एक सेवारत सैनिक के 62 साल के पिता ने बेहद साहसिक फैसला किया। उन्होंने लिवर और एक किडनी दान कर मानवीय मूल्यों का सर्वोच्च प्रदर्शन किया। अंगदान के बाद इन महत्वपूर्ण अंगों को तय समयसीमा के भीतर जरूरतमंद मरीजों तक पहुंचाना बेहद जरूरी था। इस चुनौतीपूर्ण काम में भारतीय वायुसेना ने अहम भूमिका निभाई।
दिल्ली के अलग-अलग अस्पतालों में पहुंचाए गए अंग
भारतीय वायुसेना ने मेडिकल टीमों के साथ सहयोग करते हुए चंडीगढ़ से दिल्ली तक अंगों को एयरलिफ्ट किया। एयरलिफ्ट किए गए दोनों अंगों को दिल्ली के अलग-अलग अस्पतालों में पहुंचाया गया। लिवर को आर्मी हॉस्पिटल (रिसर्च एंड रेफरल) में ट्रांसप्लांट के लिए भेजा गया, जबकि किडनी को सफदरजंग अस्पताल पहुंचाया गया।
वायुसेना ने तेजी से पूरी की प्रक्रिया
इस पूरे मिशन की खास बात यह रही कि अंगदान करने वाले 62 वर्षीय व्यक्ति ने अपने बेटे, जो भारतीय सेना में सेवारत है, के माध्यम से देशसेवा की भावना को एक अलग स्तर पर पहुंचाया। उन्होंने अपने अंग दान कर जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन मिलने की उम्मीद जगाई। मिशन के दौरान समय की गंभीरता को देखते हुए पूरी प्रक्रिया तेजी से पूरी की गई, ताकि अंगों को सुरक्षित और जल्द से जल्द संबंधित अस्पतालों तक पहुंचाया जा सके।
पहले भी ऐसे मिशन का हिस्सा रही है वायुसेना
भारतीय वायुसेना पहले भी ऐसे मिशन का हिस्सा रह चुकी है। समय-समय पर आपात स्थितियों में मेडिकल इवैक्यूएशन और महत्वपूर्ण अंगों को समय पर पहुंचाने जैसे मिशनों में सहयोग करती रही है। इस मिशन में भी तेज प्रतिक्रिया और सटीक समन्वय के जरिए चंडीगढ़ से दिल्ली तक जीवन बचाने की इस महत्वपूर्ण कड़ी को पूरा किया गया।