होली के दौरान हुई झड़प में 26 साल के तरुण कुमार की मौत के कुछ हफ्तों बाद, ईद से पहले उत्तम नगर के हस्तसाल गांव में माहौल काफी तनावपूर्ण बना हुआ है। तरुण हत्या कांड पर उत्तम नगर का गुस्सा शांत नहीं हुआ है। आज ईद के मौके पर भी हलचल रही. चप्पे-चप्पे पर उत्तम नगर में पुलिस की तैनाती दिखी। आम दिनों की तरह न तो त्योहारों की चहल-पहल दिखाई दे रही है और न ही कोई रौनक है। स्थानीय लोगों के अनुसार इलाके में अजीब सी खामोशी छाई हुई है।
होली के दौरान हुई थी घटना
तनाव की शुरुआत 4 मार्च को हुई एक छोटी सी घटना से हुई, जब एक 11 साल की बच्ची ने अपनी छत से पानी का गुब्बारा फेंका, जो एक मुस्लिम महिला को लग गया। इसके बाद दोनों परिवारों के बीच कहासुनी शुरू हुई और देखते ही देखते मामला झगड़े में बदल गया, जिसमें करीब आठ लोग घायल हो गए। इसी दौरान 26 साल के तरुण कुमार को गंभीर चोटें आईं और बाद में उनकी मौत हो गई। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
इस घटना के बाद पुलिस ने 26 साल के तरुण कुमार की हत्या के मामले में अब तक 14 लोगों को गिरफ्तार किया है और दो नाबालिगों को हिरासत में लिया है, जो सभी एक ही परिवार से जुड़े बताए जा रहे हैं। घटना के बाद सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट और भाषणों की वजह से इलाके में तनाव और बढ़ गया। इसी बीच, 18 साल की वैशाली कुमार अपने घर के बाहर खड़ी होकर ईद-उल-फितर के लिए सेवइयां बेचती नजर आईं, जो इस त्योहार की खास मिठाई मानी जाती है।
हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक वैशाली ने कहा, “जो हुआ वह बहुत बुरा हुआ। हर साल मेरे माता-पिता ईद से पहले हर दिन करीब 10,000 रुपये की सेवइयां बेचते हैं, लेकिन इस बार हम रोज़ लगभग 3,500 रुपये की ही बिक्री कर पा रहे हैं। आसपास के इलाकों के लोग डर की वजह से इस बाजार में नहीं आ रहे हैं।” सात साल की राबिया खानम के लिए ईद का मतलब हमेशा गलियों में सेवइयों की खुशबू, मेहंदी लगाने वालों से भरे बाजार और नए कपड़े खरीदने की रौनक रहा है। उसने घर के अंदर बैठकर कहा, “बहुत एक्साइटमेंट होता था… लेकिन इस साल वैसा नहीं है,” क्योंकि 4 मार्च की झड़प के बाद इलाके में अब भी तनाव बना हुआ है।
इलाके में सुरक्षा के सख्त इंजताम
ईद को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने इलाके में सुरक्षा के सख्त इंतज़ाम किए हैं। स्थानीय पुलिस के साथ-साथ सीआरपीएफ के जवान भी तैनात किए गए हैं। हालात पर नजर रखने के लिए दंगा नियंत्रण वाहन “वज्र” और सपोर्ट गाड़ी “विक्रांत” भी लगाए गए हैं। इसके अलावा हर गली के प्रवेश द्वार पर बैरिकेड्स लगाकर निगरानी बढ़ा दी गई है, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोका जा सके।
यह मामला गुरुवार को कोर्ट तक भी पहुंच गया, जहां दिल्ली हाई कोर्ट ने उत्तम नगर में ईद के दौरान शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासन को जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए। कोर्ट ने कहा कि त्योहार खुशी के लिए होते हैं, इसलिए अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे पूरी तैयारी रखें और किसी भी तरह की अप्रिय घटना को होने से रोकें। हालांकि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में दिखाई दे रही है, लेकिन लोगों का कहना है कि इलाके में अब भी तनाव का माहौल बना हुआ है। पुलिस और सुरक्षा बल लगातार गश्त कर रहे हैं ताकि लोगों को भरोसा मिल सके, लेकिन स्थानीय निवासी और दुकानदार मानते हैं कि इस बार त्योहार की रौनक पहले जैसी नहीं होगी और माहौल थोड़ा फीका ही रहेगा।