अहमदाबाद में एयर इंडिया विमान हादसे के पीछे क्या कारण रहा इसकी जांच फिलहाल चल रही है। इस बीच शुरुआती जांच रिपोर्ट के मुताबिक, विमान से पक्षी टकराने और ज्यादा वजन होने जैसे फैक्टर को खारिज कर दिया गया है। विमान दुर्घटना के बाद किसी भी पक्षी के शव की सूचना नहीं मिलने के कारण 'पक्षी से टकराने' की संभावना से इनकार किया गया है। विमान में कुछ सीटें खाली होने के कारण ओवरलोडिंग की संभावना से भी इनकार किया गया है।
CNN-News18 ने DGCA के एक सूत्र के हवाले से बताया कि "विमान दुर्घटना में पायलट की गलती की संभावना भी नहीं है"। विशेषज्ञ कई दूसरे संभावित कारणों की जांच कर रहे हैं और डैमे की भी अभी जांच चल रही है।
12 जून, 2025 की दोपहर को, अहमदाबाद से उड़ान भरने के कुछ ही पल बाद लंदन गैटविक जा रहा एयर इंडिया का बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार 242 लोगों में से केवल एक ही बच पाया।
विमान में सवार 242 यात्रियों में 53 ब्रिटिश नागरिक, सात पुर्तगाली और एक कनाडाई नागरिक शामिल थे। बड़ी बात ये है कि गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भी इसी विमान में सवार था और उनका भी निधन हो गया।
एविएशन रेगुलेटर के अनुसार, पायलट ने 'MAYDAY, MAYDAY' कॉल दिया था, लेकिन बाद में एयर ट्रैफिक कंट्रोल से बार-बार किए गए कम्युनिकेशन का कोई जवाब नहीं मिला।
'मुझे विश्वास नहीं हो रहा कि मैं कैसे बच गया'
इस हादसे में अकेले जिंदा बचे विश्वास कुमार रमेश ने कहा कि उन्हें अब भी विश्वास नहीं हो रहा है कि कैसे वह चमत्कारिक रूप से उस हादसे में बच गए हैं, जिसमें 265 लोगों की जान चली गई है। ब्रिटिश नागरिक रमेश ने कहा कि उन्हें ऐसा महसूस हुआ कि विमान उड़ान भरने के कुछ ही सेकंड बाद ही रुक गया औक हरी और सफेद बत्तियां जल उठीं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शहर के सिविल अस्पताल में भर्ती रमेश से मुलाकात की और उनका हालचाल पूछा।
DD न्यूज को दिए इंटरव्यू में लीसेस्टर निवासी रमेश ने कहा, ‘‘यह सब मेरी आंखों के सामने हुआ। मुझे विश्वास नहीं हो रहा कि मैं कैसे बच गया।’’
उन्होंने कहा, ‘‘एक पल के लिए मुझे लगा कि मैं मरने वाला हूं, लेकिन जब मेरी आंखें खुलीं तो मैं जीवित था। मैंने सीट से अपनी बेल्ट खोली और बाहर निकल आया।’’