Indo-US trade deal : भारत-अमेरिका ट्रेड डील के बाद,अमेरिकी ट्रेड ऑफिस ने PoK और अक्साई चिन को बताया भारतीय इलाका

India-US interim trade deal : भारत-अमेरिका अंतरिम ट्रेड डील के साथ जारी किए गए एक अमेरिकी ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव मैप में PoK और अक्साई चिन को भारतीय क्षेत्र के रूप में दिखाया गया है। भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते से अमेरिकी निर्यातकों को नए बाजार तक पहुंच मिलेगी

अपडेटेड Feb 07, 2026 पर 12:00 PM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
India US trade deal : इसके साथ एक सोशल मीडिया पोस्ट भी की गई है जिसमें अंतरिम व्यापार समझौते के दायरे और अमेरिकी एक्सपोर्टर्स के लिए इसके मार्केट-एक्सेस फायदों के बारे में बताया गया है

India-US interim trade deal :भारत-अमेरिका अंतरिम ट्रेड डील के फ्रेमवर्क की घोषणा के साथ यूनाइटेड स्टेट्स ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव द्वारा जारी किए गए एक मैप ने सबका ध्यान खींचा है। इस मैप में पूरे जम्मू और कश्मीर क्षेत्र को,जिसमें पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर और अक्साई चिन भी शामिल है,भारत के हिस्से के रूप में दिखाया गया है। यूनाइटेड स्टेट्स ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव द्वारा किए गए एक ऑफिशियल पोस्ट में पब्लिश किए गए मैप में जम्मू और कश्मीर,लद्दाख के अक्साई चिन इलाके और अरुणाचल प्रदेश को भारत की क्षेत्रीय सीमाओं के अंदर दिखाया गया था।

इसके साथ एक सोशल मीडिया पोस्ट भी की गई है जिसमें अंतरिम व्यापार समझौते के दायरे और अमेरिकी एक्सपोर्टर्स के लिए इसके मार्केट-एक्सेस फायदों के बारे में बताया गया है।

एजेंसी ने इस डील के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि मेवों और सूखे डिस्टिलर्स ग्रेन से लेकर लाल ज्वार और ताज़े और प्रोसेस्ड फलों तक,US-इंडिया एग्रीमेंट अमेरिकी प्रोडक्ट्स के लिए नए मार्केट खोलेगा।


हालांकि मैप के बारे में कोई अलग से बयान जारी नहीं किया गया, लेकिन यह चित्रण इस क्षेत्र में लंबे समय से चल रहे क्षेत्रीय विवादों और भारत के पड़ोसी देशों के विरोधी दावों के बीच आया है, इससे इसने सबका ध्यान खींचा है।

2020 में,पाकिस्तान ने एक नया पॉलिटिकल मैप जारी किया था। इसमें जम्मू और कश्मीर,लद्दाख के कुछ हिस्सों और गुजरात के जूनागढ़ और सर क्रीक जैसे इलाकों पर भी उसने दावा किया गया था। भारत ने इस कदम को सिरे से खारिज कर दिया था और इसे "पॉलिटिकल बेवकूफी" बताते हुए इन दावों को कानूनी तौर पर गलत बताया था।

इसी तरह चीन भी भारतीय इलाके पर अपना दावा करता रहता है। अगस्त 2023 में बीजिंग ने एक अपडेटेड "स्टैंडर्ड मैप" जारी किया था। इसमें अरुणाचल प्रदेश (जिसे वह दक्षिण तिब्बत कहता है) और अक्साई चिन को चीन का हिस्सा दिखाया गया है। नई दिल्ली ने लगातार इन दावों को खारिज किया है। भारत का कहना है कि इस तरह की मैप बनाने की कोशिशों से ज़मीनी हकीकत नहीं बदलती।

अमेरिका द्वारा यह मैप ऐसे समय जारी किया गया है जब भारत और अमेरिका के बीच टैरिफ तनाव के बीच महीनों की बातचीत के बाद भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार फ्रेमवर्क का औपचारिक रूप लेता दिखा है।

 

Trade deals : भारत-अमेरिका और भारत-यूरोपियन यूनियन ट्रेड डील का तुलनात्मक विश्लेषण, जानिए दोनों में क्या हैं अंतर

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।