"उसे नौकरी से निकालो..." पत्नी से हुआ झगड़ा, दिल्ली के बड़े डॉक्टर ने क्यों ली अपनी ही मेड की जान?

पुलिस अधिकारी हेमंत तिवारी ने बताया कि मनीष अपनी पत्नी (जो कि एक आयुर्वेदिक डॉक्टर हैं) से मीना को हटाने की जिद कर रहा था। लेकिन पत्नी इसके खिलाफ थीं। उन्होंने मनीष को याद दिलाया कि जब उसकी मां को कैंसर था, तब मीना ने ही उनकी दिन-रात सेवा की थी

अपडेटेड Jun 19, 2026 पर 1:48 PM

दिल्ली के पॉश इलाके माउंट कैलाश में एक घरेलू सहायिका (मेड) की बेरहमी से हत्या के मामले में पुलिस ने कई बड़े खुलासे किए हैं। आरोपी पति, जो पेशे से स्किन डॉक्टर (डर्मेटोलॉजिस्ट) है, का हाल ही में अपनी पत्नी से इस बात पर झगड़ा हुआ था कि कामवाली को नौकरी से निकाला जाए या नहीं।

क्या है पूरा मामला?

पुलिस के मुताबिक, आरोपी मनीष गुप्ता ने गुरुवार सुबह अपने दक्षिण-पूर्वी दिल्ली वाले घर में 15 साल से काम कर रही मीना पर पहले क्रिकेट बैट से वार किया और फिर चाकू से हमला कर दिया। शुरुआत में खबरें आई थीं कि यह मामला 'काले जादू' या 'नेगेटिव एनर्जी' के शक से जुड़ा है, लेकिन पुलिस ने साफ किया है कि इसके कोई सबूत नहीं मिले हैं।


पुलिस अधिकारी हेमंत तिवारी ने बताया कि मनीष अपनी पत्नी (जो कि एक आयुर्वेदिक डॉक्टर हैं) से मीना को हटाने की जिद कर रहा था। लेकिन पत्नी इसके खिलाफ थीं। उन्होंने मनीष को याद दिलाया कि जब उसकी मां को कैंसर था, तब मीना ने ही उनकी दिन-रात सेवा की थी।

हत्या के पीछे की वजह

पुलिस को शक है कि इस बहस के बाद मनीष को लगा कि घर में उसकी कोई इज्जत नहीं है और उसकी बात को नजरअंदाज किया जा रहा है। इसी गुस्से और अकेलेपन की वजह से उसने यह खौफनाक कदम उठाया। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या घटना से ठीक पहले मीना और मनीष के बीच कोई बहस हुई थी।

जब यह घटना हुई, तब मनीष की पत्नी अपने नर्सिंग होम में थीं। पुलिस ने बताया कि मनीष पिछले 10 सालों से डिप्रेशन और ओसीडी (OCD - साफ-सफाई या एक ही चीज को बार-बार सोचने की बीमारी) से जूझ रहा था और उसकी दवाइयां चल रही थीं। उनका बेटा ग्रेटर नोएडा की एक यूनिवर्सिटी से कानून (Law) की पढ़ाई कर रहा है।

घटना कैसे सामने आई?

गुरुवार सुबह करीब 11:30 बजे एक पड़ोसी ने पुलिस को फोन किया कि पास की बिल्डिंग की छत पर एक महिला खून से लथपथ पड़ी है। जब पुलिस वहां पहुंची, तो आरोपी मनीष लाश के पास ही खड़ा था। पुलिस ने मौके से खून से सना बल्ला और चाकू बरामद कर लिया है। आस-पास के लोगों का कहना है कि उन्होंने घटना से कुछ देर पहले छत से चीखने की आवाजें सुनी थीं। पूछताछ में मनीष ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।

मीना के परिवार का रो-रोकर बुरा हाल

इस खबर ने मीना के परिवार को पूरी तरह तोड़कर रख दिया है।

बेटे रॉबिन ने कहा, "सुबह मां हमेशा की तरह हंसते-खेलते काम पर गई थीं। अचानक किसी का फोन आया कि मां अब इस दुनिया में नहीं रहीं। मुझे तो अब भी यकीन नहीं हो रहा।"

भाई शुभो ने बताया, "हमें शुरुआत में कुछ नहीं बताया गया। जब मैं मौके पर पहुंचा, तो पुलिस ने मुझे बहन की लाश भी नहीं देखने दी। हमें बाद में पता चला कि उनके साथ कितनी दरिंदगी हुई है।"

साथ में काम करने वाली दूसरी मेड पूजा ने बताया कि मीना बहुत ही शांत स्वभाव की महिला थी और सिर्फ अपने काम से काम रखती थी।

पड़ोसियों का क्या कहना है?

पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और करीबियों के बयान दर्ज कर रही है। इस बीच, एक पड़ोसी ने इस बात से इनकार किया कि मनीष दिमागी तौर पर बीमार लगता था। पड़ोसी का कहना था, "वे दोनों बहुत अच्छे और सभ्य लोग हैं। मनीष का व्यवहार हमेशा एक अच्छे पड़ोसी जैसा ही था।"

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