Green Firecrackers: इस साल दिवाली पर दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) की हवा थोड़ी बेहतर हो सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने NCR में ग्रीन पटाखों की अस्थायी बिक्री को मंजूरी दे दी है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि 18 से 21 अक्टूबर तक ही ग्रीन पटाखों का इस्तेमाल शाम 6 बजे से 10 बजे के बीच किया जा सकेगा। लेकिन सवाल यह है कि ये ग्रीन पटाखे क्या हैं और आप मार्केट में असली ग्रीन पटाखे कैसे पहचानेंगे? आइए आपको बताते हैं।
ग्रीन पटाखे आतिशबाजी का एक पर्यावरण अनुकूल ऑप्शन है। इन्हें दिवाली जैसे उत्सवों के दौरान वायु और ध्वनि प्रदूषण को कम करने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। इनका निर्माण भारत में वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद–राष्ट्रीय पर्यावरण इंजीनियरिंग अनुसंधान संस्थान (CSIR–NEERI) द्वारा 2018 में शुरू किया गया था और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद 2019 में आधिकारिक तौर पर इन्हें लॉन्च किया गया।
नॉर्मल पटाखों से भारी मात्रा में सल्फर डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड, और भारी धातुएं निकलती है। इसके विपरीत ग्रीन पटाखों को 30-40 प्रतिशत कम प्रदूषक उत्सर्जित करने के लिए डिजाइन किया गया है। साथ ही ये 125 डेसिबल की ध्वनि सीमा का भी पालन करते हैं।
ग्रीन पटाखे किस चीज से बने होते हैं?
ग्रीन पटाखे वैकल्पिक और स्वच्छ कच्चे माल का उपयोग करके बनाए जाते हैं। इनमें पारंपरिक पटाखों की तुलना में पोटेशियम नाइट्रेट, सल्फर और एल्युमीनियम की मात्रा कम होती है। CSIR–NEERI ने ग्रीन पटाखों की तीन प्रमुख श्रेणियां विकसित की हैं:
सेफ वॉटर रिलीजर(SWAS): यह फटने पर जल वाष्प उत्सर्जित करता है, जिससे धूल और प्रदूषण कम होता है।
सेफ थर्माइट क्रैकर(STAR): इसमें पोटेशियम नाइट्रेट और सल्फर का उपयोग नहीं होता है।
सेफ मिनिमल एल्युमीनियम(SAFAL): यह धातु के पाउडर के उपयोग को सीमित करता है जो घना धुआं पैदा करते हैं।
ग्रीन पटाखे पर्यावरण के लिए बेहतर क्यों हैं?
ग्रीन पटाखे कई मायनों में पर्यावरण के लिए एक बेहतर विकल्प हैं, जो त्योहारों की भावना को बनाए रखते हुए प्रदूषण को कम करते हैं। ग्रीन पटाखों में बेरियम, लेड और क्रोमियम जैसी ज़हरीली और प्रतिबंधित धातुओं का उपयोग कम या खत्म कर दिया जाता है। इससे जहरीली हवा और मिट्टी में विषैले पदार्थ कम मिलते है। SWAS जैसे कुछ प्रकार के पटाखे पानी की भाप छोड़ते हैं, जो हवा में मौजूद प्रदूषकों को रोकने में मदद करते है, जिससे स्थानीय वायु प्रदूषण का स्तर कम होता है।
असली ग्रीन पटाखों की पहचान कैसे करें?
बाजार में नकली पटाखों से बचने के लिए और असली ग्रीन पटाखों की पहचान के लिए ये दो महत्वपूर्ण चीजें जरूर देखें-
CSIR–NEERI लोगो: ग्रीन पटाखों के हर बॉक्स पर CSIR–NEERI का लोगो होना अनिवार्य है।
QR कोड: बॉक्स पर एक QR कोड होना चाहिए। इस कोड को स्कैन करने पर निर्माता की जानकारी मिलती है और यह पुष्टि होती है कि पटाखा असली है।
केवल उन्हीं लाइसेंस प्राप्त निर्माताओं को उत्पादन की अनुमति है जो पेट्रोलियम और विस्फोटक सुरक्षा संगठन (PESO) द्वारा अनुमोदित हैं। इसलिए, खरीदारी करते समय इन दो निशानों की जांच करना बेहद जरूरी है।