयर कंप्रेसर और सिस्टम की जांच होगी।
इसके तहत ही इलेक्ट्रॉनिक इंजन कंट्रोल-सिस्टम कीं जांच, इंजन फ्यूल ड्रिविन एक्ट्यूएटर-ऑपरेशनल टेस्ट और ऑयल सिस्टम की जांच, हाइड्रोलिक सिस्टम का सर्विस टेस्ट और टेक-ऑफ पैरामीटर्स जांच की जाएगी।
साथ ही B787-8/9 विमान पर पिछले 15 दिनों के दौरान बार-बार होने वाली खराबी की समीक्षा के आधार पर मेंटिनेंस एक्शन को जल्द से जल्द बंद करने का भी आदेश दिया गया है।
आदेश में कहा गया है कि सभी सेफ्टी चेक की रिपोर्ट समीक्षा के लिए DGCA को सौंपी जानी है।
गुरुवार को लंदन जाने वाली एयर इंडिया की फ्लाइट अहमदाबाद में मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल पर जा गिरा। इस हादसे में कम से कम 265 लोगों की मौत हो गई। उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद विमान में आग लग गई। यह हाल के सालों में भारत की सबसे दर्दनाक और घातक हवाई दुर्घटनाओं में से एक है।
विमान के बीजे मेडिकल कॉलेज और सिविल अस्पताल परिसर के अंदर इमारतों से टकराने के कारण जमीन पर मौजूद कई लोग भी मारे गए। कई शव इतने जल गए कि उनकी पहचान करना मुश्किल हो गया। बोइंग 787 ड्रीमलाइनर (AI 171) में 242 लोग सवार थे, जिनमें 230 यात्री और 12 चालक दल के सदस्य शामिल थे।