Monsoon Tracker: देश में मानसून की रफ्तार अचानक धीमी पड़ने का असर अब दिखने लगा है। जून की शुरुआत में जहां बारिश ने अच्छी शुरुआत के संकेत दिए थे, वहीं अब इसका असर कमजोर पड़ता दिख रहा है। दक्षिण-पश्चिम मानसून का धीमी गति से आगे बढ़ना माना जा रहा है। दरअसल, देश के पूर्वी हिस्सों में पहुंचने के बाद दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की रफ्तार मंद पड़ गई है। संकेत साफ हैं कि उत्तर प्रदेश में अब मॉनसून के पहुंचने में देरी होगी। मॉनसून के उत्तर प्रदेश पहुंचने की सामान्य तारीख 18 जून और लखनऊ के लिए 23 जून है। लेकिन, इस साल अब मॉनसून 5 से 10 दिनों की देरी से पहुंचने के आसार बन रहे हैं।
मुंबई में कब पहुंचेगा मानसून
भारत मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार, मानसून के 25 जून के आसपास मुंबई पहुंचने की संभावना है। हालांकि, निजी मौसम एजेंसी स्काईमेट का मानना है कि मानसून के आने में और देरी हो सकती है। स्काईमेट के मुताबिक, फिलहाल पश्चिमी क्षेत्र में मानसून के तेजी से आगे बढ़ने के स्पष्ट संकेत नहीं दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि मानसून को मुंबई तक पहुंचने में 10 दिन और लग जाएं, तो यह कोई हैरानी की बात नहीं होगी।विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून के देर से पहुंचने के कारण दिन के साथ-साथ रात का तापमान भी ऊंचा बना हुआ है, जिससे लोगों को लगातार गर्मी और उमस का सामना करना पड़ रहा है।
मानसून की धीमी रफ्तार से बढ़ी परेशानी
हालांकि मानसून दक्षिण भारत और पश्चिमी तट के कई इलाकों में पहुंच चुका है, लेकिन महाराष्ट्र में इसकी उत्तर दिशा की ओर बढ़ने की रफ्तार काफी धीमी पड़ गई है। इसी वजह से मुंबई अभी भी मानसून की जोरदार बारिश का इंतजार कर रहा है। शुरुआती अनुमान के अनुसार मानसून 10 या 11 जून तक मुंबई पहुंच सकता था, लेकिन 8 जून के बाद से पश्चिमी तट पर इसकी प्रगति लगभग थम गई है।
आम तौर पर मानसून के बादल और लगातार होने वाली बारिश तापमान को नियंत्रित रखते हैं और रात के समय मौसम में ठंडक बनाए रखते हैं। लेकिन इस साल स्थिति अलग रही है। मुंबई में कई दिनों से आसमान साफ या आंशिक रूप से बादलों से ढका रहा है। वहीं, लगातार बारिश न होने के कारण गर्मी और नमी का असर बढ़ता गया। यही वजह है कि दिन के साथ-साथ रात में भी लोगों को गर्मी और उमस से राहत नहीं मिल रही है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक मानसून पूरी तरह सक्रिय होकर मुंबई नहीं पहुंचता, तब तक शहर में इसी तरह गर्म और उमस भरा मौसम बना रह सकता है।
समुद्र से आने वाली नम हवाओं ने बढ़ाई गर्मी
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, अरब सागर से आने वाली तेज और नम हवाएं मुंबई की गर्मी को और बढ़ा रही हैं।रिपोर्ट के मुताबिक, ये हवाएं शहर में बड़ी मात्रा में नमी लेकर आ रही हैं। इसी कारण सूरज ढलने के बाद भी वातावरण में गर्मी बनी रहती है और लोगों को रात में भी राहत नहीं मिलती। हवा में नमी ज्यादा होने पर तापमान जल्दी नहीं गिरता। जल वाष्प एक तरह से कंबल की तरह काम करता है, जो गर्मी को जमीन के पास ही रोककर रखता है। यही वजह है कि रात के समय भी मौसम गर्म और उमस भरा बना रहता है। बढ़ी हुई नमी के कारण लोगों को पसीना, बेचैनी और गर्मी का ज्यादा एहसास होता है, जबकि तापमान में सामान्य रूप से आने वाली गिरावट नहीं हो पाती।
मानसून की एंट्री में देरी
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने बताया है कि 25 जून तक मुंबई, उत्तर महाराष्ट्र और मध्य महाराष्ट्र के कुछ इलाकों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही मुंबई में मानसून के पहुंचने की उम्मीद भी जताई गई है। अगर ऐसा होता है, तो इस बार मुंबई में मानसून सामान्य समय से करीब 15 दिन देर से पहुंचेगा। आमतौर पर मानसून जून के शुरुआती दिनों में शहर में दस्तक दे देता है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, मध्य भारत से आने वाली सूखी हवाएं और अरब सागर के ऊपर मजबूत मौसम प्रणालियों की कमी मानसून की रफ्तार को धीमा कर रही है।