पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता जहांगीर खान एक बार फिर सुर्खियों में हैं। कभी अपने आपको बंगाल फालता का पुष्पा बताने वाले जहांगीर खान के एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहे वीडियो में जहांगीर खान नंगे पैर दिखाई दे रहे हैं। उनकी कमर में रस्सी बंधी है और चलते-चलते वह कभी हाथ जोड़ते नजर आता है। सोमवार को दक्षिण 24 परगना के कई इलाकों में कड़ी सुरक्षा के बीच दूसरी बार सार्वजनिक रूप से ले जाया गया। कुछ दिन पहले ही उन्हें कई आपराधिक मामलों में गिरफ्तार किया गया था।
वीडियो में ऐसा दिखा जहांगीर खान का हाल
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में जहांगीर खान शॉर्ट्स और टी-शर्ट पहने नजर आ रहा है। वीडियो में वे हाथ जोड़कर और सिर झुकाकर चलते दिखाई देता है। कुछ जगहों पर वे माफी मांगने के अंदाज में अपने कान पकड़ते हुए भी नजर आए। पुलिस ने उनकी कमर में रस्सी बांध रखी थी, जिसे एक अधिकारी पकड़कर चल रहा था। वहीं, हथियारों से लैस सुरक्षाकर्मी उन्हें सड़कों पर लेकर जा रहे थे। जहांगीर खान को कड़ी सुरक्षा के बीच सड़कों पर ले जाया गया। उन पर जबरन वसूली, जमीन कब्जाने, मारपीट और अन्य आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने के आरोप हैं।
बता दें कि, पिछले सप्ताह भी पुलिस ने उन्हें इसी तरह सार्वजनिक रूप से इलाके में घुमाया था। पुलिस के अनुसार, उन्हें भारत-नेपाल सीमा के पास पानीटंकी क्षेत्र में एक संयुक्त अभियान के दौरान गिरफ्तार किया गया था। इस कार्रवाई में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) और दार्जिलिंग पुलिस शामिल थी। आरोप है कि वह देश छोड़कर भागने की कोशिश कर रहे थे। गिरफ्तारी के बाद उन्हें डायमंड हार्बर की एक अदालत में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उन्हें पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। इस दौरान पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों की भारी तैनाती की गई थी। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बावजूद बड़ी संख्या में लोग इस कार्रवाई को देखने के लिए मौके पर पहुंच गए।
पुलिस के अनुसार, जहांगीर खान पश्चिम बंगाल के सीमा क्षेत्र से देश छोड़कर भागने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन इससे पहले ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। जहांगीर खान पर 29 अप्रैल को फल्टा विधानसभा क्षेत्र में दूसरे चरण के मतदान के दौरान चुनाव में गड़बड़ी करने के आरोप लगे थे। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए चुनाव आयोग ने उस मतदान को रद्द कर दिया था। इसके बाद आयोग ने 21 मई को दोबारा मतदान कराने का फैसला किया। नए मतदान से पहले जहांगीर खान ने चुनाव से अपना नाम वापस ले लिया था। बताया जाता है कि वह पहले मतदान वाले दिन से ही फरार थे। बाद में हुए पुनर्मतदान में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने फल्टा विधानसभा सीट पर एक लाख से अधिक वोटों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की।
जहांगीर खान को दक्षिण 24 परगना जिले का एक प्रभावशाली नेता माना जाता है। उन पर लंबे समय से स्थानीय लोगों द्वारा जमीन कब्जाने, जबरन वसूली करने और चुनाव के दौरान हिंसा फैलाने जैसे आरोप लगाए जाते रहे हैं। उनकी गिरफ्तारी के बाद इलाके में लोगों का गुस्सा भी देखने को मिला। रिपोर्टों के अनुसार, नाराज लोगों की भीड़ ने फल्टा स्थित उनके कार्यालय में तोड़फोड़ की। इस दौरान कार्यालय की खिड़कियां, दरवाजे और फर्नीचर को नुकसान पहुंचाया गया।