मुंबई के प्रसिद्ध श्री सिद्धिविनायक गणपति मंदिर ट्रस्ट के आठ ट्रस्टियों ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को पत्र लिखकर मंदिर के दान-पात्रों से कथित नकदी चोरी की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। उनका दावा है कि इस मामले से मंदिर को हर साल करीब 18 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ हो सकता है। 21 अप्रैल 2026 को लिखे गए इस पत्र में मंदिर ट्रस्ट के लोगों ने कहा है कि कैश चोरी के आरोप में कुछ कर्मचारियों की गिरफ्तारी के बाद मंदिर के दान-पात्रों में हर सप्ताह जमा होने वाली रकम में अचानक बड़ी बढ़ोतरी हुई। उनका कहना है कि इससे यह संकेत मिलता है कि लंबे समय से दान की रकम में गड़बड़ी की जा रही थी।
ट्रस्टियों ने यह भी मांग की है कि इस मामले में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका की भी जांच हो। उनका कहना है कि उन्हें यह मानने के ठोस कारण हैं कि यह मामला केवल निचले स्तर के कर्मचारियों तक सीमित नहीं हो सकता। वहीं महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे से मुलाकात के बाद सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट के चेयरमैन ने कहा कि, जांच के आदेश दे दिए गए हैं। दान की ऑडिट की जाएगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मंदिर ट्रस्ट ने सरकार ने मांग
पत्र में ट्रस्टियों ने कहा है कि आरोपी कर्मचारियों की गिरफ्तारी से पहले मंदिर के दान-पात्रों से हर सप्ताह 50 लाख रुपये से भी कम दान मिलता था। लेकिन कर्मचारियों के पकड़े जाने के बाद लगातार तीन हफ्तों तक हर बुधवार को दान की राशि बढ़कर करीब 1.5 करोड़ रुपये पहुंच गई। ट्रस्ट के लोगों का आरोप है कि इससे यह संकेत मिलता है कि दान-पात्रों में जमा होने वाली रकम का बड़ा हिस्सा गिनती से पहले ही निकाल लिया जाता था। उनका कहना है कि उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर मंदिर को हर साल करीब 18 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ हो सकता है। पत्र में यह भी कहा गया है कि इस मामले में सिर्फ निचले स्तर के कर्मचारी ही नहीं, बल्कि वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका होने की भी आशंका है। इसलिए पूरे मामले की निष्पक्ष और गहराई से जांच कराई जानी चाहिए।
ट्रस्टियों ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से पूरे मामले की उच्च स्तरीय सरकारी जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि जांच में मंदिर प्रशासन से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका की भी निष्पक्ष तरीके से पड़ताल की जानी चाहिए। अतुल लोधे, भास्कर राउत, महेश मुरलीधर, जितेंद्र राउत, मीना कांबले, मंगला तुपे, गोपाल दलवी और सुदर्शन सांगले के हस्ताक्षर वाले इस पत्र में कहा गया है कि पिछले करीब डेढ़ साल में ट्रस्ट बोर्ड ने कई प्रशासनिक सुधार किए हैं। इन कदमों की वजह से मंदिर की आय में लगभग 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
राज ठाकरे ने उठाया मुद्दा
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने भी सिद्धिविनायक मंदिर में दान की कथित गड़बड़ी का मुद्दा उठाया। उन्होंने शनिवार को पार्टी की छात्र शाखा के एक कार्यक्रम में ट्रस्टियों के पत्र के कुछ हिस्से पढ़कर सुनाए। राज ठाकरे ने आरोप लगाया कि सिद्धिविनायक मंदिर में हर साल करीब 18 करोड़ रुपये की दान राशि की कथित हेराफेरी हुई है। उन्होंने यह भी दावा किया कि अयोध्या के राम मंदिर में भी 1,400 करोड़ रुपये की कथित गड़बड़ी हुई है। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस मुद्दे पर अपनी बात रखनी चाहिए। राज ठाकरे ने कहा, "कई निराश और परेशान लोग आस्था के साथ मंदिरों में जाते हैं, लेकिन अगर मंदिरों में भी भ्रष्टाचार के आरोप लगें, तो यह बेहद गंभीर बात है।"
अबतक 9 लोगों की हुई गिरफ्तारी
सिद्धिविनायक मंदिर में दान की कथित गड़बड़ी के मामले में अब तक नौ कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है। इस बात की पुष्टि मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष सदा सरवणकर ने की है। सदा सरवणकर ने पत्रकारों से कहा कि जहां-जहां जरूरत थी, वहां मामले दर्ज कराए गए हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और दान की कथित हेराफेरी से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।