Al-Falah University: अल-फलाह यूनिवर्सिटी की ₹140 करोड़ की संपत्ति हुई कुर्क, ED ने ट्रस्ट के चेयरमैन के खिलाफ दाखिल की चार्जशीट

Al-Falah University: यूनिवर्सिटी पर यह कार्रवाई 10 नवंबर 2025 को दिल्ली के लाल किले पर हुए भीषण आत्मघाती बम धमाके से जुड़े 'वाइट-कॉलर' आतंकी मॉड्यूल की जांच के बाद की गई है। जांच में सामने आया है कि यह विश्वविद्यालय न केवल वित्तीय धोखाधड़ी का केंद्र था, बल्कि आतंकी गतिविधियों के लिए एक ऑपरेशनल हब के रूप में भी इस्तेमाल किया जा रहा था

अपडेटेड Jan 17, 2026 पर 10:10 AM
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ED ने यूनिवर्सिटी की संपत्तियों को 'अपराध की कमाई' की श्रेणी में रखा है

Al Falah University: ED ने शुक्रवार, 16 जनवरी को मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत अल-फलाह यूनिवर्सिटी पर बड़ी कार्रवाई की। जांच एजेंसी ने हरियाणा स्थित इस यूनिवर्सिटी की लगभग ₹140 करोड़ की अचल संपत्ति को अस्थायी रूप से कुर्क कर दिया है। यह कार्रवाई 10 नवंबर 2025 को दिल्ली के लाल किले पर हुए भीषण आत्मघाती बम धमाके से जुड़े 'वाइट-कॉलर' आतंकी मॉड्यूल की जांच के बाद की गई है। जांच में सामने आया है कि यह विश्वविद्यालय न केवल वित्तीय धोखाधड़ी का केंद्र था, बल्कि आतंकी गतिविधियों के लिए एक ऑपरेशनल हब के रूप में भी इस्तेमाल किया जा रहा था।

ट्रस्ट पर है ₹493 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप

ED ने यूनिवर्सिटी की संपत्तियों को 'अपराध की कमाई' की श्रेणी में रखा है। फरीदाबाद के धौज इलाके में स्थित 54 एकड़ जमीन, विश्वविद्यालय की मुख्य प्रशासनिक इमारतें, विभागीय ब्लॉक और छात्र हॉस्टल। यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी और अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट पर ₹493 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप है। एजेंसी का दावा है कि ट्रस्ट ने NAAC और UGC की फर्जी मान्यता का हवाला देकर छात्रों और अभिभावकों से करोड़ों रुपये की फीस वसूली।


जांच में पता चला कि संस्थान के धन को 'आमला एंटरप्राइजेज' जैसी पारिवारिक संस्थाओं के माध्यम से घुमाया गया और व्यक्तिगत विदेशी रेमिटेंस के लिए इस्तेमाल किया गया।

लाल किला ब्लास्ट में शामिल आतंकियों से था जुड़ाव

यूनिवर्सिटी पर संकट तब गहराया जब NIA ने 15 लोगों की जान लेने वाले लाल किला बम धमाके के तार यहां से जुड़े पाए। धमाका करने वाला आत्मघाती हमलावर, डॉ. उमर उन नबी, अल-फलाह के मेडिकल कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर था। जांच में खुलासा हुआ कि कैंपस का उपयोग तकनीकी योजना बनाने और विस्फोटक जमा करने के लिए किया जा रहा था। इस सेल में प्रशिक्षित मेडिकल पेशेवर शामिल थे, जिनके संबंध इंडियन मुजाहिदीन और विदेशी हैंडलर्स से पाए गए। ED ने जवाद सिद्दीकी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है, जो नवंबर 2025 से ही न्यायिक हिरासत में हैं।

इतनी बड़ी कार्रवाई के बीच यूनिवर्सिटी में पढ़ रहे छात्रों की शिक्षा बाधित न हो, इसके लिए सरकार महत्वपूर्ण कदम उठा सकती है। सरकार विश्वविद्यालय के प्रबंधन के लिए एक सरकारी प्रशासक नियुक्त कर सकती है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा और वित्तीय जांच के कारण छात्रों के शैक्षणिक सत्र पर कोई आंच न आए।

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