Faridabad Explosive Haul: जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक बड़ी साजिश का पर्दाफाश किया है, जिसमें विभिन्न जगहों पर काम कर रहे कुछ डॉक्टरों का आतंकवादी नेटवर्क से जुड़ाव सामने आया है। दिल्ली के पास फरीदाबाद से भारी मात्रा में विस्फोटक मिलने के बाद यह मामला उजागर हुआ। अधिकारियों के मुताबिक, यह खुलासा तब हुआ जब श्रीनगर के नोगाम इलाके में एक पोस्टर लगा मिला, जिसमें दुकानदारों को केंद्रीय एजेंसियों से संपर्क न करने की चेतावनी दी गई थी। सीसीटीवी जांच में पता चला कि यह पोस्टर लगाने वाला व्यक्ति सहारनपुर में रह रहा था। जांच में उसकी पहचान डॉ. अदील नाम के कश्मीरी मूल के डॉक्टर के रूप में हुई। पूछताछ में डॉ. अदील ने श्रीनगर के तीन और डॉक्टरों से अपने संबंधों का खुलासा किया।
आतंकी नेटवर्क में शामिल डॉक्टर्स!
जांच में खुलासा हुआ कि इस नेटवर्क की शुरुआत 2021-22 में हुई थी। पहले इसे हाशिम नाम के एक व्यक्ति ने सक्रिय किया और बाद में घाटी में एक नए नेता डॉ. उमर के नेतृत्व में यह फिर से संगठित हुआ। सहारनपुर में रहने वाले डॉ. अदील को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने जल्द ही गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान उसने अपने साथ जुड़े अन्य डॉक्टरों के नाम बताए, जिनमें डॉ. मुज़म्मिल भी शामिल हैं। पुलिस ने फरीदाबाद में डॉ. मुज़म्मिल के क्लिनिक पर छापेमारी की, जहां से भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद किए गए।
देश में बड़े हमले की साजिश
फरीदाबाद में डॉ. मुजम्मिल के ठिकाने से पुलिस ने अमोनियम नाइट्रेट और कई अन्य रासायनिक पदार्थों सहित आईईडी बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाला भारी सामान बरामद किया। जांच में पता चला कि यह गिरोह देशभर में आतंकी हमलों की साजिश रच रहा था और खुद आईईडी तैयार कर हमले करने की योजना बना रहा था। पुलिस के अनुसार, आरोपी आगे चलकर लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों से जुड़ा अपना अलग संगठन, यानी एक “तंज़ीम”, बनाना चाहते थे ताकि आतंकी गतिविधियों को और फैलाया जा सके।
फरीदाबाद में पूछताछ के आधार पर की गई कार्रवाई में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की। पुलिस ने वहां से एक एके-47 राइफल और करीब 350 किलो अमोनियम नाइट्रेट बरामद किया। अधिकारियों ने बताया कि यह सामान एक वाहन (नंबर HR55CHSTE) से जब्त किया गया, जिसके बाद इलाके में तलाशी अभियान चलाया गया।
गाड़ी से बरमाद हुए ये खतरनाक सामान
तलाशी के दौरान मिले चार बड़े सूटकेस
फरीदाबाद में तलाशी के दौरान पुलिस को चार बड़े सूटकेस मिले, जिनमें भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री और करीब 350 किलो बारूद बरामद किया गया। इससे पहले, अनंतनाग के सरकारी मेडिकल कॉलेज में डॉ. अदील के लॉकर से भी एक एके-47 राइफल मिली थी। ये घटनाएं दिखाती हैं कि किस तरह कट्टरपंथी तत्व अब चिकित्सा जैसे पेशेवर क्षेत्रों में भी घुसपैठ कर रहे हैं और स्लीपर मॉड्यूल के ज़रिए गंभीर सुरक्षा खतरा पैदा कर रहे हैं।
इस खुलासे से पुलिस भी हैरान
फरीदाबाद में की गई छापेमारी के दौरान जांच एजेंसियों को कई चौंकाने वाले तथ्य मिले। सूत्रों के मुताबिक, सुरक्षा टीमों ने शहर के बाहरी इलाके धौज गांव में तलाशी ली, जहां अल-फला कॉलेज नामक एक निजी मेडिकल संस्थान की भी जांच की गई। स्थानीय सूत्रों ने बताया कि यह कॉलेज खाड़ी देशों से मिले फंड से, एक पुराने राजनीतिक शासन के दौरान, एक दानदाता के परिवार के सदस्य की याद में स्थापित किया गया था। बताया गया कि यहां के ज्यादातर कर्मचारी और शिक्षक मुस्लिम समुदाय से हैं। पुलिस ने कहा कि डॉ. मुज़म्मिल का इसी संस्थान से जुड़ा हुआ नेटवर्क था। तलाशी के दौरान एक वाहन से एके-47 राइफल, बड़ी मात्रा में अमोनियम नाइट्रेट और बम बनाने की अन्य सामग्री बरामद की गई।
शीर्ष खुफिया सूत्रों के अनुसार यह मॉड्यूल एक संभावित "स्लीपर-सेल" जैसा निकला — बाहरी रूप से कम दिखने वाला लेकिन पेशेवर आड़ के साथ सक्रिय। पुलिस ने कहा है कि इस ग्रुप का टगरगेट दिल्ली-एनसीआर को निशाना बनाकर बड़ा ऑपरेशन चलाना भी रहा होगा, जिस वजह से मामला और गंभीर माना जा रहा है।