राजधानी दिल्ली से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। हरियाणा के झज्जर जिले के एक गांव में रहने वाले 27 वर्षीय किसान मनीष कुमार की जिंदगी एक दर्दनाक हादसे में खत्म हो गई। मनीष अपना आधार कार्ड अपडेट कराने दिल्ली के एक बैंक पहुंचे थे, लेकिन कुछ ही मिनटों में वहां ऐसा हादसा हुआ जिसने सबको स्तब्ध कर दिया। बैंक में गलती से चली गोली लगने से उनकी मौत हो गई। पुलिस ने मामले में सिक्योरिटी गार्ड को गिरफ्तार कर लिया है।
सिक्योरिटी गार्ड के बंदूक से चली गोली
यह घटना सुबह करीब 10:30 बजे की है। पुलिस के मुताबिक, 53 वर्षीय सिक्योरिटी गार्ड विनोद कुमार अपनी 12 बोर की डबल बैरल बंदूक में कारतूस भर रहे थे। इसी दौरान गलती से बंदूक से गोली चल गई। गोली मनीष कुमार की पीठ में लगी और वह मौके पर ही जमीन पर गिर पड़े। घटना के बाद बैंक में अफरा-तफरी मच गई। गोली चलने की आवाज सुनते ही बैंक में मौजूद कर्मचारी और ग्राहक बाहर की ओर भागे। बाद में उन्होंने मनीष कुमार को खून से लथपथ हालत में पड़ा देखा। उन्हें तुरंत इलाज के लिए राव तुला राम अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
बंदूक में खराबी के कारण हुआ हादसा!
पुलिस ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि बैंक के सिक्योरिटी गार्ड की बंदूक से गलती से गोली चल गई है, जिससे एक व्यक्ति घायल हो गया। जब पुलिस मौके पर पहुंची, तब तक घायल को अस्पताल भेजा जा चुका था। पूछताछ में सिक्योरिटी गार्ड विनोद कुमार ने बताया कि वह उस दिन ड्यूटी पर देर से पहुंचे थे। बैंक खुल चुका था और कर्मचारी व ग्राहक अंदर मौजूद थे। इसी दौरान वह अपनी बंदूक में कारतूस भर रहे थे, तभी अचानक गोली चल गई। पुलिस का कहना है कि यह हादसा लापरवाही या बंदूक में किसी तकनीकी खराबी की वजह से हुआ हो सकता है। पुलिस के अनुसार, विनोद कुमार हरियाणा के झज्जर जिले के एक गांव के रहने वाले हैं। वह भारतीय सेना में नौकरी कर चुके हैं और वर्ष 2018 में सेवानिवृत्त हुए थे। पिछले दो साल से वह एक निजी सुरक्षा एजेंसी के जरिए बैंक में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी कर रहे थे। उनके परिवार में दो बेटे हैं, जो कॉलेज में पढ़ाई कर रहे हैं।
पुलिस ने जांच के दौरान घटना में इस्तेमाल की गई बंदूक को अपने कब्जे में लेकर फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। वहीं, मृतक मनीष कुमार के शव का पोस्टमार्टम भी कराया गया है। अब पुलिस पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि गोली किन परिस्थितियों में चली। जांच के तहत पुलिस ने बैंक में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी अपने कब्जे में ले ली है। अधिकारी यह भी जांच कर रहे हैं कि सुरक्षा नियमों का सही तरीके से पालन किया गया था या नहीं। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि बैंक खुलने के बाद बंदूक में कारतूस भरना लापरवाही थी या नहीं। फिलहाल, पुलिस ने आरोपी सिक्योरिटी गार्ड के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 105 के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। अब आगे की कार्रवाई जांच और फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद की जाएगी।