AC में ब्लास्ट के बाद लगी आग से पूर्व IAS की मौत, इन 5 वजहों से होता है Blast, अपनी एसी में तुरंत चेक करें ये चीजें

दिल्ली के हौज खास इलाके से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। यहां एक घर में एयर कंडीशनर (AC) की इनडोर यूनिट में विस्फोट होने के बाद लगी आग की वजह से एक पूर्व आईएएस अधिकारी की मौत हो गई।

अपडेटेड May 29, 2026 पर 2:04 PM
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AC में ब्लास्ट के बाद लगी आग से पूर्व IAS की मौत, इन 5 वजहों से होता है Blast

दिल्ली के हौज खास इलाके से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। यहां एक घर में एयर कंडीशनर (AC) की इनडोर यूनिट में विस्फोट होने के बाद लगी आग की वजह से एक पूर्व आईएएस अधिकारी की मौत हो गई। इस दर्दनाक घटना के बाद दिल्ली के व्यापारियों और आम लोगों में चिंता का माहौल है। बढ़ती गर्मी के बीच एसी से जुड़ी बढ़ती समस्याओं को देखते हुए व्यापारियों और उद्यमियों के टॉ संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने दिल्ली की सभी 768 मार्केट्स असोसिएशन्स और 56 इंडस्ट्री असोसिएशन्स को एक पत्र लिखकर विशेष एडवाइजरी जारी की है। CTI के मुताबिक एसी यूनिट में ब्लास्ट होना हालांकि एक रेयर (दुर्लभ) घटना है लेकिन जब ऐसा होता है तो यह बेहद खतरनाक और जानलेवा साबित होता है।

आपको बता दें कि दिल्ली के हौज खास इलाके में रह रहे 80 साल के रिटायर्ड IAS अधिकारी और भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) के पहले चेयरमैन धनेंद्र कुमार की उनके घर में एसी फटने के बाद लगी आग से मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक यह घटना गुरुवार रात करीब 11:18 बजे हुई। उस समय घर में परिवार के सदस्यों और घरेलू सहायकों सहित कुल पांच लोग मौजूद थे। सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमों ने मौके पर पहुंचकर घर में फंसे लोगों को बाहर निकाला और आग पर काबू पाया। इस हादसे में पूर्व आईएएस अधिकारी के साथ उनका बेटा भी घायल हो गया जिन्हें पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया। एक अधिकारी ने बताया कि धनेंद्र कुमार की धुएं के कारण दम घुटने से इलाज के दौरान मृत्यु हो गई, जबकि उनके बेटे का इलाज चल रहा है और उनकी हालत खतरे से बाहर है। पुलिस और क्राइम टीम की शुरुआती जांच के मुताबिक इस घटना में किसी तरह की साजिश का संदेह नहीं है और आग एयर कंडीशनर के इनडोर यूनिट में विस्फोट के कारण ही लगी थी।

AC Blast के 5 मुख्य कारण: क्यों बम की तरह फट जाता है एसी?


चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने अपनी एडवाइजरी में उन 5 प्रमुख कारणों का जिक्र किया है जिसकी वजह से एयर कंडीशनर में ब्लास्ट होता है:

1. रेफ्रिजरेंट गैस लीक और चिंगारी

यह एसी ब्लास्ट का सबसे कॉमन कारण है। एसी यूनिट्स में R32, R290 या R22 जैसी गैसों का इस्तेमाल होता है। इनमें से R32 और R290 हल्की ज्वलनशील होती हैं। अगर एसी के पाइप में कहीं गैस लीक हो रही हो और उसके पास वायरिंग शॉर्ट सर्किट, लूज कनेक्शन या वेल्डिंग जैसी कोई चिंगारी पैदा हो जाए तो गैस तुरंत आग पकड़ लेती है और ब्लास्ट हो जाता है।

2. लोकल मैकेनिकों द्वारा गलत गैस भरना

कई बार लोकल मैकेनिक थोड़े से पैसे बचाने के चक्कर में एसी के भीतर एलपीजी या दूसरी कोई सस्ती और अत्यधिक ज्वलनशील गैस भर देते हैं। एयर कंडीशनर का सिस्टम इन गैसों के दबाव को झेलने के लिए डिज़ाइन नहीं होता है। ऐसे में जैसे ही सिस्टम के अंदर प्रेशर बढ़ता है, कंप्रेसर फट जाता है।

3. कंप्रेसर का ओवरहीट होना

एसी के फिल्टर गंदे होने, कंडेंसर कॉइल के बंद होने या यूनिट में गैस कम होने की स्थिति में कंप्रेसर पर काम का लोड बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। लगातार चलने की वजह से कंप्रेसर का तापमान 200°C से भी ऊपर चला जाता है। इस भारी हीटिंग की वजह से अंदर का प्रेशर इतना बढ़ जाता है कि कंप्रेसर ब्लास्ट हो जाता है।

4. इलेक्ट्रिकल फॉल्ट और शॉर्ट सर्किट

सोसाइटी या घरों में लूज वायरिंग, खराब कैपेसिटर या वोल्टेज के लगातार ऊपर-नीचे होने से शॉर्ट सर्किट का खतरा रहता है। इस शॉर्ट सर्किट से निकलने वाले स्पार्क के संपर्क में आते ही आसपास लीक हुई गैस में आग लग जाती है। मानसून के मौसम में हवा में नमी होने की वजह से यह रिस्क और ज्यादा बढ़ जाता है।

5. वैक्यूम न करना और अंदर हवा रह जाना

एसी में दोबारा गैस रिफिल करने से पहले पूरे सिस्टम को अच्छी तरह से वैक्यूम करना बेहद जरूरी होता है। अगर अनट्रेंड या नकली टेक्नीशियन इस जरूरी स्टेप को स्किप (छोड़) कर देते हैं तो सिस्टम के अंदर हवा बची रह जाती है। अंदर बची हुई ऑक्सीजन और गैस का प्रेशर मिलकर ब्लास्ट के लिए अनुकूल माहौल बना देते हैं।

CTI की अडवाइजरी: एसी ब्लास्ट से बचने के 5 जरूरी सेफ्टी टिप्स

गर्मियों में होने वाले एसी ब्लास्ट के 90% मामले गलत गैस रिफिलिंग या रिपेयरिंग में लापरवाही बरतने की वजह से होते हैं। सिर्फ 500 रुपये बचाने के चक्कर में लाखों का नुकसान और जान का जोखिम हो सकता है। CTI ने व्यापारियों और आम नागरिकों को इससे बचने के लिए निम्नलिखित उपाय तुरंत चेक करने की सलाह दी है-

ट्रेंड टेक्नीशियन से ही कराएं काम: अपनी एसी की सर्विसिंग और रिपेयरिंग हमेशा केवल अधिकृत कंपनी या पूरी तरह से प्रशिक्षित टेक्नीशियन से ही कराएं और काम पूरा होने के बाद उनसे प्रॉपर बिल जरूर लें। अनट्रेंड टेक्नीशियन से गैस बिल्कुल न भरवाएं।

वेल्डिंग के दौरान बरतें सावधानी: अगर आपके घर में R32 या R290 गैस वाला एसी लगा है और उसमें वेल्डिंग करने की जरूरत पड़ती है तो वेल्डिंग शुरू करने से पहले सिस्टम के अंदर से पूरी गैस निकालना बेहद अनिवार्य है।

आउटडोर यूनिट के पास न रखें कचरा: एसी की आउटडोर यूनिट के आसपास किसी भी तरह का ज्वलनशील सामान, कचरा, प्लास्टिक, लकड़ी या तेल जैसी चीजें बिल्कुल न जमा होने दें।

गड़बड़ी दिखने पर तुरंत करें बंद: अगर आपके चलते हुए एसी से किसी भी तरह की अजीब आवाज आए, जलने की बदबू महसूस हो या यूनिट पर बर्फ जमती हुई दिखाई दे तो बिना देर किए एसी को तुरंत बंद कर दें और सीधे एमसीबी (MCB) से उसकी पावर सप्लाई काट दें।

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