शिमला के इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (IGMC) में एक डॉक्टर पर मरीज़ से मारपीट करने का आरोप सामने आया है। इस घटना के बाद सरकारी अस्पताल में नाराज़गी फैल गई और विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। रविवार को हुई इस घटना को लेकर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री कर्नल धनी राम शांडिल ने कहा है कि मामले की पूरी जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर सख़्त कार्रवाई होगी। शिकायत के मुताबिक, शिमला ज़िले के कुपवी सब-डिवीजन के एक गांव का रहने वाला मरीज़ सांस लेने में परेशानी होने पर इलाज के लिए IGMC आया था।
मरीज का आरोप है कि डॉक्टर ने उससे गलत तरीके से बात की। जब मरीज़ ने डॉक्टर से सम्मान से बात करने को कहा, तो डॉक्टर ने उसके साथ मारपीट कर दी। मरीज़ के साथ आए लोगों का कहना है कि इस पूरी घटना का वीडियो बनाया गया था, जो अब सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। घटना के बाद मरीज़ के परिवार और समर्थकों ने अस्पताल के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने नारे लगाए और आरोपी डॉक्टर को तुरंत सस्पेंड करने की मांग की।
इस मामले पर स्वास्थ्य मंत्री धनी राम शांडिल ने सख़्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि इस तरह का व्यवहार बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यह मेडिकल पेशे की नैतिकता के खिलाफ है। उन्होंने बताया कि आरोपी पल्मोनरी मेडिसिन विभाग का डॉक्टर है और मामले की जांच के लिए सीनियर अधिकारियों को उनके कार्यालय में बुलाया गया है।
मंत्री ने साफ कहा कि इस तरह का व्यवहार किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य सचिव, IGMC के मेडिकल सुपरिटेंडेंट और प्रिंसिपल को जवाब देने के लिए बुलाया गया है। मामले की पूरी जांच होगी और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। सरकार की ओर से की गई कार्रवाई के तहत IGMC के मेडिकल सुपरिटेंडेंट और प्रिंसिपल को सचिवालय तलब किया गया है।
वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता जय राम ठाकुर ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं सरकारी अस्पतालों में पेशेवर व्यवहार पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।