'भारत को बुरे पड़ोसियों से खुद का बचाव करने का अधिकार', एस जयशंकर ने पाकिस्तान को लताड़ा

S Jaishankar : विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि जब कोई पड़ोसी देश आतंकवाद फैलाता है, तो भारत को अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए जो भी जरूरी हो, करने का अधिकार है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि ऐसा नहीं हो सकता कि भारत शांति और सहयोग दिखाए, जबकि दूसरी तरफ से आतंकवाद को बढ़ावा दिया जाए

अपडेटेड Jan 02, 2026 पर 2:44 PM
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विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार को पाकिस्तान पर कड़ा हमला करते हुए कहा कि भारत का एक “बुरा पड़ोसी” है

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार को पाकिस्तान पर कड़ा हमला करते हुए कहा कि भारत का एक “बुरा पड़ोसी” है, जो लगातार आतंकवाद को बढ़ावा देता है। उन्होंने साफ कहा कि ऐसे खतरों से खुद की रक्षा करना भारत का पूरा अधिकार है। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी मद्रास में एक कार्यक्रम के दौरान जयशंकर ने कहा कि भारत अपनी सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए जरूरी कदम उठाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आतंकवाद से निपटने के तरीके पर भारत किसी बाहरी दबाव या सलाह को स्वीकार नहीं करेगा।

एस जयशंकर ने पाकिस्तान को लताड़ा

जयशंकर ने कहा कि जब कोई पड़ोसी देश आतंकवाद फैलाता है, तो भारत को अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए जो भी जरूरी हो, करने का अधिकार है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि ऐसा नहीं हो सकता कि भारत शांति और सहयोग दिखाए, जबकि दूसरी तरफ से आतंकवाद को बढ़ावा दिया जाए।


विदेश मंत्री एस जयशंकर ने साफ कहा कि आतंकवाद पर भारत की प्रतिक्रिया क्या होगी, यह पूरी तरह नई दिल्ली तय करेगी। उन्होंने कहा, “हम अपने अधिकार का इस्तेमाल कैसे करेंगे, यह हमारा फैसला है। कोई हमें यह नहीं बता सकता कि हमें क्या करना चाहिए या क्या नहीं। अपनी सुरक्षा के लिए जो ज़रूरी होगा, हम वही करेंगे।” भारत के पश्चिमी पड़ोसी पाकिस्तान का ज़िक्र करते हुए जयशंकर ने कहा कि हर देश के पड़ोसी मुश्किल हो सकते हैं, लेकिन भारत की स्थिति इसलिए ज्यादा गंभीर है क्योंकि आतंकवाद को वहां जानबूझकर और लगातार एक नीति के तौर पर इस्तेमाल किया गया है। उन्होंने कहा, “अगर कोई देश बिना किसी पछतावे के लगातार आतंकवाद को बढ़ावा देता है, तो अपने लोगों को इससे बचाना हमारा अधिकार है। और हम इस अधिकार का इस्तेमाल जरूर करेंगे।”

आतंकवाद पर कड़ा प्रहार

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सीमा पार आतंकवाद के मुद्दे को पानी के बंटवारे जैसे बड़े द्विपक्षीय समझौतों से भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि भारत ने कई दशक पहले पानी साझा करने को लेकर समझौते किए थे, लेकिन ऐसे सहयोग के लिए अच्छे और भरोसेमंद पड़ोसी संबंध ज़रूरी होते हैं। जयशंकर ने कहा, “हमने सालों पहले पानी-बंटवारे की व्यवस्था पर सहमति दी थी, लेकिन अगर लंबे समय तक आतंकवाद चलता रहे, तो अच्छी पड़ोसियत नहीं रह सकती। और जब अच्छी पड़ोसियत नहीं होती, तो उसके फायदे भी नहीं मिलते।” उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यह संभव नहीं है कि कोई देश पानी साझा करने की मांग करे और साथ ही आतंकवाद को बढ़ावा देता रहे। भारत ऐसे दोहरे रवैये को स्वीकार नहीं कर सकता।

भारत और पाकिस्तान के बीच पहले से ही तनावपूर्ण रिश्ते अप्रैल 2025 में और बिगड़ गए। इसकी वजह यह थी कि पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों ने पहलगाम में कई पर्यटकों की हत्या कर दी। इस हमले के बाद नई दिल्ली ने इस्लामाबाद के खिलाफ कई सख्त कदम उठाए। इनमें सिंधु जल संधि को निलंबित करना भी शामिल था। इन फैसलों से दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया।

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