प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले लोकतांत्रिक रूप से चुने गए प्रधानमंत्री बन गए। उन्होंने 4,399 दिनों के लगातार कार्यकाल के साथ देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ दिया। नेहरू, जो पहली बार 1952 में प्रधानमंत्री चुने गए थे, ने उस साल 13 मई को पद की शपथ ली थी और 27 मई 1964 तक इस पद पर रहे, इस दौरान उन्होंने 4,398 दिनों का लगातार कार्यकाल पूरा किया।
आम चुनावों में भारी जीत हासिल करने के बाद, मोदी ने 26 मई 2014 को पद संभाला। 2019 में उन्हें और भी बड़े जनादेश के साथ दोबारा चुना गया और उनका दूसरा कार्यकाल उसी साल 30 मई को शुरू हुआ। उनका लगातार तीसरा कार्यकाल 9 जून 2024 को शुरू हुआ।
सरकार के 12 साल पूरे होने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले चुने हुए प्रधानमंत्री बनने का जश्न मनाने के लिए, आज दिल्ली में नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) की एक बैठक हुई।
इस बैठक को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा, "इतने लंबे समय तक मां भारती की सेवा का अवसर भगवान की विशेष कृपा से ही मिलता है। मेरे लिए जनता ही ईश्वर का रूप है। मैंने सेवा को साधना माना है और यह साधना सभी कार्यकर्ताओं के सामूहिक प्रयासों का यज्ञ है।"
NDA नेताओं की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "साल 2014 में जब NDA की जीत हुई थी तब मैंने कहा था कि आज देश के सामान्य मानवी में एक नई आशा का उदय हुआ है। इस आशा का, इस उम्मीद का संरक्षण हम सभी का बहुत बड़ा दायित्व था। देश के लोगों ने कांग्रेस के विश्वासघात के बाद अपना भरोसा हमें सौंपा था। मुझे आज संतोष है, गर्व है कि NDA परिवार के तौर पर हमने देश के विश्वास को हमेशा और मजबूत किया है।"
उन्होंने कहा, "2014 के पहले के कई दशक बहुत अस्थिरता और उथल-पुथल से भरे हुए थे। इसका देश को बहुत नुकसान भी उठाना पड़ा लेकिन अब देश की जनता एक स्थिर सरकार का काम भी देख रही है और उसकी निर्णायक क्षमताओं की प्रशंसक भी है। मैं आज देश की महान जनता को नमन करता हूं, जनता-जनार्दन का आभार व्यक्त करता हूं।"
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "NDA के 12 वर्षों की एक बड़ी सफलता ये भी है कि देश कांग्रेस के कुचक्र से आजाद हुआ है। कांग्रेस ने देश को लाचारगी, बेचारगी और हीन भावना के गर्त में गिरा दिया था। देश को यही एहसास कराया जाता था कि भारत में विकास धीरे-धीरे ही होता है, भारत में तेज विकास संभव ही नहीं है और बड़ी ही चतुराई से धीमी विकास को एक नाम दिया था, 'हिंदू ग्रोथ रेट' यानी कार्यशैली कांग्रेस की, दायित्व कांग्रेस का, विफलता कांग्रेस की लेकिन कलंक देश की बड़ी हिंदू आबादी के नाम लगाया गया जबकि असल में इस कुसंस्कृति का नाम होना चाहिए था कांग्रेस ग्रोथ रेट। इस कांग्रेस ग्रोथ रेट में न सुशासन था, न नीति, न नीयत और ना निर्णय। पहली बार अटल जी के नेतृत्व में NDA सरकार आई तब जाकर हमें एक झलक दिखी कि विकास में गति कैसे आती है लेकिन दुर्भाग्य से 2004 में देश फिर से अस्थिरता के बवंडर में और कांग्रेस के शिकंजे में फंस गया। विकास तो दूर की बात है, देश को कांग्रेस ने एक के बाद एक हजारों करोड़ों रुपये के घोटालों में घसीट दिया। देश का भाग्य फिर तब बदला जब 2014 में NDA की सरकार बनी। देश ने देखा कि जब नीयत, नीति और निर्णय तीनों एक साथ काम करते हैं तो विकास की गति कैसी होती है।"
पीएम ने कहा, "आज दुनिया के बड़े-बड़े देशों की अर्थव्यवस्था संघर्ष कर रही है तब भी 2025-26 में भारत ने 7.7 प्रतिशत की ग्रोथ रेट हासिल की है और पिछला क्वाटर तो, जो 31 मार्च को खत्म हुआ है, उसमें भी भारत की ग्रोथ 7.8 प्रतिशत रही है। ये सफलता इतनी आसान नहीं है... हम आज दुनिया की तेज गति से आगे बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बन चुके हैं।"
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "कल के विकसित भारत की गारंटी है,आज का आकांक्षी भारत। आकांक्षी भारत के गर्भ में विकसित भारत पल रहा है। आज के भारत की आकांक्षाएं बड़ी हैं, सपने बड़े हैं इसलिए उसके संकल्प और लक्ष्य भी उतने ही बड़े हैं। देश की आकांक्षाओं का वाहक हमारा मध्यम वर्ग है, नींव मध्य वर्ग है। इसलिए हमारी सरकार मध्यम वर्ग की आकांक्षाओं को पूरा करने में लगी है... 2014 से पहले मध्यम वर्ग कानून की उलझनों का सबसे बड़ा शिकार हुआ करता था। जटिल टैक्स सिस्टम, आमदनी के सीमित स्रोत और टैक्स का बड़ा बोझ, ये सब सामान्य व्यक्ति के रोजमर्रा के जीवन की चुनौती होती थी... हमने मध्यम वर्ग की आकांक्षाओं को समझा इसलिए आज 12 लाख रुपये तक की आमदनी पूरी तरह से टैक्स फ्री है। आज देश में सरल और फेस लेस टैक्स सिस्टम है। अच्छे इंफ्रास्ट्रक्चर से उनका जीवन आसान हुआ है।"