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देवरिया के रहने वाले पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा बने राम मंदिर के पहले CEO, ऑपरेशन सिंदूर के समय की इनकी कहानी जानिए

Ram Mandir CEO: 'ऑपरेशन सिंदूर' में अपनी भूमिका के लिए 'सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल' पाने वाले रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को श्री राम जन्मभूमि मंदिर का CEO चुना गया है। यह फैसला तब लिया गया जब श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बुधवार को अयोध्या में हुई एक बैठक में CEO की नियुक्ति पर विचार किया।

Edited By: Ashwani Kumar Srivastavaअपडेटेड Sep 02, 2026 पर 6:55 PM
देवरिया के रहने वाले पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा बने राम मंदिर के पहले CEO, ऑपरेशन सिंदूर के समय की इनकी कहानी जानिए
राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO बने जितेंद्र मिश्रा, ऑपरेशन सिंदूर से लेकर कारगिल तक ऐसा रहा सफर

Ram Mandir CEO: 'ऑपरेशन सिंदूर' में अपनी भूमिका के लिए 'सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल' पाने वाले रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को श्री राम जन्मभूमि मंदिर का चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) चुना गया है। यह फैसला तब लिया गया जब श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बुधवार को अयोध्या में हुई एक बैठक में CEO की नियुक्ति पर विचार विमर्श किया।

इसके अलावा, ट्रस्ट ने तीन नए ट्रस्टी भी नियुक्त किए: दिल्ली के महेश भागचंदका (जो VHP के दिवंगत नेता अशोक सिंघल के रिश्तेदार हैं), अयोध्या के मदन मोहन पांडे और शिकोहाबाद की निर्मला यादव।

भारतीय वायु सेना के सम्मानित पूर्व कमांडर अप्रैल 2026 में रिटायर हुए थे और अब वे मंदिर ट्रस्ट के कामकाज के विस्तार के साथ एक अहम प्रशासनिक भूमिका संभालेंगे।

बता दें कि मिश्रा उन सीनियर मिलिट्री कमांडरों में शामिल थे जिन्हें 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान उनकी लीडरशिप के लिए सम्मानित किया गया था। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उनकी शानदार सेवाओं और महत्वपूर्ण योगदान के लिए उन्हें 'सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल' से सम्मानित किया था।

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