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Digital Arrest Scam: पूर्व NIA चीफ बनकर ठगों ने की बुजुर्ग व्यक्ति से धोखाधड़ी, लगाया 16.5 लाख का चूना

Digital Arrest Scam: डिजिटल अरेस्ट से जुड़ी ठगी के मामले अब नए तरीके से सामने आ रहे हैं। ठग अपनी पहचान छिपाने के लिए एन्क्रिप्टेड ऐप्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। हाल ही में, मुंबई के पश्चिमी उपनगर में रहने वाले एक बुजुर्ग से इसी तरह की ठगी की गई।

Translated By: Ashwani Kumar Srivastavaअपडेटेड Jan 23, 2026 पर 1:50 PM
Digital Arrest Scam: पूर्व NIA चीफ बनकर ठगों ने की बुजुर्ग व्यक्ति से धोखाधड़ी, लगाया 16.5 लाख का चूना
पूर्व NIA चीफ बनकर ठगों ने की बुजुर्ग व्यक्ति से धोखाधड़ी, लगाया 16.5 लाख का चूना

Digital Arrest Scam: डिजिटल अरेस्ट से जुड़ी ठगी के मामले अब नए तरीके से सामने आ रहे हैं। ठग अपनी पहचान छिपाने के लिए एन्क्रिप्टेड ऐप्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। हाल ही में, मुंबई के पश्चिमी उपनगर में रहने वाले एक बुजुर्ग से इसी तरह की ठगी की गई। ठगों ने उनसे कहा कि “दिल्ली ब्लास्ट केस” की ऑनलाइन जांच हो रही है और उन्हें Signal ऐप डाउनलोड करने के लिए मजबूर किया। इसके बाद उनसे 16.5 लाख रुपये ठग लिए गए।

Signal ऐप यूजर्स को अपने फोन नंबर गोपनीय रखने की सुविधा देता है, इसके लिए एक यूजरनेम का उपयोग किया जा सकता है। ऐप किसी भी प्रकार का मेटाडेटा भी सेव नहीं करता है। ये फीचर्स आमतौर पर पत्रकारों, कार्यकर्ताओं और अन्य यूजर्स की निजता की सुरक्षा के लिए बनाई गई हैं। लेकिन ठग इसका गलत इस्तेमाल कर रहे हैं।

शिकायतकर्ता बीएमसी के एक सेवानिवृत्त ठेकेदार हैं। 11 दिसंबर को, जब वे घर पर थे, उन्हें एक व्यक्ति का फोन आया, जिसने खुद को "दिल्ली आतंकवाद विरोधी विभाग (ATD)" का पुलिस अधिकारी बताया। उसने वरिष्ठ नागरिक पर दिल्ली बम धमाकों में शामिल होने का आरोप लगाया और उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित ऑनलाइन पूछताछ के लिए सिग्नल ऐप डाउनलोड करने को कहा।

शिकायतकर्ता ने ऐसा ही किया। इसके बाद उन्हें ऐप पर "ATD" नाम के यूजर से वीडियो कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को पूर्व NIA प्रमुख सदानंद दाते बताया। उसने वरिष्ठ नागरिक पर 7 करोड़ रुपये की अवैध मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगाया और उन्हें "अरेस्ट वारंट" की कॉपी भेजी। ठग ने उन्हें अपने परिवार से इस मामले पर चर्चा करने से भी मना किया।

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