EC Launches Special Drive: विरोध-प्रदर्शनों के बीच चुनाव आयोग का बड़ा फैसला, वोटर एनरोलमेंट के लिए शुरू की स्पेशल ड्राइव

EC Launches Special Drive: चुनाव आयोग ने उन 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में वोटर एनरोलमेंट का एक स्पेशल कैंपेन शुरू किया है, जहां वोटर लिस्ट का स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) पूरा हो चुका है। यह कदम स्पेशल इंटेंसिव रिविजन प्रोसेस के दौरान वोटर लिस्ट से वोटरों के नाम हटाए जाने को लेकर हुए विरोध-प्रदर्शनों और राजनीतिक चिंताओं के बाद उठाया गया है

अपडेटेड Oct 08, 2026 पर 10:32 AM
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EC Launches Special Drive: चुनाव आयोग ने यह कदम विरोध-प्रदर्शनों और राजनीतिक चिंताओं के बाद उठाया गया है

EC Launches Special Drive: चुनाव आयोग ने वोटर लिस्ट में छूट गए पात्र लोगों को दोबारा शामिल करने के लिए वोटर एनरोलमेंट का एक स्पेशल कैंपेन यानी विशेष मतदाता नामांकन अभियान शुरू किया है। यह अभियान उन 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चलाया जा रहा है, जहां वोटर लिस्ट का स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) पूरा हो चुका है। अभियान ऐसे समय शुरू किया गया है, जब SIR के दौरान मतदाताओं के नाम हटाए जाने को लेकर विपक्षी दलों और अन्य संगठनों की ओर से सवाल और विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं।

चुनाव आयोग ने मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEO), जिला निर्वाचन अधिकारियों (DEO) और निर्वाचक रजिस्ट्रेशन अधिकारियों (ERO) को निर्देश दिया है कि वे ऐसे पात्र लोगों की मदद करें, जिनके नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाए हैं। इसमें ASDD कैटेगरी के लोग भी शामिल हैं। ASDD का मतलब है Absent (अनुपस्थित), Shifted (स्थानांतरित), Dead (मृत) और Deleted (हटाए गए)।

SIR पूरा होने वाले राज्यों में Form 6 से आवेदन


चुनाव आयोग के मुताबिक, जिन 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR पूरा हो चुका है, वहां नए मतदाता के तौर पर नाम जुड़वाने के लिए Form 6 के साथ SIR के दौरान मांगा गया अतिरिक्त घोषणा-पत्र देने की जरूरत नहीं होगी। आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह अतिरिक्त घोषणा केवल उन्हीं राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू है, जहां SIR की प्रक्रिया अभी चल रही है।

SIR समाप्त होने के बाद सामान्य प्रक्रिया के तहत वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने के लिए Registration of Electors Rules, 1960 के तहत निर्धारित सामान्य फॉर्म का इस्तेमाल किया जाएगा। यानी जिन पात्र लोगों का नाम SIR पूरा होने के बाद भी वोटर लिस्ट में नहीं है, वे सामान्य Form 6 भरकर नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं।

गोवा में BLO घर-घर जाकर ले रहे आवेदन

चुनाव आयोग के निर्देशों के बाद राज्यों ने भी प्रक्रिया शुरू कर दी है। गोवा में बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) को उन मतदाताओं के घर जाने के निर्देश दिए गए हैं, जिनके नाम वोटर लिस्ट में शामिल नहीं हो पाए हैं। राज्य में ऐसे 97 मतदाताओं की पहचान की गई है। इनमें से 81 लोग पहले ही Form 6 के जरिए वोटर लिस्ट में नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर चुके हैं।

पश्चिम बंगाल में ऑनलाइन भी कर सकते हैं आवेदन

पश्चिम बंगाल में भी चुनाव आयोग ने इस अभियान को आगे बढ़ाया है। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के कार्यालय ने ASDD लिस्ट को अपनी वेबसाइट और जिला निर्वाचन अधिकारियों की वेबसाइट पर उपलब्ध कराया है। जिन पात्र मतदाताओं का नाम वोटर लिस्ट में नहीं है, वे ऑनलाइन Form 6 भर सकते हैं।

इसके अलावा वे अपने इलाके के Booth Level Officer (BLO) से संपर्क करके भी नाम शामिल कराने के लिए अप्लाई कर सकते हैं। राज्य के CEO कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई पात्र मतदाता वोटर लिस्ट में शामिल होने से छूट गया है तो वह Form 6 के जरिए अपना नाम जोड़ने का अनुरोध कर सकता है।

पूर्व CEC एसवाई कुरैशी ने उठाए Form 6 पर सवाल

हालांकि, पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी ने हटाए गए मतदाताओं के नाम वापस जोड़ने के लिए Form 6 के इस्तेमाल पर सवाल उठाया है। कुरैशी के मुताबिक, Form 6 मुख्य रूप से नए या पहली बार मतदाता बनने वाले लोगों के लिए है। इस फॉर्म में आवेदक को यह घोषणा करनी होती है कि वह पहले कभी वोटर नहीं रहा है।

उनका कहना है कि यदि किसी व्यक्ति का नाम पहले से वोटर लिस्ट में था और बाद में किसी वजह से हटा दिया गया, तो उसके लिए Form 6 उपयुक्त फॉर्म नहीं है। ऐसे लोगों के नाम बहाल करने के लिए अलग प्रक्रिया या अलग फॉर्म बनाया जाना चाहिए। कुरैशी ने यह भी कहा कि अगर किसी ऐसे व्यक्ति से Form 6 में यह घोषणा कराई जाती है कि वह पहले कभी मतदाता नहीं रहा। जबकि वह पहले मतदाता रह चुका है, तो इससे कानूनी समस्या पैदा हो सकती है।

पश्चिम बंगाल में सबसे ज्यादा राजनीतिक विवाद

यह पूरा मामला पश्चिम बंगाल में खास तौर पर राजनीतिक विवाद का विषय बना हुआ है। विपक्षी दलों और अन्य संगठनों का आरोप है कि SIR की प्रक्रिया के दौरान कई पात्र मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से बाहर हो गए। वहीं, चुनाव आयोग का कहना है कि पात्र मतदाताओं के पास SIR पूरा होने के बाद भी वोटर लिस्ट में नाम शामिल कराने का रास्ता मौजूद है। इसके लिए वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत Form 6 जमा कर सकते हैं।

SIR के खिलाफ INDIA ब्लॉक का प्रदर्शन

वोटर लिस्ट में नाम हटाए जाने और SIR को लेकर INDIA ब्लॉक के दल दिल्ली में लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। विपक्षी दल चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने, हटाए गए पात्र मतदाताओं के नाम बहाल करने और वोटर लिस्ट तैयार करने की प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं।

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चुनाव आयोग के अनुसार, बिहार और पश्चिम बंगाल समेत 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR पूरा हो चुका है। वहीं, तीसरे चरण में शामिल बाकी 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में फाइनल मतदाता संख्या अंतिम वोटर लिस्ट जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

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