Dharmendra Pradhan: 'मैं AC रूम वाला एक्टिविस्ट नहीं, स्ट्रीट फाइटर हूं...'; इस्तीफे के बाद धर्मेंद्र प्रधान का आया पहला रिएक्शन

Dharmendra Pradhan: शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने वाले धर्मेंद्र प्रधान सोमवार (27 जुलाई) को जब संसद परिसर पहुंचे तो भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कुछ नेताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। इस दौरान 'प्रधान जिंदाबाद' के नारे लगाए। इस कांग्रेस ने प्रधान पर तीखा हमला बोला हैं

अपडेटेड Jul 27, 2026 पर 5:29 PM
Dharmendra Pradhan: धर्मेंद्र प्रधान ने सोमवार को शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफे के बाद कहा कि मैं AC रूम वाला एक्टिविस्ट नहीं हूं

Dharmendra Pradhan: छात्रों के विरोध प्रदर्शनों के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने वाले धर्मेंद्र प्रधान सोमवार (27 जुलाई) को जब संसद परिसर पहुंचे तो भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कुछ नेताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। इस दौरान 'प्रधान जिंदाबाद' के नारे लगाए। BJP सांसदों द्वारा प्रधान का स्वागत किए जाने के समय ही कुछ दूरी पर मौजूद विपक्षी सांसदों ने 'चोर-चोर, पेपर चोर' जैसे नारे लगाए। प्रधान इस्तीफे के बाद सोमवार को पहली बार संसद पहुंचे थे।

वह जब संसद परिसर में पहुंचे तो 'मकर द्वार' के पास मौजूद बीजेपी के कुछ सांसदों ने उनका स्वागत किया और 'प्रधान जिंदाबाद' के नारे लगाए। बिहार के दरभंगा से BJP के लोकसभा सदस्य गोपाल जी ठाकुर ने उन्हें 'पाग' (मिथिला की पारंपरिक टोपी) पहनाकर उनका स्वागत किया।

कांग्रेस पर बोला हमला


NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रधान ने कांग्रेस सांसद जयराम रमेश से कहा कि वह "सड़क पर लड़ने वाले नेता यानी स्ट्रीट फाइटर (street fighter) हैं, न कि AC-रूम में बैठने वाले एक्टिविस्ट..."। पूर्व मंत्री की यह टिप्पणी रमेश द्वारा उनके इस्तीफे पर की गई 'ऐसा होता रहता है' वाली टिप्पणी के बाद आई। कांग्रेस ने कहा कि प्रधान RSS के हीरो हैं क्योंकि उन्होंने शिक्षा मंत्रालय के ज़रिए RSS का एजेंडा लागू किया।

विपक्ष का पलटवार

विपक्षी नेताओं ने प्रधान के सम्मान को लेकर सत्तारूढ़ दल पर तीखा हमला बोला। संसद परिसर में प्रधान के स्वागत के बारे में पूछे जाने पर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा, "ये वही लोग हैं जिन्होंने बिलकिस बानो मामले में बलात्कार के दोषियों का भी स्वागत किया था। इसलिए इन्हें छोड़ दीजिए। प्रधान आरएसएस के नायक हैं क्योंकि उन्होंने शिक्षा मंत्रालय के माध्यम से आरएसएस के एजेंडे को लागू किया। इसलिए वह उनके नायक हैं। लेकिन जहां तक प्रधान का सवाल है, लोग अब उनका असली चेहरा जान चुके हैं, जैसा कि हम सोशल मीडिया और सड़कों पर देख सकते हैं।"

लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता गौरव गोगोई ने सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि BJP सरकार शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर गंभीर नहीं है। उन्होंने पेपर लीक रोधी विधेयक क दिखावटी विधेयक करार दिया। गोगोई ने कहा, "मुझे लगता है कि यह सरकार भारतीय शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर गंभीर नहीं है। इसलिए वह एक दिखावटी विधेयक लेकर आई है। हम पहले से जानते हैं कि पिछले एक मामले में मुख्य आरोपी को अदालत ने छोड़ दिया, क्योंकि पर्याप्त सबूत जुटाए ही नहीं गए थे। ऐसे में इस फास्ट-ट्रैक संशोधन विधेयक का क्या फायदा, जब भाजपा सरकार ऐसे सभी घोटालों में शामिल लोगों को बचाने पर तुली हुई है।"

ये भी पढ़ें- Drone ecosystem: भारत में बनेगा ग्लोबल लेवल का ड्रोन इकोसिस्टम, आधुनिक युद्ध की जरूरतों के अनुसार रक्षा क्षेत्र में बड़े सुधार

गोगोई ने शिक्षा सुधारों पर सरकार द्वारा नए उच्चाधिकार प्राप्त कार्यबल के गठन की घोषणा पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि इसी तरह का एक पैनल दो साल पहले के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता में गठित किया गया था। लेकिन कुछ नहीं हुआ। वह सिर्फ कागजों पर रह गया। सरकार पर निशाना साधते हुए लोकसभा में कांग्रेस के उप-नेता गौरव गोगोई ने आरोप लगाया कि BJP सरकार शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर गंभीर नहीं है। उन्होंने पेपर लीक रोकने के लिए प्रस्तावित कानून को दिखावटी बिल करार दिया।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।