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रेलवे स्टेशनों के पानी में मिला E. coli बैक्टीरिया! CAG ऑडिट में 458 Railway Stations फेल, टॉयलेट की भी कमी

Ecoli in Drinking water: देश के रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं और पीने के पानी की गुणवत्ता को लेकर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट में गंभीर कमियां सामने आई हैं। CAG की रिपोर्ट के मुताबिक, कई रेलवे स्टेशनों पर पेयजल की जांच में E. coli और कोलीफॉर्म बैक्टीरिया की मौजूदगी पाई गई

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Aug 17, 2026 पर 1:03 PM
रेलवे स्टेशनों के पानी में मिला E. coli बैक्टीरिया! CAG ऑडिट में 458 Railway Stations फेल, टॉयलेट की भी कमी
E. coli in Drinking water: बड़ी संख्या में रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों के लिए जरूरी बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं (Image generated using AI)

E. coli in Drinking water: भारत के कंट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल (CAG) ने देश के रेलवे स्टेशनों पर पीने के पानी की खराब क्वालिटी का चौंकाने वाला खुलासा किया है। CAG ने कहा कि जांच के दौरान रेलवे स्टेशनों पर पीने के पानी के सैंपल में E. coli बैक्टीरिया समेत कुल कोलीफॉर्म बैक्टीरिया पाए गए हैं। CAG ने रेलवे स्टेशनों पर पीने के पानी में E. coli बैक्टीरिया पाए जाने पर चिंता जताई है। CAG ने पाया कि हालांकि रेल मंत्रालय ने यात्रियों की सुविधाओं के लिए कई मानक तय किए हैं। लेकिन अलग-अलग रेलवे जोन इनका पालन करने में नाकाम रहे। इसके कारण सेवाओं में बड़ी कमियां आईं। जैसे कि वॉटर कूलर से मिलने वाले पानी में E. coli बैक्टीरिया का मिलना और शौचालयों में गंदगी समेत अन्य प्रमुख कमियां शामिल हैं।

CAG ने यह जानकारी अपनी रिपोर्ट 'इंडियन रेलवेज में नॉन-सबअर्बन रेलवे स्टेशनों पर यात्री सुविधाएं और स्वच्छता' में दी। यह रिपोर्ट 12 अगस्त को संसद में पेश की गई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि छह रेलवे जोन के 59 स्टेशनों पर पीने के पानी की बैक्टीरियोलॉजिकल जांच नहीं की गई थी।

CAG ने सभी रेलवे जोन के 512 नॉन-सबअर्बन कैटेगरी वाले स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं की जांच की। उसे दक्षिणी रेलवे जोन के दो स्टेशनों (कोयंबटूर और पलक्कड़ जंक्शन), दक्षिण मध्य रेलवे जोन के एक स्टेशन (हैदराबाद), मध्य रेलवे जोन के चार स्टेशनों (छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, भिवंडी रोड, कल्याण और लोनावला) और पूर्वी रेलवे जोन के एक स्टेशन (मधुपुर) पर वॉटर कूलर से लिए गए पानी के सैंपल में E. coli बैक्टीरिया मिले।

CAG रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि 2022-23 में आठ जोन के 49 स्टेशनों और 2023-24 में नौ जोन के 56 स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म के नलों से लिए गए पीने के पानी के सैंपल में टोटल कोलीफॉर्म बैक्टीरिया (जिसमें E. coli भी शामिल है) पाए गए।

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