E20 Petrol Row: क्या अब पेट्रोल में 20% से ज्यादा एथेनॉल होगा? अरविंद केजरीवाल के E20 ब्लेंडिंग और ATF दावों पर BJP का पलटवार

E20 Petrol Row: देश में एथेनॉल ब्लेंडिंग को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा 20 फीसदी से अधिक बढ़ाने, एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) में एथेनॉल मिलाने और E20 पेट्रोल से जुड़े वैज्ञानिक तथ्यों को दबाने का आरोप लगाया है

अपडेटेड Aug 06, 2026 पर 11:38 AM
E20 Petrol Row: बीजेपी आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने अरविंद केजरीवाल के सभी दावों को भ्रामक बताते हुए सरकार का पक्ष रखा है

E20 Petrol Row: एथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम को लेकर राजनीतिक विवाद गुरुवार (6 अगस्त) को तब और बढ़ गया जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के IT सेल प्रमुख अमित मालवीय ने X पर आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल पर हमला बोलते हुए कई पोस्ट किए। इन पोस्ट में उन्होंने अरविंद केजरीवाल के उन आरोपों का खंडन किया जो पेट्रोल और एविएशन फ्यूल में एथेनॉल ब्लेंडिंग और E20 फ्यूल की क्वालिटी पर सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) की रिपोर्ट के बारे में लगाए गए थे।

यह बहस तब शुरू हुई जब केजरीवाल ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार एथेनॉलल ब्लेंडिंग को मौजूदा स्तर से आगे बढ़ाने की योजना बना रही है। उन्होंने दावा किया कि एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) में भी एथेनॉल मिलाने की योजना है। उन्होंने NDA सरकार पर E20 पेट्रोल से जुड़ी वैज्ञानिक चिंताओं को दबाने का आरोप लगाया।

केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा 20 फीसदी से अधिक बढ़ाने, एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) में एथेनॉल मिलाने और E20 पेट्रोल से जुड़े वैज्ञानिक तथ्यों को दबाने का आरोप लगाया है। इस पोस्ट पर बीजेपी आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने अरविंद केजरीवाल के सभी दावों को भ्रामक बताते हुए सरकार का पक्ष रखा है।


पेट्रोल में ज्यादा एथेनॉल ब्लेंडिंग पर विवाद

केजरीवाल ने दावा किया कि सरकार पहले E20 फ्यूल लाने के बाद पेट्रोल में एथेनॉल ब्लेंडिंग को 50 प्रतिशत से अधिक बढ़ाने की तैयारी कर रही है। उन्होंने लोगों से फिलहाल नए पेट्रोल और डीजल गाड़ियां न खरीदने की अपील भी की। इस आरोप का जवाब देते हुए मालवीय ने कहा कि यह दावा फेक न्यूज है।

मालवीय ने जोर देकर कहा कि भारत सरकार ने E20 से ज्यादा एथेनॉल ब्लेंडिंग बढ़ाने का कोई फैसला नहीं लिया है। उनके पोस्ट के अनुसार, ज्यादा ब्लेंडिंग के किसी भी प्रस्ताव पर विचार करने से पहले वैज्ञानिक अध्ययन, तकनीकी टेस्टिंग और वाहन कंपनियों, तेल मार्केटिंग कंपनियों और अन्य संबंधित पक्षों के साथ बातचीत की जरूरत होगी।

केजरीवाल पर बीजेपी का पलटवार

मालवीय ने यह भी कहा कि भारत का एथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम दो दशकों से ज्यादा समय में चरणों में आगे बढ़ा है। E20 को व्यापक टेस्टिंग और बातचीत के बाद ही लागू किया गया था। उन्होंने आगे कहा कि देश में बिकने वाला एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) के नियमों का पालन करता है। यह ग्राहकों तक पहुंचने से पहले क्वालिटी की जांच से गुजरता है।

एक अन्य पोस्ट में केजरीवाल ने आरोप लगाया कि सरकार एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) में एथेनॉल मिलाने की योजना बना रही है। उन्होंने दावा किया कि एक्सपर्ट का मानना ​​है कि इससे उड़ान की सुरक्षा से समझौता हो सकता है।

मालवीय ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा कि सरकार ने ATF में सामान्य एथेनॉल मिलाने की कोई घोषणा नहीं की है। इसके बजाय, उन्होंने कहा कि नोटिफाइड फ्रेमवर्क सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (SAF) से संबंधित है। यह एविएशन-ग्रेड फ्यूल है जिसे एडवांस्ड प्रोसेसिंग के जरिए बनाया जाता है। यह रासायनिक रूप से पारंपरिक ATF जैसा ही होता है।

मालवीय के अनुसार, SAF को मंजूरी मिलने से पहले अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त ASTM स्टैंडर्ड्स के तहत कड़ी टेस्टिंग और सर्टिफिकेशन से गुजरना होता है और यह ICAO फ्रेमवर्क के तहत वैश्विक एविएशन प्रैक्टिस के अनुरूप होता है। उन्होंने कहा कि सर्टिफाइड SAF की तुलना सिर्फ जेट फ्यूल में एथेनॉल मिलाने से करना गलत है। इससे एविएशन सेफ्टी को लेकर बेवजह चिंता पैदा होती है।

SIAM की रिपोर्ट से नया राजनीतिक विवाद

दरअसल, हालिया बहस SIAM के उस स्पष्टीकरण पर भी केंद्रित थी जो E20 फ्यूल की क्वालिटी के बारे में पहले की गई बातचीत से जुड़ा था। इससे पहले, केजरीवाल ने SIAM की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए आरोप लगाया था कि E20 पेट्रोल में क्लोराइड और नमी की मात्रा बहुत ज्यादा होती है, जिससे गाड़ियां खराब हो सकती हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि सरकार ने कथित तौर पर SIAM पर रिपोर्ट वापस लेने के लिए दबाव क्यों डाला।

मालवीय ने जवाब दिया कि SIAM ने साफ किया है कि उसके इंटरनल कम्युनिकेशन के कुछ हिस्सों को संदर्भ से हटकर पेश किया गया था। उन्होंने SIAM के इस बयान पर जोर दिया कि फ्यूल क्वालिटी की टेस्टिंग में 150 से ज्यादा पैरामीटर शामिल होते हैं। सार्वजनिक रूप से फैलाए गए आंकड़ों की पुष्टि की जरूरत है। E20 को लेकर चिंता की कोई बात नहीं है। उन्होंने कहा कि ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री सरकार के एथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम का समर्थन करती रहेगी।

केजरीवाल अपनी बात पर अड़े, BJP की सफाई

मालवीय के जवाब के बाद अरविंद केजरीवाल ने फिर से केंद्र पर SIAM को अपना कम्युनिकेशन वापस लेने के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वैज्ञानिक आपत्तियों के बावजूद इथेनॉल ब्लेंडिंग को बढ़ावा दे रहे हैं। दिल्ली के पूर्व सीएम ने दावा किया कि सरकार पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का दबाव है कि वह अमेरिका से इथेनॉल खरीदे।

केजरीवाल ने फिर कहा कि केंद्र ने SIAM को अपनी रिपोर्ट वापस लेने के लिए मजबूर किया। साथ ही आरोप लगाया कि अमेरिका के दबाव के कारण सभी वैज्ञानिक सबूतों के खिलाफ एथेनॉल को बढ़ावा दिया जा रहा है। मालवीय ने SIAM के आधिकारिक स्पष्टीकरण का हवाला देते हुए तर्क दिया कि ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की संस्था ने अपना पिछला कम्युनिकेशन इसलिए वापस लिया क्योंकि आंकड़ों की पुष्टि की जरूरत थी। बीजेपी नेता ने कहा कि फ़्यूल क्वालिटी की टेस्टिंग पहले से ही एक व्यापक रेगुलेटरी प्रोसेस के तहत होती है।

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SIAM ने कहा कि टेस्टिंग में 150 से ज्यादा पैरामीटर शामिल हैं। क्लोराइड और सल्फर के लिए सावधानी से जुड़े गाइडलाइंस पहले से मौजूद हैं। तेल मार्केटिंग कंपनियां नियमित रूप से क्वालिटी की जांच करती हैं। इसने यह भी कहा कि चिंता की कोई बात नहीं है और अपना पिछला कम्युनिकेशन वापस लेने से पहले सरकार की E20 पहल के लिए अपना समर्थन दोहराया।

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