बागी नेताओं के डर से TMC की HDFC बैंक से बड़ी मांग, सभी खाते फ्रीज करने की अपील

तृणमूल कांग्रेस (TMC) में मची सियासी खींचतान अब आर्थिक मामलों तक पहुंच गई है। पार्टी के कोषाध्यक्ष अरूप बिस्वास ने HDFC बैंक की कोलकाता शाखा से पार्टी का बैंक खाता फ्रीज करने की मांग की है।

अपडेटेड Jun 18, 2026 पर 2:00 PM
बागी नेताओं के डर से TMC की HDFC बैंक को चिट्ठी

तृणमूल कांग्रेस (TMC) में मची सियासी खींचतान अब आर्थिक मामलों तक पहुंच गई है। पार्टी के कोषाध्यक्ष अरूप बिस्वास ने HDFC बैंक की कोलकाता शाखा से पार्टी का बैंक खाता फ्रीज करने की मांग की है। उनका कहना है कि पार्टी में बढ़ती बगावत के बीच खाते का गलत इस्तेमाल हो सकता है। वहीं अब उनकी इस मांग की वजह से नया विवाद खड़ा हो गया है।

अरूप बिस्वास ने पत्र में लिखा, “पार्टी के सांसदों और विधायकों में बड़ी फूट पड़ गई है, इसलिए फिलहाल पार्टी के खाते से होने वाले सभी पैसों के लेन-देन पर रोक लगा दी जाए।“

उन्होंने लिखा कि यह सबको पता है कि पार्टी के 28 सांसदों में से 20 सांसद और 60 विधायकों में से 58 विधायक या तो पार्टी छोड़ चुके हैं या फिर खुलकर बगावत कर चुके हैं। ऐसी स्थिति में पार्टी के कामकाज, नियंत्रण और संपत्ति को लेकर गंभीर विवाद पैदा हो गया है। इसलिए संगठन के फंड को सुरक्षित रखने के लिए... मैं बैंक से अनुरोध करता हूं कि फिलहाल खाते की मौजूदा स्थिति (स्टेटस क्वो) बरकरार रखी जाए। साथ ही, इस खाते से किसी भी तरह के पैसे निकालने (डेबिट ट्रांजैक्शन) या खाते के संचालन से जुड़े अधिकारों (ऑपरेशनल मैंडेट) में कोई बदलाव करने की अनुमति न दी जाए।"


वहीं, तृणमूल सूत्रों ने बताया कि अरूप बिस्वास, जो पार्टी के गढ़ माने जाने वाले टॉलीगंज सीट से BJP से हार गए थे, उन्हें 5 जून को हटा दिया गया था और उनकी जगह सुभाषिश चक्रवर्ती को लाया गया था।

‘पहले से साइन किए हुए चेक, फाइनेंशियल हाइजैकिंग’: बिस्वास के लेटर से क्या पता चला?

News18 को कोलकाता में HDFC बैंक की सेंट्रल प्लाजा ब्रांच से एक जरूरी लेटर मिला है। इससे तृणमूल कांग्रेस के अंदर बढ़ते संकट की झलक मिलती है, क्योंकि पार्टी लीडरशिप जारी बगावत के बीच अपने फाइनेंस को लेकर चिंता जाहिर कर रही है।

लेटर के मुताबिक, अरूप बिस्वास ने दावा किया कि AITC के अंदर विरोधी गुट खुद को पार्टी का असली पदाधिकारी बता रहे हैं। उन्होंने बैंक से पार्टी के अकाउंट्स के किसी भी अनऑथराइज्ड ऑपरेशन को रोकने की अपील की। ​​उन्होंने कहा कि उन्हें "असली और वाजिब शक" है कि बागी गुट फंड पर कब्जा करने की कोशिश कर सकता है।

इस चिट्ठी में पहले से साइन किए हुए कई खाली चेकों को लेकर भी चिंता जताई गई है। बिस्वास के मुताबिक, ये चेक पार्टी हेडक्वार्टर में रोजमर्रा के प्रशासनिक खर्चों के लिए रखे गए थे। उन्हें डर है कि जिन लोगों के पास पार्टी के हस्ताक्षर किए हुए चेक हैं और जिनकी अधिकारिता पर अब सवाल उठ रहे हैं, वे उनका गलत इस्तेमाल कर सकते हैं। इसलिए एहतियात के तौर पर बैंक खाते के सभी वित्तीय लेन-देन पर रोक लगाई जानी चाहिए।

 

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